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कूट रचित तरीके से सेनानी का बनवाया मृत्यु प्रमाण पत्र, केस
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महराजगंज (रायबरेली)। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की मृत्यु प्रमाण पत्र में कूट रचित और जालसाजी करके मृत्यु की तिथि गलत ढंग से अंकित करा कर म्रत्यु प्रमाण पत्र बनवा लेने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिजन की शिकायत पर घटना को अंजाम देने वाले तीन लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया है।
मामला कोतवाली क्षेत्र के गांव सेनपुर मजरे बावन बुजुर्ग बल्ला का है। यहां पर रहने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गया प्रसाद जायसवाल की मृत्यु दिनांक चार दिसंबर 1998 को हो गई थी। उनके उतराधिकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय से उत्तराधिकार प्रमाण पत्र बनवाया था। उसने मृत्यु की तिथि चार दिसंबर 1998 अंकित है।
शिकायतकर्ता जमुना सागर जायसवाल पुत्र उमाशंकर जायसवाल ने कोतवाली में दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि परिवार के अरुण कुमार पुत्र राम सजीवन व उनके दोनों लड़कों अमित कुमार व विपिन कुमार ने ग्राम पंचायत अधिकारी को फर्जी शपथ पत्र और बयान देकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की मृत्यु की तिथि 4-12-98 से बदलवा कर 4-1-98 करवाकर प्रमाण पत्र हासिल कर दिया।
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इसी के आधार पर ब्लैकमेल करने लगे। पता चलने पर उसने जब तीनों लोगों से संपर्क किया तो गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। एसओ अरुण कुमार सिंह ने कहा कि मामले की विवेचना कर दोषियों को जेल भेजा जाएगा।
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मामला कोतवाली क्षेत्र के गांव सेनपुर मजरे बावन बुजुर्ग बल्ला का है। यहां पर रहने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गया प्रसाद जायसवाल की मृत्यु दिनांक चार दिसंबर 1998 को हो गई थी। उनके उतराधिकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय से उत्तराधिकार प्रमाण पत्र बनवाया था। उसने मृत्यु की तिथि चार दिसंबर 1998 अंकित है।
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शिकायतकर्ता जमुना सागर जायसवाल पुत्र उमाशंकर जायसवाल ने कोतवाली में दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि परिवार के अरुण कुमार पुत्र राम सजीवन व उनके दोनों लड़कों अमित कुमार व विपिन कुमार ने ग्राम पंचायत अधिकारी को फर्जी शपथ पत्र और बयान देकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की मृत्यु की तिथि 4-12-98 से बदलवा कर 4-1-98 करवाकर प्रमाण पत्र हासिल कर दिया।
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इसी के आधार पर ब्लैकमेल करने लगे। पता चलने पर उसने जब तीनों लोगों से संपर्क किया तो गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। एसओ अरुण कुमार सिंह ने कहा कि मामले की विवेचना कर दोषियों को जेल भेजा जाएगा।