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तीन साल में भी 157 गांवों पर नहीं लगी पीएम आदर्श गांव की मुहर

Thu, 03 Mar 2022 11:59 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Mar 2022 11:59 PM IST
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Even in three years, 157 villages did not get the seal of PM Adarsh village
रायबरेली। कांग्रेस अध्यक्ष व सांसद सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र के 157 गांवों को प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम की मोहर लगने का इंतजार है। तीन साल से इन्हें आदर्श बनाने का प्रयास चल रहा है, लेकिन बजट के अभाव में ऐसा नहीं हो पा रहा है।
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शासन से प्रत्येक गांव को 20-20 लाख रुपये मिलने थे, लेकिन वर्ष 2019 में चुने गए 20 गांवों को भी अब तक फूटी कौड़ी भी नहीं मिली है। गांवों को आदर्श बनाने के लिए विलेज डेवलपमेंट प्रोग्राम (वीडीपी) तैयार करकेे शासन को भेजा जा चुका है।
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शुरूआत में सांसदों ने एक-एक गांव को गोद लेकर आदर्श बनाने का काम किया था। पूर्व में सांसद सोनिया गांधी ने जगतपुर ब्लॉक के उडंवा, अमेठी के सांसद रहे राहुल गांधी ने डीह क्षेत्र के जगदीशपुर और राज्यसभा सदस्य रहे कैप्टन सतीश शर्मा ने सरेनी ब्लॉक के सरेनी गांव को गोद लेकर आदर्श बनाया था। वर्ष 2019 में शासन ने प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना संचालित की।
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पहले चरण में जिले के 50 प्रतिशत से अधिक दलित आबादी वाले बछरावां ब्लॉक के बहादुरनगर, बन्नावां, जींगो, कन्नावां, कुंडौली, कसरावां, रानीखेड़ा, तिलेंडा, छतोह ब्लॉक के बेढ़ौना, शिवगढ़ ब्लॉक के देहली, सिवली, सूरजपुर, खीरों ब्लॉक के डुमटहर, डलमऊ ब्लॉक के खलीलपुर, रायपुर टप्पा हवेली, सुरसना, सलोन ब्लॉक के खमरिया पूरे कुशल, अमावां ब्लॉक के पहरेमऊ, संदी नागिन, महराजगंज ब्लॉक के तौली गांवों को चुना गया था।
गांवों में अधूरे कामों को पूरा कराने के लिए कार्ययोजना तैयार करके भेजी गई, लेकिन अब तक बजट नहीं मिला। जिले में अब तक 157 गांव चिह्नित किए गए हैं। हालांकि किसी भी गांव में विकास नहीं कराया गया। विभाग को बजट का इंतजार है।

गांवों को 10 प्रकार के विकास से संतृप्त करने की मंशा
योजना के तहत चयनित ग्राम पंचायतों को 10 बिंदुओं पर संतृप्त करने की मंशा है। इसमें शिक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य एवं पोषण, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण सड़कें एवं आवास, डिजिटीकरण, आजीविका एवं कौशल, ईंधन एवं बिजली, वित्तीय निष्कर्ष पर काम होगा। संबंधित गांवों के प्रधानों की अध्यक्षता में 10 सदस्यीय समिति छूटे कार्यों को पूरा कराने के लिए कार्ययोजना तैयार करके शासन को उपलब्ध करा चुकी है।
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत जिले में 50 प्रतिशत से अधिक दलित आबादी वाले अब तक 157 गांवों को
चिह्नित किया गया है। विकास के लिए कार्ययोजना भी 20 गांवों की पास हो चुकी है। शासन से 20-20 लाख रुपये का बजट मिलना है। बजट मिलते ही काम कराया जाएगा।
- डॉ. वैभव त्रिपाठी, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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