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लालगंज सीएचसी में काम करने वाला फर्जी एक्सरे टेक्नीशियन गिरफ्तार

Wed, 18 May 2022 11:57 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 18 May 2022 11:57 PM IST
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लालगंज कोतवाली क्षेत्र में पकड़ा गया आरोपी। - फोटो : RAIBARAILY
रायबरेली/लालगंज। जाली प्रमाणपत्रों के सहारे सात साल तक लालगंज सीएचसी में एक्सरे टेक्नीशियन की नौकरी करने वाले आरोपी विकास कुमार को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया।
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उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। पुलिस दो साल से उसकी तलाश कर रही थी। वह एटा जिले का रहने वाला है।
लालगंज कोतवाली में तैनात विवेचक दिलीप राय की जांच में आरोपी की ओर से नौकरी के दौरान लगाए गए सभी शैक्षिक और मेडिकल डिप्लोमा प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। इसके बाद पुलिस ने कार्यवाही की।
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विवेचक दिलीप राय के मुताबिक एटा जिले के बागवाला थाना क्षेत्र के खड़ौऊवा गांव निवासी विकास कुमार वर्ष 2008 में स्वास्थ्य विभाग में एक्सरे टेक्नीशियन के पद पर भर्ती हुआ था। 2008 में उसकी पहली पोस्टिंग बलिया जिले के सोनबरसा सीएचसी में हुई थी।
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अगस्त 2013 में आरोपी विकास रायबरेली आया और उसकी तैनाती लालगंज सीएचसी में एक्सरे टेक्नीशियन के रूप में हुई। उसके कारनामे की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को हुई तो उसकी जांच शुरू हो गई।
इसकी जानकारी होते ही आरोपी मार्च 2020 में यहां से फरार हो गया। इस पर तत्कालीन सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजीव गौतम ने आरोपी के खिलाफ लालगंज कोतवाली में धोखाधड़ी से नौकरी हासिल करने का केस दर्ज कराया।
दो साल से वह पकड़ में नहीं आ रहा था। उस पर इनाम घोषित किया गया। बुधवार को तड़के लालगंज सीएचसी गेट के पास से आरोपी को दबोच लिया गया। जांच में उसके सभी शैक्षिक और मेडिकल डिप्लोमा प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए।
सरदार पटेल डेंटल कॉलेज, लखनऊ का मिला प्रमाणपत्र
विवेचक के मुताबिक पकड़े गए आरोपी ने सरदार पटेल डेंटल कॉलेज, लखनऊ से एक्सरे ट्रेनिंग करने का प्रमाणपत्र लगाया था।
इसी तरह यूूपी मेडिकल इंस्टीट्यूट माल एवेन्यू लखनऊ का भी फर्जी डिप्लोमा प्रमाणपत्र बनाकर नौकरी में लगाया था। जब इसकी जांच करने लखनऊ के इन संबंधित अस्पतालों में पहुंचे थे, वहां पर जानकारी दी गई कि उनके यहां से प्रमाणपत्र जारी नहीं किए गए। इसकी जानकारी से हड़कंप मच गया।
स्कूल की नहीं थी मान्यता, बनवा लिया हाईस्कूल का प्रमाणपत्र
विवेचक के मुताबिक आरोपी ने नौकरी में हाईस्कूल को जो प्रमाणपत्र लगाया था, वह श्रीमती राजनश्री इंटर कॉलेज नगला दली जोगामई कलां एटा का था। जब इस बात की जानकारी स्कूल प्रबंधन से की गई तो पता चला कि जिस समय का हाईस्कूूल का प्रमाणपत्र लगाया गया है, उस समय उनके स्कूल को मान्यता तक नहीं मिली थी। फिर कैसे उसने प्रमाणपत्र नौकरी में लगा दिया। विवेचक का कहना है कि सभी शैक्षिक व मेडिकल संबंधी प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं।

फर्जी तरीके से स्वास्थ्य विभाग में नौकरी हासिल करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई गई थी। पकड़ा गया आरोपी एटा जिले का रहने वाला है। गिरफ्तारी न होने पर उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस की जांच में उसके शैक्षिक व मेडिकल संबंधित प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं।
श्लोक कुमार, एसपी
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