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हरचंदपुर हादसे में चार रेलकर्मी दोषी
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लखनऊ रायबरेली रेलखंड के हरचंदपुर रेलवे स्टेशन पर न्यू फरक्का एक्सप्रेस के डिरेलमेंट की जांच पूरी हो गई है। जिसे रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है। रेल संरक्षा आयुक्त ने मामले में चार रेलकर्मियों को दोषी माना है। इस हादसे में पांच यात्रियों की मौत हो गई थी।
रेल संरक्षा आयुक्त एसके पाठक ने जांच रिपोर्ट में इंटरलॉकिंग सिस्टम में दिक्कत के अतिरिक्त लोकेशन बॉक्स से छेड़छाड़ को भी हादसे की वजह माना है। साथ ही स्टेशन मास्टर, सिग्नल इंस्पेक्टर, इलेक्ट्रिक सिग्नल मेंटेनर व लोको पायलट को दुर्घटना का दोषी माना है। जबकि सीनियर डीएसटीई के कामकाज को लेकर भी असंतोष व्यक्त किया है।
बता दें कि अक्तूबर, 2018 में बिहार से दिल्ली जा रही न्यू फरक्का एक्सप्रेस (14003) रायबरेली से लखनऊ के बीच हरचंदपुर स्टेशन पर ट्रेन मेन की जगह लूप लाइन पर चली गई, जिसके बाद इंजन पटरी से उतर गया था। ड्राइवर ने इंजन के ब्रेक लगाए, जबकि ट्रेन को नियंत्रित करने वाले ब्रेक का प्रयोग नहीं किया। इसे भी रिपोर्ट में शामिल किया गया। गाड़ी में एडीएसओ एके शर्मा भी थे और उन्होंने आपदा प्रबंधन का काम किया। जिसके बाद उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक ने मामले की जांच रेल संरक्षा आयुक्त एसके पाठक को सौंपी थी। उन्होंने अपनी रिपोर्ट तैयार कर रेल मंत्रालय को सौंपी है।
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रेल संरक्षा आयुक्त एसके पाठक ने जांच रिपोर्ट में इंटरलॉकिंग सिस्टम में दिक्कत के अतिरिक्त लोकेशन बॉक्स से छेड़छाड़ को भी हादसे की वजह माना है। साथ ही स्टेशन मास्टर, सिग्नल इंस्पेक्टर, इलेक्ट्रिक सिग्नल मेंटेनर व लोको पायलट को दुर्घटना का दोषी माना है। जबकि सीनियर डीएसटीई के कामकाज को लेकर भी असंतोष व्यक्त किया है।
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बता दें कि अक्तूबर, 2018 में बिहार से दिल्ली जा रही न्यू फरक्का एक्सप्रेस (14003) रायबरेली से लखनऊ के बीच हरचंदपुर स्टेशन पर ट्रेन मेन की जगह लूप लाइन पर चली गई, जिसके बाद इंजन पटरी से उतर गया था। ड्राइवर ने इंजन के ब्रेक लगाए, जबकि ट्रेन को नियंत्रित करने वाले ब्रेक का प्रयोग नहीं किया। इसे भी रिपोर्ट में शामिल किया गया। गाड़ी में एडीएसओ एके शर्मा भी थे और उन्होंने आपदा प्रबंधन का काम किया। जिसके बाद उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक ने मामले की जांच रेल संरक्षा आयुक्त एसके पाठक को सौंपी थी। उन्होंने अपनी रिपोर्ट तैयार कर रेल मंत्रालय को सौंपी है।
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