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जिला अस्पताल में पकड़ा गया फर्जी फार्मासिस्ट
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Fri, 14 Oct 2016 12:20 AM IST
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पीटा
- फोटो : अमर उजाला
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जिला अस्पताल की इमरजेंसी में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों के संरक्षण में बाहरी लोग और निजी फार्मासिस्ट मरीजों को लूट रहे हैं। तीमारदारों ने एक फर्जी फार्मासिस्ट को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी।
इससे वहां पर हड़कंप मच गया। इसकी पोल खुलने के बाद मामले की कार्रवाई की बजाय इमरजेंसी के डॉक्टर और अस्पताल प्रशासन मामले को दबाने में जुट गया है। बताते हैं कि 10 अक्तूबर की देर रात इमरजेंसी में एक फर्जी फार्मासिस्ट ने इलाज कराने आए एक रोगी को बाहर की दवा लिख दी।
मेडिकल स्टोर से दवा लाने के बाद तीमारदार उसे डॉक्टर को दिखाने पहुंचे। डॉक्टर ने यह कहकर दवाएं लौटा दी कि यह उन्होेंने लिखी ही नहीं। इसके बाद तीमारदारों का पारा चढ़ गया। लोगों ने उस फार्मासिस्ट को पकड़ कर लिया और जमकर पिटाई कर दी।
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पूछताछ में पता चला कि जिस फार्मासिस्ट ने दवाएं लिखी थी वह अस्पताल का कर्मचारी नहीं है, बल्कि कुछ दिन पहले यहां बी फार्मा की ट्रेनिंग ले रहा था। फर्जी फार्मासिस्ट की पिटाई से चिकित्सकों के होश उड़ गए। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों ने उस फार्मासिस्ट को लोगों से छुड़ा कर वहां से भगा दिया।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव ने बताया कि इमरजेंसी में एक बाहरी व्यक्ति ने रोगी को बाहर की दवाएं लिख दी थी। डॉक्टर ने दवाएं देखी तो उस व्यक्ति को पकड़ा गया। पूछताछ में पता चला कि जिस व्यक्ति ने दवाएं लिखी थी।
वह जिला अस्पताल में बी फार्मा की ट्रेनिंग ले रहा था। अब ट्रेनिंग पूरी होने के बाद भी बीच-बीच में आकर रोगियों को बाहर की दवाएं लिखता है। मामले में लिखित शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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इससे वहां पर हड़कंप मच गया। इसकी पोल खुलने के बाद मामले की कार्रवाई की बजाय इमरजेंसी के डॉक्टर और अस्पताल प्रशासन मामले को दबाने में जुट गया है। बताते हैं कि 10 अक्तूबर की देर रात इमरजेंसी में एक फर्जी फार्मासिस्ट ने इलाज कराने आए एक रोगी को बाहर की दवा लिख दी।
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मेडिकल स्टोर से दवा लाने के बाद तीमारदार उसे डॉक्टर को दिखाने पहुंचे। डॉक्टर ने यह कहकर दवाएं लौटा दी कि यह उन्होेंने लिखी ही नहीं। इसके बाद तीमारदारों का पारा चढ़ गया। लोगों ने उस फार्मासिस्ट को पकड़ कर लिया और जमकर पिटाई कर दी।
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पूछताछ में पता चला कि जिस फार्मासिस्ट ने दवाएं लिखी थी वह अस्पताल का कर्मचारी नहीं है, बल्कि कुछ दिन पहले यहां बी फार्मा की ट्रेनिंग ले रहा था। फर्जी फार्मासिस्ट की पिटाई से चिकित्सकों के होश उड़ गए। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों ने उस फार्मासिस्ट को लोगों से छुड़ा कर वहां से भगा दिया।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव ने बताया कि इमरजेंसी में एक बाहरी व्यक्ति ने रोगी को बाहर की दवाएं लिख दी थी। डॉक्टर ने दवाएं देखी तो उस व्यक्ति को पकड़ा गया। पूछताछ में पता चला कि जिस व्यक्ति ने दवाएं लिखी थी।
वह जिला अस्पताल में बी फार्मा की ट्रेनिंग ले रहा था। अब ट्रेनिंग पूरी होने के बाद भी बीच-बीच में आकर रोगियों को बाहर की दवाएं लिखता है। मामले में लिखित शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।