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पीईटी के अभ्यर्थियों की भीड़ ने थामी रफ्तार, पौन घंटे खड़ी रही पंजाब मेल
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रेलवे स्टेशन पर पंजाब मेल पर चढ़ने के लिए लगी भीड़।
- फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) के लिए दूसरे जिलों से आए अभ्यर्थियों की भीड़ ने जिले में ट्रेनों की रफ्तार धीमी कर दी। यही वजह रही कि पंजाब मेल को पौन घंटे तक रेलवे स्टेशन पर रोकना पड़ा।
ट्रेन को चलाने की कोशिश की गई तो कई बार चेन पुलिंग करके रोक दिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर आरपीएफ, जीआरपी के साथ सिविल पुलिस तैनात जरूर रही, लेकिन अभ्यर्थियों की भीड़ के आगे सुरक्षा व्यवस्था कम नजर आई। यही वजह है कि अभ्यर्थी बेरोकटोक ट्रैक पार करते रहे। बीच में खड़ी मालगाड़ी पर चढ़कर प्लेटफार्म बदलते नजर आए। इससे हादसे की आशंका बनी रही।
पीईटी देने के लिए जिले में वाराणसी से ज्यादातर अभ्यर्थी आए थे। शुक्रवार रात से ही अभ्यर्थियों के यहां पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। शहर के होटलों और धर्मशाला में जगह न मिल पाने के कारण ट्रेन से आए अभ्यर्थी रेलवे स्टेशन परिसर पर ही ठहर गए।
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यही हाल दूसरी पाली की परीक्षा देने के लिए आए अभ्यर्थियों का भी रहा। पहली पाली की परीक्षा छूटने से पहले रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर ली गई थी। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी पहुंच गए। रेलवे स्टाफ मुस्तैद हो गया। अमृतसर से हावड़ा जा रही गाड़ी संख्या 13006 पंजाब मेल करीब सवा घंटे लेट रही, जिससे वाराणसी लौटने वाले अभ्यर्थियों की भीड़ इसी ट्रेन पर टूट पड़ी।
भीड़ बहुत अधिक थी, जिससे अफरातफरी का माहौल रहा। पैदल पुल ही नहीं, बीच में खड़ी मालगाड़ी के ऊपर चढ़कर भी अभ्यर्थियों ने प्लेटफार्म बदले। पांच मिनट के स्टॉपेज वाली गाड़ी को करीब पौन घंटे तक रोकना पड़ा। गाड़ी को कई बार चलाने की कोशिश की गई, लेकिन उसे बार-बार रोका जाता रहा।
पंजाब मेल के जाने के बाद वाराणसी के लिए ट्रेन नंबर-15108 लखनऊ-वाराणसी एक्सप्रेस लगभग डेढ़ घंटे और ट्रेन नंबर-13168 आगरा कैंट-कोलकाता एक्सप्रेस करीब एक घंटे की देरी से पहुंची, लेकिन तब तक भीड़ काफी कम हो चुकी थी। स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि भीड़ अधिक थी। पंजाब मेल में कई बार चेन पुलिंग हुई।
बस स्टेशन पर भी मजमा, केंद्रों के बाहर लगाई बसें
अभ्यर्थियों की भीड़ बस स्टेशन पर भी काफी नजर आई। जैसे-जैसे बसें मिलती गईं, अभ्यर्थी अपने घरों को लौटते रहे। कई परीक्षा केंद्रों के आसपास भी बसें लगाई गईं, ताकि बस स्टेशन पर ज्यादा भीड़ न रहे और अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते ही बस में सवार होकर चले जाएं। वाराणसी जाने वाले काफी यात्रियों को इंतजार करना पड़ा, जिस पर उन्होंने बस स्टेशन परिसर में ही डेरा जमाए रखा। फतेहपुर जाने वाले इस जिले के अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए तड़के से बसें चलानी शुरू कर दी गईं, ताकि वे समय से परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकें। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एमएल केसरवानी नेे बताया कि अभ्यर्थियों की भीड़ को देखते हुए सभी प्रमुख रूटों पर बसों की व्यवस्था रही। त्रिपुला, रतापुर और सिविल लाइन पर भी कर्मचारी तैनात रहे।
अभ्यर्थियों को आने-जाने में खूब आई दिक्कतें
परीक्षा में भले ही उतनी कठिनाई नहीं हुई, जितनी कि परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में। वाराणसी से आए अभ्यर्थियों को काफी असुविधा हुई। परीक्षा छूटने न पाए, इसलिए काफी लोग रात में ही आ गए थे। श्वेता सिंह और काजल ने बताया कि समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने को लेकर काफी तनाव था, लेकिन परीक्षा देकर सुकून मिला। वापसी में बस का इंतजार करना पड़ा। ईश्वर प्रताप और अनिरुद्ध शर्मा ने कहा कि पहली पाली में परीक्षा थी, इसलिए रात में ही आ गए थे। इधर-उधर टहल कर समय बिताया, फिर परीक्षा देकर घर लौट रहे हैं। आशीष और रवि मौर्य ने बताया कि ट्रेन से आया था, इसलिए रात यहीं पर गुजारी। अब लौटने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
