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आशा के चयन में फर्जीवाड़ा, 10 माह तक पेमेंट भी
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रायबरेली। सीएचसी हरचंदपुर में आशा बहू के चयन में फर्जीवाड़ा पकड़ में आया है। अस्पताल के अधिकारियों व कर्मचारियों ने फर्जी आशा को 10 महीने तक भुगतान भी दिया। आशंका होने पर सीएचसी अधीक्षक ने मामले को पकड़ा और भुगतान पर रोक लगाने के साथ ही जांच के लिए सीएचसी स्तर पर टीम गठित कर दी।
अधीक्षक की रिपोर्ट पर सीएमओ और अपर निदेशक ने भी जांच के लिए टीमें गठित कर दी हैं। चयन और भुगतान में फर्जीवाड़ा पकड़ में आने के बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। कार्रवाई से बचने के लिए सभी जुगाड़ में जुट गए हैं।
पिछले साल हरचंदपुर सीएचसी में 39 आशा बहुओं का चयन किया गया था लेकिन बीसीपीएम, बीपीएम, आशा संगिनी और नर्स ने सेटिंग करके 40 आशा बहुओं का चयन दिखाकर भुगतान शुरू कर दिया।
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सीएचसी में फर्जीवाड़ा करके मझिगवां हरदोई की प्रभा सिंह को करीब 10 महीने तक भुगतान दिया। बताते हैं कि अक्तूबर 2020 से जुलाई 2021 तक फर्जी आशाबहू को भुगतान किया गया। यहां तक कि हरचंदपुर सीएचसी के स्टाफ ने फर्जी आशा के चयन की रिपोर्ट भी डीएम को भेज दी थी।
आशंका होने पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. शरद कुशवाहा ने प्रपत्रों की जांच कराई तो पता चला कि एक आशा के नाम से फर्जी भुगतान किया जा रहा है। अधीक्षक ने सीएचसी स्तर पर जांच के लिए डॉ. सचिनराज निगम, डॉ. शिवानंद यादव, डॉ. अभिषेक सिंह और राम किशोर की टीम गठित कर दी।
अधीक्षक ने इसकी रिपोर्ट सीएमओ को भी उपलब्ध कराई। सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. पीके बैसवार की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की है। अपर निदेशक ने मंडलीय प्रबंधक को जांच सौंपी है। जांच शुरू होने के बाद संबंधित कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
हरचंदपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. शरद कुशवाहा ने बताया कि स्टाफ ने उन्हें फंसाने की साजिश की थी। आशंका होने पर मामले को पकड़ने के साथ ही उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत कर दी है। जांच के लिए सीएचसी स्तर पर भी टीम बनाई गई है। बिना चयन किए ही जालसाजी करके कई महीने तक फर्जी आशा बहू को भुगतान दिया गया है।
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि हरचंदपुर सीएचसी में फर्जी तरीके से आशा बहू का चयन करके कई महीने तक भुगतान दिया गया। मामला संज्ञान में आने के बाद एसीएमओ डॉ. पीके बैसवार की अध्यक्षता में टीम गठित की है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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अधीक्षक की रिपोर्ट पर सीएमओ और अपर निदेशक ने भी जांच के लिए टीमें गठित कर दी हैं। चयन और भुगतान में फर्जीवाड़ा पकड़ में आने के बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। कार्रवाई से बचने के लिए सभी जुगाड़ में जुट गए हैं।
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पिछले साल हरचंदपुर सीएचसी में 39 आशा बहुओं का चयन किया गया था लेकिन बीसीपीएम, बीपीएम, आशा संगिनी और नर्स ने सेटिंग करके 40 आशा बहुओं का चयन दिखाकर भुगतान शुरू कर दिया।
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सीएचसी में फर्जीवाड़ा करके मझिगवां हरदोई की प्रभा सिंह को करीब 10 महीने तक भुगतान दिया। बताते हैं कि अक्तूबर 2020 से जुलाई 2021 तक फर्जी आशाबहू को भुगतान किया गया। यहां तक कि हरचंदपुर सीएचसी के स्टाफ ने फर्जी आशा के चयन की रिपोर्ट भी डीएम को भेज दी थी।
आशंका होने पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. शरद कुशवाहा ने प्रपत्रों की जांच कराई तो पता चला कि एक आशा के नाम से फर्जी भुगतान किया जा रहा है। अधीक्षक ने सीएचसी स्तर पर जांच के लिए डॉ. सचिनराज निगम, डॉ. शिवानंद यादव, डॉ. अभिषेक सिंह और राम किशोर की टीम गठित कर दी।
अधीक्षक ने इसकी रिपोर्ट सीएमओ को भी उपलब्ध कराई। सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. पीके बैसवार की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की है। अपर निदेशक ने मंडलीय प्रबंधक को जांच सौंपी है। जांच शुरू होने के बाद संबंधित कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
हरचंदपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. शरद कुशवाहा ने बताया कि स्टाफ ने उन्हें फंसाने की साजिश की थी। आशंका होने पर मामले को पकड़ने के साथ ही उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत कर दी है। जांच के लिए सीएचसी स्तर पर भी टीम बनाई गई है। बिना चयन किए ही जालसाजी करके कई महीने तक फर्जी आशा बहू को भुगतान दिया गया है।
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि हरचंदपुर सीएचसी में फर्जी तरीके से आशा बहू का चयन करके कई महीने तक भुगतान दिया गया। मामला संज्ञान में आने के बाद एसीएमओ डॉ. पीके बैसवार की अध्यक्षता में टीम गठित की है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।