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आबकारी अधिकारी के खिलाफ जांच शुरू
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Wed, 30 Mar 2016 11:27 PM IST
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जिला आबकारी अधिकारी एके वर्मा पर रिश्वत मांगने के आरोप की जांच कोर्ट के आदेश पर शुरू हो गई है। वॉयस टेस्ट के लिए सीडी को प्रयोगशाला भेजा गया है। डीएम को 26 अप्रैल को हाईकोर्ट में मामले में जवाब देना है।
जिले के पश्चिमगांव व शिवगढ़ में मां पुष्पा तिवारी के नाम सुखेंद्र तिवारी ने देशी शराब की दुकानों का ठेका लिया था। आरोप है कि हर महीने वसूली में रुपये न देने पर जिला आबकारी अधिकारी ने आबकारी निरीक्षण बीके पांडेय के माध्यम से दबाव बनाया।
मामले में दुकान के मालिक के खिलाफ केस भी दर्ज कराया गया। 27 जनवरी को दुकान का स्टॉक लेने के लिए आबकारी अधिकारी ने सुखेंद्र को अपने कार्यालय बुलाकर रिश्वत की मांग की। सुखेंद्र ने अपने मोबाइल से जिला आबकारी अधिकारी से हुई बात को रिकॉर्ड कर लिया।
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विभाग से शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने हाईकोेर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने डीएम को मामले की जांच कराकर 26 अप्रैल तक रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। डीएम ने वॉयस रिकॉर्ड की सीडी को जांच के लिए भेजा है। रिपोर्ट आते ही कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी सूर्यपाल सिंह गंगवार ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर वॉइस रिकॉर्ड की सीडी को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आते ही मामले में कार्रवाई की जाएगी। दोषी मिलने पर जिला आबकारी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
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जिले के पश्चिमगांव व शिवगढ़ में मां पुष्पा तिवारी के नाम सुखेंद्र तिवारी ने देशी शराब की दुकानों का ठेका लिया था। आरोप है कि हर महीने वसूली में रुपये न देने पर जिला आबकारी अधिकारी ने आबकारी निरीक्षण बीके पांडेय के माध्यम से दबाव बनाया।
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मामले में दुकान के मालिक के खिलाफ केस भी दर्ज कराया गया। 27 जनवरी को दुकान का स्टॉक लेने के लिए आबकारी अधिकारी ने सुखेंद्र को अपने कार्यालय बुलाकर रिश्वत की मांग की। सुखेंद्र ने अपने मोबाइल से जिला आबकारी अधिकारी से हुई बात को रिकॉर्ड कर लिया।
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विभाग से शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने हाईकोेर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने डीएम को मामले की जांच कराकर 26 अप्रैल तक रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। डीएम ने वॉयस रिकॉर्ड की सीडी को जांच के लिए भेजा है। रिपोर्ट आते ही कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी सूर्यपाल सिंह गंगवार ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर वॉइस रिकॉर्ड की सीडी को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आते ही मामले में कार्रवाई की जाएगी। दोषी मिलने पर जिला आबकारी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।