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ट्रेन को चलाने की कोशिश की गई तो कई बार चेन पुलिंग करके रोक दिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर आरपीएफ, जीआरपी के साथ सिविल पुलिस तैनात जरूर रही, लेकिन अभ्यर्थियों की भीड़ के आगे सुरक्षा व्यवस्था कम नजर आई। यही वजह है कि अभ्यर्थी बेरोकटोक ट्रैक पार करते रहे। बीच में खड़ी मालगाड़ी पर चढ़कर प्लेटफार्म बदलते नजर आए। इससे हादसे की आशंका बनी रही।
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पीईटी देने के लिए जिले में वाराणसी से ज्यादातर अभ्यर्थी आए थे। शुक्रवार रात से ही अभ्यर्थियों के यहां पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। शहर के होटलों और धर्मशाला में जगह न मिल पाने के कारण ट्रेन से आए अभ्यर्थी रेलवे स्टेशन परिसर पर ही ठहर गए।
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यही हाल दूसरी पाली की परीक्षा देने के लिए आए अभ्यर्थियों का भी रहा। पहली पाली की परीक्षा छूटने से पहले रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर ली गई थी। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी पहुंच गए। रेलवे स्टाफ मुस्तैद हो गया। अमृतसर से हावड़ा जा रही गाड़ी संख्या 13006 पंजाब मेल करीब सवा घंटे लेट रही, जिससे वाराणसी लौटने वाले अभ्यर्थियों की भीड़ इसी ट्रेन पर टूट पड़ी।
भीड़ बहुत अधिक थी, जिससे अफरातफरी का माहौल रहा। पैदल पुल ही नहीं, बीच में खड़ी मालगाड़ी के ऊपर चढ़कर भी अभ्यर्थियों ने प्लेटफार्म बदले। पांच मिनट के स्टॉपेज वाली गाड़ी को करीब पौन घंटे तक रोकना पड़ा। गाड़ी को कई बार चलाने की कोशिश की गई, लेकिन उसे बार-बार रोका जाता रहा।
पंजाब मेल के जाने के बाद वाराणसी के लिए ट्रेन नंबर-15108 लखनऊ-वाराणसी एक्सप्रेस लगभग डेढ़ घंटे और ट्रेन नंबर-13168 आगरा कैंट-कोलकाता एक्सप्रेस करीब एक घंटे की देरी से पहुंची, लेकिन तब तक भीड़ काफी कम हो चुकी थी। स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि भीड़ अधिक थी। पंजाब मेल में कई बार चेन पुलिंग हुई।
बस स्टेशन पर भी मजमा, केंद्रों के बाहर लगाई बसें
अभ्यर्थियों की भीड़ बस स्टेशन पर भी काफी नजर आई। जैसे-जैसे बसें मिलती गईं, अभ्यर्थी अपने घरों को लौटते रहे। कई परीक्षा केंद्रों के आसपास भी बसें लगाई गईं, ताकि बस स्टेशन पर ज्यादा भीड़ न रहे और अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते ही बस में सवार होकर चले जाएं। वाराणसी जाने वाले काफी यात्रियों को इंतजार करना पड़ा, जिस पर उन्होंने बस स्टेशन परिसर में ही डेरा जमाए रखा। फतेहपुर जाने वाले इस जिले के अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए तड़के से बसें चलानी शुरू कर दी गईं, ताकि वे समय से परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकें। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एमएल केसरवानी नेे बताया कि अभ्यर्थियों की भीड़ को देखते हुए सभी प्रमुख रूटों पर बसों की व्यवस्था रही। त्रिपुला, रतापुर और सिविल लाइन पर भी कर्मचारी तैनात रहे।
अभ्यर्थियों को आने-जाने में खूब आई दिक्कतें
परीक्षा में भले ही उतनी कठिनाई नहीं हुई, जितनी कि परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में। वाराणसी से आए अभ्यर्थियों को काफी असुविधा हुई। परीक्षा छूटने न पाए, इसलिए काफी लोग रात में ही आ गए थे। श्वेता सिंह और काजल ने बताया कि समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने को लेकर काफी तनाव था, लेकिन परीक्षा देकर सुकून मिला। वापसी में बस का इंतजार करना पड़ा। ईश्वर प्रताप और अनिरुद्ध शर्मा ने कहा कि पहली पाली में परीक्षा थी, इसलिए रात में ही आ गए थे। इधर-उधर टहल कर समय बिताया, फिर परीक्षा देकर घर लौट रहे हैं। आशीष और रवि मौर्य ने बताया कि ट्रेन से आया था, इसलिए रात यहीं पर गुजारी। अब लौटने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।