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Raebareli News: खाद के लिए किसानों को बहना पड़ रहा पसीना
Mon, 25 Aug 2025 01:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Mon, 25 Aug 2025 01:03 AM IST
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परशदेपुर। धान की रोपाई के समय से खाद की किल्लत बनी रही, जो अभी तक खत्म नहीं हो सकी है। पहले डीएपी के लिए किसान परेशान रहे तो अब यूरिया के लिए किसानों को भटकना पड़ रहा है। तेज धूप में लाइन में खड़े होकर किसान खाद ले रहे हैं।
जिन समितियों में खाद नहीं है, वहां के किसान खाद की दुकानों से महंगी खाद खरीदने को मजबूर हैं। निजी खाद की दुकानों का हाल यह है कि यूरिया के साथ जिंक और सल्फर को भी बेचा जा रहा है। क्षेत्र में खाद आने की सूचना मिलते ही साधन सहकारी समिति पर किसानों की लंबी लाइन लग जाती है। किसान तेज धूप में खाद के लिए पसीना बहा रहे हैं।
समिति पर पहुंचे दुबे का पुरवा गांव निवासी किसान राजाराम सुबह दस बजे से लाइन में लगे रहे। लगभग दो घंटे बाद नंबर आया और दो बोरी यूरिया मिली। पसीने से लथपथ राजाराम ने बताया कि 270 रुपये की एक बोरी यूरिया खाद दी जा रही, जबकि इसकी कीमत 266.50 रुपये है। आशा रसीदपुर गांव निवासी शिवशब्द तिवारी ने भी बताया कि दो बोरी यूरिया खाद के लिए 540 रुपये लिया गया।
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साधन सहकारी समिति पदमनपुर बिजौली के सचिव संजय तिवारी ने बताया कि 500 बोरी यूरिया की रैक आई है। सभी किसानों को टोकन के हिसाब से दिया जा रहा है। 266.50 रुपये की एक बोरी यूरिया है। किसी के पास फुटकर नहीं रहा होगा तो 270 रुपये की खाद की बोरी दी गई होगी।
इन समितियों में नहीं है खाद
परशदेपुर क्षेत्र के साधन सहकारी समिति संसारी अहोरारामपुर,साधन सहकारी समिति बारा प्रथम व सहकारी संघ परशदेपुर में यूरिया नहीं है। इससे किसान समिति पर पहुंचने के बाद लौट रहे हैं। सचिव विश्वनाथ तिवारी ने बताया कि 500-500 बोरी यूरिया की डिमांड को भेजी गई है। रैक आने के बाद किसानों को खाद का वितरण किया जाएगा।
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जिन समितियों में खाद नहीं है, वहां के किसान खाद की दुकानों से महंगी खाद खरीदने को मजबूर हैं। निजी खाद की दुकानों का हाल यह है कि यूरिया के साथ जिंक और सल्फर को भी बेचा जा रहा है। क्षेत्र में खाद आने की सूचना मिलते ही साधन सहकारी समिति पर किसानों की लंबी लाइन लग जाती है। किसान तेज धूप में खाद के लिए पसीना बहा रहे हैं।
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समिति पर पहुंचे दुबे का पुरवा गांव निवासी किसान राजाराम सुबह दस बजे से लाइन में लगे रहे। लगभग दो घंटे बाद नंबर आया और दो बोरी यूरिया मिली। पसीने से लथपथ राजाराम ने बताया कि 270 रुपये की एक बोरी यूरिया खाद दी जा रही, जबकि इसकी कीमत 266.50 रुपये है। आशा रसीदपुर गांव निवासी शिवशब्द तिवारी ने भी बताया कि दो बोरी यूरिया खाद के लिए 540 रुपये लिया गया।
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साधन सहकारी समिति पदमनपुर बिजौली के सचिव संजय तिवारी ने बताया कि 500 बोरी यूरिया की रैक आई है। सभी किसानों को टोकन के हिसाब से दिया जा रहा है। 266.50 रुपये की एक बोरी यूरिया है। किसी के पास फुटकर नहीं रहा होगा तो 270 रुपये की खाद की बोरी दी गई होगी।
इन समितियों में नहीं है खाद
परशदेपुर क्षेत्र के साधन सहकारी समिति संसारी अहोरारामपुर,साधन सहकारी समिति बारा प्रथम व सहकारी संघ परशदेपुर में यूरिया नहीं है। इससे किसान समिति पर पहुंचने के बाद लौट रहे हैं। सचिव विश्वनाथ तिवारी ने बताया कि 500-500 बोरी यूरिया की डिमांड को भेजी गई है। रैक आने के बाद किसानों को खाद का वितरण किया जाएगा।