{"_id":"68852f9483c9f2a2e305e17c","slug":"feeders-could-not-be-made-for-tube-wells-raebareli-news-c-101-1-slko1032-137856-2025-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raebareli News: नलकूपों के लिए नहीं बन सके फीडर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raebareli News: नलकूपों के लिए नहीं बन सके फीडर
Sun, 27 Jul 2025 01:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 27 Jul 2025 01:12 AM IST
विज्ञापन
रायबरेली। जिले में लो वोल्टेज की समस्या से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। बारिश सही से न होने से नलकूपों के चलने से लोड बढ़ गया है। इस समस्या से राहत दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) शुरू की है। योजना के तहत नलकूप उपभोक्ताओं के लिए अलग से फीडर बनाए जाने हैं, लेकिन अब तक एक तिहाई भी काम नहीं हो पाया है।
जिले में 22 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। हर विद्युत उपकेंद्र में जरूरत के हिसाब से 70 फीडर बनाए जाने हैं। इनके बनने से गांवों और कस्बों के फीडर अलग हो जाएंगे। पहले चरण में 28 फीडरों का निर्माण कराया जाना है। यह काम अगस्त तक पूरा होना है। इन फीडरों के निर्माण में करीब 52 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। अब तक पांच फीडर बनाए जाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन फीडराें पर नलकूपाें का लोड नहीं डाला गया है। इससे लो वोल्टेज की समस्या बरकरार है।
दूसरे चरण में 42 नलकूप फीडर बनाए जाने हैं। इनके निर्माण में 64 करोड़ रुपये खर्च होने हैं, लेकिन जिस तरह से कार्यदायी एजेंसियां काम करा रही हैं, उससे लगता है कि तय समय में फीडर बनाने का काम पूरा नहीं हो पाएगा।
विज्ञापन
काम में तेजी लाने के दिए गए निर्देश
बारिश न होने से बिजली की मांग बढ़ी है। सबसे ज्यादा लोड नलकूपों के चलने से बढ़ा है। इस समस्या से राहत दिलाने के लिए 70 नलकूप फीडर बनाए जाने हैं। काम तेजी से कराने के लिए कार्यदायी एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं।
-मुकेश कुमार, अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल द्वितीय
विज्ञापन
जिले में 22 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। हर विद्युत उपकेंद्र में जरूरत के हिसाब से 70 फीडर बनाए जाने हैं। इनके बनने से गांवों और कस्बों के फीडर अलग हो जाएंगे। पहले चरण में 28 फीडरों का निर्माण कराया जाना है। यह काम अगस्त तक पूरा होना है। इन फीडरों के निर्माण में करीब 52 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। अब तक पांच फीडर बनाए जाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन फीडराें पर नलकूपाें का लोड नहीं डाला गया है। इससे लो वोल्टेज की समस्या बरकरार है।
विज्ञापन
दूसरे चरण में 42 नलकूप फीडर बनाए जाने हैं। इनके निर्माण में 64 करोड़ रुपये खर्च होने हैं, लेकिन जिस तरह से कार्यदायी एजेंसियां काम करा रही हैं, उससे लगता है कि तय समय में फीडर बनाने का काम पूरा नहीं हो पाएगा।
विज्ञापन
काम में तेजी लाने के दिए गए निर्देश
बारिश न होने से बिजली की मांग बढ़ी है। सबसे ज्यादा लोड नलकूपों के चलने से बढ़ा है। इस समस्या से राहत दिलाने के लिए 70 नलकूप फीडर बनाए जाने हैं। काम तेजी से कराने के लिए कार्यदायी एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं।
-मुकेश कुमार, अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल द्वितीय