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परिवार के चार लोगों को दस-दस वर्ष की कैद
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 06 Feb 2016 11:49 PM IST
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कोर्ट ने गैर इरादतन हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार लोगों को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। सभी पर 20-20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
यह फैसला शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार ने सुनाया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) गिरिजेश कुमार सिंह के मुताबिक मामले की रिपोर्ट थाना ऊंचाहार के धौरहरा निवासी मेवालाल ने दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के अनुसार 28 मई 2001 को गांव के रामदीन, प्रेम, शंभू और छिटनी चारागाह बनवा रहे थे। वादी को भेजकर प्रधान ने सभी को बुलवाया।
सभी ने वादी को मारना शुरू कर दिया। बचाने आए वादी के भाई शिवलाल को गंभीर चोटें पहुंचाई। बाद में शिवलाल की मौत हो गई।
पुलिस ने विवेचना के बाद सभी चार आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर चारों को गैर इरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं में दोष सिद्ध कर सजा सुनाई।
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यह फैसला शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार ने सुनाया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) गिरिजेश कुमार सिंह के मुताबिक मामले की रिपोर्ट थाना ऊंचाहार के धौरहरा निवासी मेवालाल ने दर्ज कराई थी।
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रिपोर्ट के अनुसार 28 मई 2001 को गांव के रामदीन, प्रेम, शंभू और छिटनी चारागाह बनवा रहे थे। वादी को भेजकर प्रधान ने सभी को बुलवाया।
सभी ने वादी को मारना शुरू कर दिया। बचाने आए वादी के भाई शिवलाल को गंभीर चोटें पहुंचाई। बाद में शिवलाल की मौत हो गई।
पुलिस ने विवेचना के बाद सभी चार आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर चारों को गैर इरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं में दोष सिद्ध कर सजा सुनाई।
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