फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   election story

भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस उम्मीदवार को सपा ने किया समर्थन, नहीं उतारा प्रत्याशी

Sat, 26 Jun 2021 10:48 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 26 Jun 2021 10:48 PM IST
विज्ञापन
election story
रायबरेली। कांग्रेस के गढ़ में एक बार फिर भाजपा को जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में पटखनी देने के लिए सपा व कांग्रेस का गठजोड़ हो गया है। सपा ने कांग्रेस को समर्थन देने की बात कही है।
विज्ञापन

कांग्रेस ने पूर्व सांसद अशोक सिंह की बहू आरती सिंह को मैदान में उतारा है, जबकि सपा ने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। सपा के पूर्व विधायक रामलाल अकेला के बेटे विक्रांत अकेला ने सबसे पहले जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र खरीदा था, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया।
विज्ञापन

भाजपा ने रोहनियां से निर्दलीय उम्मीदवार रंजना चौधरी पर दांव लगाया है। इस चुनाव में बसपा कहीं भी नजर नहीं आ रही है। ऐसे में सांसद सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर होना तय माना जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हालांकि चुनाव में निर्दलीयों की भूमिका भी अहम है। सपा व कांग्रेस के मिल जाने से भाजपा शुरुआती दौर में कमजोर नजर आ रही है, लेकिन पार्टी के सत्ता में होने की वजह से उसकी स्थिति मजबूत दिख रही है।
52 जिला पंचायत सदस्यों वाली जिला पंचायत में जीत का सेहरा किसके सिर बंधेगा, यह तो वक्त बताएगा, लेकिन नए समीकरणों से जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव दिलचस्प हो गया है।
बीते लोकसभा चुनाव में सोनिया गांधी के सामने एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह ने चुनाव लड़ा था। दिनेश चुनाव हार गए थे, लेकिन उन्होंने कड़ी टक्कर दी थी। रंजना चौधरी को पंचवटी परिवार यानी एमएलसी दिनेश सिंह सहयोग कर रहे हैं।
इस सीट पर पंचवटी परिवार का दो बार कब्जा रहा है। एक बार एमएलसी की अनुज वधू सुमन सिंह, जबकि दूसरी बार एमएलसी के भाई अवधेश सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष रहे हैं। कांग्रेस को समर्थन देने और अपना प्रत्याशी न उतारे जाने की पुष्टि सपा के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र यादव ने की है।
तो क्या प्रियंका व अखिलेश में बातचीत के बाद लिया गया निर्णय
जिला पंचायत सदस्य का चुनाव होने के बाद सपा बराबर कहती रही है कि इस बार वह जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए अपना उम्मीदवार उतारेगी। इसी कड़ी में सपा के पूर्व विधायक के बेटे विक्रांत अकेला ने सबसे पहले पर्चा खरीदा।
पूर्व विधायक रामलाल अकेला ने कहा कि पार्टी हाईकमान की अनुमति के बाद ही बेटे ने जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ने के लिए पर्चा खरीदा, लेकिन ऐन मौके पर सपा ने दूसरा दांव खेल दिया। ऐसे में जाहिर है कि कांग्रेस और सपा में उच्च स्तर पर बातचीत के बाद ही सपा ने कांग्रेस को समर्थन देने का निर्णय लिया होगा।

सूत्रों का कहना है कि जिले की लोकसभा प्रभारी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा और सपा मुखिया अखिलेश यादव में बातचीत के बाद ही इस पर सहमति बनी। कांग्रेस के जिला प्रवक्ता विनय द्विवेदी और सपा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र यादव का कहना है कि सपा और कांग्रेस में उच्च स्तरीय बैठक के बाद ही यह निर्णय लिया गया। दोनों प्रवक्ताओं ने किसी नेता का नाम लेने से इंकार किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed