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Raebareli News: श्रद्धालुओं ने घाटों पर किया तर्पण
Fri, 02 Oct 2026 01:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Fri, 02 Oct 2026 01:14 AM IST
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ऊंचाहार के गोकना गंगा तट पर बृहस्पतिवार को तर्पण करते श्रद्धालु।
ऊंचाहार। पितृ पक्ष के छठवें दिन बृहस्पतिवार को गंगा घाटों, धार्मिक स्थलों और गांवों में पिंडदान हुआ। श्रद्धालुओं ने तर्पण और श्राद्धकर्म किया। उन्होंने ईश्वर से पितरों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मान्यता है कि पितृ पक्ष पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनका आशीर्वाद पाने का विशेष अवसर है।
इस पक्ष में पितर पशु-पक्षियों के रूप में धरती पर आते हैं। इसलिए गाय, कौवे और चींटियों को भोजन कराना शुभ माना जाता है। आचार्य राम नारायण मिश्रा ने पितृदोष के प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अनजाने में पूर्वजों का अपमान होने पर परिवार पर पितृदोष का प्रभाव पड़ता है। पितृ पक्ष में तर्पण और श्राद्धकर्म कर्म इस दोष को दूर करने के उपाय हैं। ये कर्म पूर्वजों को प्रसन्न करते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
आचार्य राम नारायण मिश्रा ने पितृदोष कम करने के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि पितृ पक्ष में किसी तालाब या नदी में तर्पण करें। तांबे के लोटे में काले तिल डालकर तर्पण करने से पितृदोष में कमी आती है। श्राद्ध पक्ष में प्रतिदिन पीपल के वृक्ष पर दूध, जल और पुष्प अर्पित करें। इन उपायों से भी पितृदोष समाप्त होता है। तर्पण करने वाले श्रद्धालु हीरालाल गुप्ता, शिव कुमार तिवारी, विजय सिंह और जय सिंह ने अनुभव साझा किए।
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इस पक्ष में पितर पशु-पक्षियों के रूप में धरती पर आते हैं। इसलिए गाय, कौवे और चींटियों को भोजन कराना शुभ माना जाता है। आचार्य राम नारायण मिश्रा ने पितृदोष के प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अनजाने में पूर्वजों का अपमान होने पर परिवार पर पितृदोष का प्रभाव पड़ता है। पितृ पक्ष में तर्पण और श्राद्धकर्म कर्म इस दोष को दूर करने के उपाय हैं। ये कर्म पूर्वजों को प्रसन्न करते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
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आचार्य राम नारायण मिश्रा ने पितृदोष कम करने के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि पितृ पक्ष में किसी तालाब या नदी में तर्पण करें। तांबे के लोटे में काले तिल डालकर तर्पण करने से पितृदोष में कमी आती है। श्राद्ध पक्ष में प्रतिदिन पीपल के वृक्ष पर दूध, जल और पुष्प अर्पित करें। इन उपायों से भी पितृदोष समाप्त होता है। तर्पण करने वाले श्रद्धालु हीरालाल गुप्ता, शिव कुमार तिवारी, विजय सिंह और जय सिंह ने अनुभव साझा किए।
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