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Raebareli News: एईएस की चपेट में आए पांच बच्चे

Thu, 02 Oct 2025 12:56 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली Updated Thu, 02 Oct 2025 12:56 AM IST
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Five children affected by AES
जिला अस्पताल की इमरेजेंसी में गंभीर मरीज को देखते सीएमएस डॉ. पुष्पेंद्र कुमार व चिकित्सकों की ट
रायबरेली। जिले में एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) का कहर बढ़ गया है। जिला अस्पताल की प्रयोगशाला में हुई जांच में पता चला कि पांच बच्चे भी इसकी चपेट में आ गए हैं। जिले में अब तक एईएस के 21 मरीज मिल चुके हैं।
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बुधवार को बुखार व डायरिया के 22 मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उधर, गांवों में बुखार से ग्रसित मिले 310 लोगों को सीएचसी में इलाज कराने की सलाह दी गई। जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे सीएमएस डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने मरीजों के इलाज के संबंध में जानकारी ली।
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जिला अस्पताल की प्रयोगशाला की जांच में बछरावां क्षेत्र के हसनगंज निवासी शंकर (11), सलोन के कटेह गांव निवासी मोहम्मद हुसैन (8), जगतपुर क्षेत्र के खजुरी निवासी प्रिंस (10), अमावां क्षेत्र के शंकरगंज डिडौली निवासी रौनक (5) व सदर क्षेत्र के जतुआटप्पा निवासी रीतेश (6) एईएस से संक्रमित मिले।
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इन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराने के बाद जांच की गई। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजों के घर जाकर जांच की। दवा के छिड़काव के साथ ही लोगों को मच्छरों से बचने की सलाह दी। जिला मलेरिया अधिकारी रमेशचंद्र यादव ने बताया कि सभी बच्चे स्वस्थ हैं।

उधर, गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने बुखार के मरीजों को चिह्नित करने के लिए अभियान चलाया। इसमें 310 लोग बुखार से ग्रसित मिले। मरीजों को नजदीक के अस्पताल के लिए रेफर किया गया।

बुधवार को बुखार ओर डायरिया के चपेट में आने के बाद जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे मोहनलाल (48), रजनी (20), शिखा (23), सोनी (32), रिचा (7), रंगनाथ (47), आशा (60), सूरज (4), नीतीश (7) आदि मरीजों को भर्ती करके इलाज शुरू किया गया।
g एईएस रोग से बचाव : जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना ने बताया कि इस बीमारी से ग्रस्त व्यक्तियों के संपर्क में आने वाले बर्तनों व खाद्य पदार्थों की साझेदारी नहीं करनी चाहिए।


बच्चों को मच्छरों से दूर रखने वाली क्रीम व स्प्रे का इस्तेमाल करें। बच्चों के सिर में सूजन, उल्टी के लक्षण के साथ शरीर में अकड़न, लगातार रोना, हमेशा सोते रहना, भूख न लगना व चिड़चिड़ापन जैसे लक्षण दिखे दें तो नजदीकी अस्पताल में चिकित्सक की सलाह लें।
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