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पांच किमी. के भीतर होंगे बालिकाओं के केंद्र
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 19 Oct 2015 11:37 PM IST
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इस बार अनंतिम सूची में 130 स्कूल शामिल हो सकते हैं। पिछले साल परीक्षा केंद्र बनाए गए 29 स्कूलों को झटका लग सकता है। शासन ने नई केंद्र निर्धारण नीति भी जारी कर दी है।
बालिकाओं को पांच किलोमीटर से दूर परीक्षा देने नहीं भेजा जा सकेगा, जबकि हाईस्कूल के परीक्षार्थियों को आठ किलोमीटर की परिधि में ही रखा जाएगा। इसके अलावा केंद्र बनाने के मानक भी तय कर दिए हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बोर्ड परीक्षा केंद्रों के निर्धारण की जिम्मेदारी फिर डीआईओएस को सौंप दी है। वर्ष 2010 में बनाई गई केंद्र निर्धारण नीति से पांच साल बोर्ड परीक्षा कराई गई, लेकिन इस साल केंद्रों के निर्धारण के लिए नई नीति जारी करके केंद्रों की सूची तैयार करने के आदेश दिए गए हैं।
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पिछले साल छात्रों को 15 से 20 किलोमीटर दूर परीक्षा देने के लिए जाना पड़ा था। इस बार इंटरमीडिएट के छात्रों को 12 किलोमीटर और हाईस्कूल के परीक्षार्थियों को आठ किलोमीटर की परिधि के अंदर ही केंद्र आवंटित करना है।
ऐसा न करने पर अफसरों पर कार्रवाई हो सकती है। वित्तविहीन स्कूलों के परीक्षार्थियों का आवंटन वित्तविहीन स्कूल में नहीं किया जाएगा। छात्राओं के लिए स्वकेंद्र प्रणाली इस बार भी लागू की गई।
लेकिन जिस स्कूल को केंद्र नहीं बनाया जाएगा, उस केंद्र की छात्राओं को दूसरे स्कूलों में परीक्षा देने के लिए जाना होगा। इसके लिए मात्र पांच किलोमीटर की परिधि के अंदर की छात्राओं को परीक्षा केंद्र आवंटित करने के आदेश दिए गए हैं।
यदि पांच किलोमीटर की परिधि में परीक्षा केंद्र नहीं है तो छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 100 स्टूडेंट्स की संख्या वाले स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाया जा सकता है।
पिछले साल 159 केंद्रों पर परीक्षा हुई थी, लेकिन इस बार अनंतिम सूची में 130 स्कूल ही शामिल हो सकते हैं। नई नीति के अनुसार एक परीक्षा केंद्र पर कम से कम 300 परीक्षार्थियों का आवंटन होगा।
अधिकतम 1200 परीक्षार्थी एक केंद्र पर परीक्षा देंगे। मानकों को पूरा न करने वाले स्कूलों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। उसी स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा, जहां बाउंड्रीवाल होगी और गेट लगा होगा। इस बिंदु को प्राथमिकता पर रखने के आदेश दिए गए हैं।
डीआईओएस विनय मोहन ने बताया कि बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्रों के निर्धारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नई केंद्र निर्धारण नीति से केंद्र बनाए जा रहे हैं। इसमें निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है।
25 अक्तूबर को अनंतिम सूची जारी की जाएगी। अब तक 130 स्कूलों को चिह्नित किया गया है। प्रत्यावेदन आने के बाद जांच कराई जाएगी। मानक के अनुसार मिलने के बाद संख्या बढ़ाई जाएगी।
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बालिकाओं को पांच किलोमीटर से दूर परीक्षा देने नहीं भेजा जा सकेगा, जबकि हाईस्कूल के परीक्षार्थियों को आठ किलोमीटर की परिधि में ही रखा जाएगा। इसके अलावा केंद्र बनाने के मानक भी तय कर दिए हैं।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बोर्ड परीक्षा केंद्रों के निर्धारण की जिम्मेदारी फिर डीआईओएस को सौंप दी है। वर्ष 2010 में बनाई गई केंद्र निर्धारण नीति से पांच साल बोर्ड परीक्षा कराई गई, लेकिन इस साल केंद्रों के निर्धारण के लिए नई नीति जारी करके केंद्रों की सूची तैयार करने के आदेश दिए गए हैं।
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पिछले साल छात्रों को 15 से 20 किलोमीटर दूर परीक्षा देने के लिए जाना पड़ा था। इस बार इंटरमीडिएट के छात्रों को 12 किलोमीटर और हाईस्कूल के परीक्षार्थियों को आठ किलोमीटर की परिधि के अंदर ही केंद्र आवंटित करना है।
ऐसा न करने पर अफसरों पर कार्रवाई हो सकती है। वित्तविहीन स्कूलों के परीक्षार्थियों का आवंटन वित्तविहीन स्कूल में नहीं किया जाएगा। छात्राओं के लिए स्वकेंद्र प्रणाली इस बार भी लागू की गई।
लेकिन जिस स्कूल को केंद्र नहीं बनाया जाएगा, उस केंद्र की छात्राओं को दूसरे स्कूलों में परीक्षा देने के लिए जाना होगा। इसके लिए मात्र पांच किलोमीटर की परिधि के अंदर की छात्राओं को परीक्षा केंद्र आवंटित करने के आदेश दिए गए हैं।
यदि पांच किलोमीटर की परिधि में परीक्षा केंद्र नहीं है तो छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 100 स्टूडेंट्स की संख्या वाले स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाया जा सकता है।
पिछले साल 159 केंद्रों पर परीक्षा हुई थी, लेकिन इस बार अनंतिम सूची में 130 स्कूल ही शामिल हो सकते हैं। नई नीति के अनुसार एक परीक्षा केंद्र पर कम से कम 300 परीक्षार्थियों का आवंटन होगा।
अधिकतम 1200 परीक्षार्थी एक केंद्र पर परीक्षा देंगे। मानकों को पूरा न करने वाले स्कूलों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। उसी स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा, जहां बाउंड्रीवाल होगी और गेट लगा होगा। इस बिंदु को प्राथमिकता पर रखने के आदेश दिए गए हैं।
डीआईओएस विनय मोहन ने बताया कि बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्रों के निर्धारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नई केंद्र निर्धारण नीति से केंद्र बनाए जा रहे हैं। इसमें निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है।
25 अक्तूबर को अनंतिम सूची जारी की जाएगी। अब तक 130 स्कूलों को चिह्नित किया गया है। प्रत्यावेदन आने के बाद जांच कराई जाएगी। मानक के अनुसार मिलने के बाद संख्या बढ़ाई जाएगी।