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Raebareli News: बाजार से हटवाया अतिक्रमण, दुकानदारों में रोष
Fri, 02 Oct 2026 12:58 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Fri, 02 Oct 2026 12:58 AM IST
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छतोह के बभनपुर बाजार में बृहस्पतिवार को अतिक्रमण हटाने के दौरान विरोध करते लोग।
नसीराबाद। ग्रामीणों की शिकायत के बाद बृहस्पतिवार को लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने छतोह-गांधीनगर मार्ग स्थित बभनपुर बाजार में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। एसडीओ और जेई की मौजूदगी में सड़क की दोनों पटरियों पर किए गए अस्थायी अतिक्रमण को हटवाया गया। करीब 45 दुकानदारों के खोखे, टिनशेड और अन्य अस्थायी निर्माण हटाए गए। इस दौरान अधिकारियों और दुकानदारों के बीच नोकझोंक भी हुई।
लोक निर्माण विभाग की कार्रवाई से बाजार में कुछ देर अफरा-तफरी का माहौल रहा। दुकानदारों ने कार्रवाई पर नाराजगी जताई। दुकानदार राकेश वैश्य, अरुण और पुरुषोत्तम ने आरोप लगाया कि विभाग की ओर से उन्हें पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया और न ही अतिक्रमण हटाने के लिए पर्याप्त समय दिया गया। उनका कहना है कि जीरो से आठ किलोमीटर तक अतिक्रमण हटाया जाना था, लेकिन सात किलोमीटर के दायरे में ही अस्थायी और स्थायी अतिक्रमण हटाया गया। दुकानदारों ने कार्रवाई में पक्षपात का भी आरोप लगाया।
उधर, लोक निर्माण विभाग के एसडीओ दिलीप कुमार वर्मा ने दुकानदारों के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने से करीब एक सप्ताह पहले बाजार में मुनादी कराकर दुकानदारों को इसकी जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद सड़क की पटरियों से अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद विभाग को कार्रवाई करनी पड़ी।
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ग्रामीण संत शरण द्विवेदी, डॉक्टर दिनेश, राजील द्विवेदी और मनीश कौशल ने बताया कि सड़क की पटरियों पर अतिक्रमण के कारण आवागमन में परेशानी होती थी। विभाग की कार्रवाई के बाद दोनों पटरियां खाली हो गई हैं। इससे आवागमन सुचारु होने की उम्मीद है।
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लोक निर्माण विभाग की कार्रवाई से बाजार में कुछ देर अफरा-तफरी का माहौल रहा। दुकानदारों ने कार्रवाई पर नाराजगी जताई। दुकानदार राकेश वैश्य, अरुण और पुरुषोत्तम ने आरोप लगाया कि विभाग की ओर से उन्हें पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया और न ही अतिक्रमण हटाने के लिए पर्याप्त समय दिया गया। उनका कहना है कि जीरो से आठ किलोमीटर तक अतिक्रमण हटाया जाना था, लेकिन सात किलोमीटर के दायरे में ही अस्थायी और स्थायी अतिक्रमण हटाया गया। दुकानदारों ने कार्रवाई में पक्षपात का भी आरोप लगाया।
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उधर, लोक निर्माण विभाग के एसडीओ दिलीप कुमार वर्मा ने दुकानदारों के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने से करीब एक सप्ताह पहले बाजार में मुनादी कराकर दुकानदारों को इसकी जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद सड़क की पटरियों से अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद विभाग को कार्रवाई करनी पड़ी।
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ग्रामीण संत शरण द्विवेदी, डॉक्टर दिनेश, राजील द्विवेदी और मनीश कौशल ने बताया कि सड़क की पटरियों पर अतिक्रमण के कारण आवागमन में परेशानी होती थी। विभाग की कार्रवाई के बाद दोनों पटरियां खाली हो गई हैं। इससे आवागमन सुचारु होने की उम्मीद है।