{"_id":"69fa4ba1ad25c6fa910494e4","slug":"erosion-in-the-saryu-river-has-increased-the-problems-of-the-farmers-raebareli-news-c-13-1-lko1123-1724344-2026-05-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raebareli News: सरयू नदी में कटान ने बढ़ाई किसानों की परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raebareli News: सरयू नदी में कटान ने बढ़ाई किसानों की परेशानी
विज्ञापन
बाराबंकी। सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में सरयू नदी में तेजी से कटान हो रही है। कटान रोकने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर ड्रेजिंग का कार्य किया जा रहा है। इसके बावजूद नदी के पीछे के हिस्से में लगातार भूमि का कटान जारी है, जिससे तराई का किसान खासा परेशान है।
नदी का जलस्तर कम होने पर भी बीते एक सप्ताह से कटान हो रही है। यह कटान सनावा टेपरा गांव के बीच करीब चार किलोमीटर लंबी दूरी तक फैल गई है। कोठारी गौरिया गांव के पास तीन से चार किलोमीटर की दूरी पर ड्रेजिंग का कार्य चल रहा है। लेकिन ठीक उसके पीछे नदी किसानों की कृषि योग्य भूमि को काट रही है।
पिछले वर्ष जहां ड्रेजिंग हुई थी, इस बार वहीं पर कटान तेज हो गई है। ग्रामीणों ने इस संबंध में शिकायत भी की है, पर अभी तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। किसानों का कहना है कि अभी जलस्तर कम है, फिर भी ऐसी कटान हो रही है। आने वाले दिनों में बाढ़ के समय यह स्थिति और भी भयानक हो सकती है।
विज्ञापन
किसानों की जमीन पर खतरा
सनावा टेपरा और कहरानपूरवा गांव के कई किसानों की जमीन कट रही है। इनमें अशोक पुजारी, सुधीर सिंह, रविश सिंह, मनीष, बालक राम, बहादुर, नौमिलाल, छोटेलाल और प्रमोद शामिल हैं। नदी ने खेतों को काटते हुए चकमार्ग को भी गिरा दिया है। किसानों को आशंका है कि बाढ़ आने पर पूरा क्षेत्र और आबादी इसकी चपेट में आ सकती है।
सिरौलीगौसपुर एसडीएम अनिल कुमार सरोज ने इस मामले पर संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि वह मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के बाद बाढ़ खंड को कटान रोकने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
विज्ञापन
नदी का जलस्तर कम होने पर भी बीते एक सप्ताह से कटान हो रही है। यह कटान सनावा टेपरा गांव के बीच करीब चार किलोमीटर लंबी दूरी तक फैल गई है। कोठारी गौरिया गांव के पास तीन से चार किलोमीटर की दूरी पर ड्रेजिंग का कार्य चल रहा है। लेकिन ठीक उसके पीछे नदी किसानों की कृषि योग्य भूमि को काट रही है।
विज्ञापन
पिछले वर्ष जहां ड्रेजिंग हुई थी, इस बार वहीं पर कटान तेज हो गई है। ग्रामीणों ने इस संबंध में शिकायत भी की है, पर अभी तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। किसानों का कहना है कि अभी जलस्तर कम है, फिर भी ऐसी कटान हो रही है। आने वाले दिनों में बाढ़ के समय यह स्थिति और भी भयानक हो सकती है।
विज्ञापन
किसानों की जमीन पर खतरा
सनावा टेपरा और कहरानपूरवा गांव के कई किसानों की जमीन कट रही है। इनमें अशोक पुजारी, सुधीर सिंह, रविश सिंह, मनीष, बालक राम, बहादुर, नौमिलाल, छोटेलाल और प्रमोद शामिल हैं। नदी ने खेतों को काटते हुए चकमार्ग को भी गिरा दिया है। किसानों को आशंका है कि बाढ़ आने पर पूरा क्षेत्र और आबादी इसकी चपेट में आ सकती है।
सिरौलीगौसपुर एसडीएम अनिल कुमार सरोज ने इस मामले पर संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि वह मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के बाद बाढ़ खंड को कटान रोकने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।