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Raebareli News: डॉक्टर थमा रहे पर्ची, मरीज परेशान
Wed, 14 Jan 2026 11:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Wed, 14 Jan 2026 11:59 PM IST
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लालगंज। सीएचसी में चिकित्सकों की मनमानी जारी है। सीएमओ के निर्देश के बाद भी मरीजों को बाहर की दवाएं लिख रहे हैं। बुधवार को सीने में हल्का दर्द होने के बाद चिकित्सीय सलाह लेने पहुंचे एक मरीज को 450 रुपये की दवा की पर्ची थमा दी। इसी तरह अन्य मरीजों को खुलेआम बाहर की दवाएं लिखीं।
दवा कारोबारियों से सेटिंग होने के कारण डॉक्टर मरीजों से बाहर की दवाओं की खरीद कराकर जेब भर रहे हैं।
लालगंज सीएचसी में रोजाना दो से 300 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। सीएचसी के आसपास संचालित मेडिकल स्टोरों से चिकित्सकों की सेटिंग है। अस्पताल में पर्याप्त दवाएं होने के बाद भी मरीजों को बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं। इसके लिए चिकित्सक प्रशिक्षुओं का सहारा ले रहे हैं। आरोप है कि एक एक डॉक्टर के आसपास पांच से छह युवक मौजूद रहते हैं। ये युवक डॉक्टरों के इशारे पर मरीजों के पर्चों पर बाहर की दवाएं लिख देते हैं। इससे मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
इलाज कराने आए गहिरी गांव के दिलीप ने बताया कि उन्हें सीने में हल्का दर्द था। डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने कुछ दवाएं अस्पताल से दीं। करीब साढ़े चार सौ रुपये की दवाएं बाहर से लिख दीं। मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त दवाएं मिलनी चाहिए। बाहर की महंगी दवाएं लिखे जाने से परेशानी बढ़ रही है। इसी तरह अन्य मरीजों को खुलेआम बाहर की दवाएं लिखी गईं। सीएमओ डॉ. नवीन चंद्रा का कहना है कि मरीजों को बाहर की दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई की जाएगी। सभी सीएचसी अधीक्षकों को मरीजों को अस्पताल से दवाएं दिलाने के आदेश दिए गए हैं।
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दवा कारोबारियों से सेटिंग होने के कारण डॉक्टर मरीजों से बाहर की दवाओं की खरीद कराकर जेब भर रहे हैं।
लालगंज सीएचसी में रोजाना दो से 300 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। सीएचसी के आसपास संचालित मेडिकल स्टोरों से चिकित्सकों की सेटिंग है। अस्पताल में पर्याप्त दवाएं होने के बाद भी मरीजों को बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं। इसके लिए चिकित्सक प्रशिक्षुओं का सहारा ले रहे हैं। आरोप है कि एक एक डॉक्टर के आसपास पांच से छह युवक मौजूद रहते हैं। ये युवक डॉक्टरों के इशारे पर मरीजों के पर्चों पर बाहर की दवाएं लिख देते हैं। इससे मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
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इलाज कराने आए गहिरी गांव के दिलीप ने बताया कि उन्हें सीने में हल्का दर्द था। डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने कुछ दवाएं अस्पताल से दीं। करीब साढ़े चार सौ रुपये की दवाएं बाहर से लिख दीं। मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त दवाएं मिलनी चाहिए। बाहर की महंगी दवाएं लिखे जाने से परेशानी बढ़ रही है। इसी तरह अन्य मरीजों को खुलेआम बाहर की दवाएं लिखी गईं। सीएमओ डॉ. नवीन चंद्रा का कहना है कि मरीजों को बाहर की दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई की जाएगी। सभी सीएचसी अधीक्षकों को मरीजों को अस्पताल से दवाएं दिलाने के आदेश दिए गए हैं।
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