{"_id":"6314f9eb7fc38262342b371b","slug":"devlopment-raibaraily-news-lko646795595","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदी सड़कें, नहीं बना रहे सड़क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदी सड़कें, नहीं बना रहे सड़क
विज्ञापन
रायबरेली। अमृत योजना के तहत सीवर लाइन बिछाने के काम में लापरवाही लोगों के लिए भारी पड़ रही है। योजना के तहत सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदी गईं सड़कों को बनाया नहीं जा रहा है।
इससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। सड़क की खोदाई करने के बाद मरम्मत न कराने से डेढ़ लाख लोगों को कठिनाइयां झेलनी पड़ रही हैं।
शहर की ढाई लाख आबादी के लिए अमृत योजना शुरू की गई है। मौजूदा समय में फेज-तीन के 20 मोहल्लों में सीवर लाइन बिछाने का काम फरीदाबाद की केके स्पन प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है।
इन मोहल्लों में सड़कें खोद दी गईं, लेकिन उनकी मरम्मत नहीं कराई गई। जरा सी बारिश से मोहल्लों में जलभराव हो जाता है। कीचड़ के कारण निकलना मुश्किल हो जाता है।
विज्ञापन
इंटरलॉकिंग लगाने के काम से भी लोग नाराज हैं। मनमानी के चलते लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
फेज-3 में इन मोहल्लों में बिछेगी सीवर लाइन
कृष्णा नगर, तिलक नगर, यदुवंश नगर, बस्तेपुर, रामजीपुरम, जवाहर विहार कॉलोनी, तिलक नगर, पटेल नगर, बालापुर, शिवाजी नगर, शक्ति नगर, तुलसी नगर, मलिकमऊ कॉलोनी, अंबेडकर नगर समेत 20 मोहल्ले शामिल हैं, जहां पर सीवर लाइन बिछाने का कामफेज-3 में कराया जाना है और कार्य शुरू करा दिया गया है। इन मोहल्लों में रहने वाले लोग कीचड़ और जलभराव से जूझ रहे हैं।
फेज-3 में खर्च होने हैं 142 करोड़
अमृत योजना के तहत फेज-तीन में सीवर लाइन बिछाने में 142 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। जलनिगम के अफसरों के मुताबिक अब तक कार्यदायी संस्था को 30 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैैं। बजट मिलने के बाद भी सड़कों की मरम्मत के नाम पर कार्यदायी संस्था पर मनमानी का आरोप है।
प्रबंध निदेशक से शिकायत, साढ़े सात करोड़ का जुुर्माना
फरीदाबाद कंपनी की ओर से सीवर लाइन बिछाने में हो रही मनमानी और सड़कों की मरम्मत न कराए जाने का मामला लखनऊ तक पहुंच गया है। जलनिगम के अधिकारियों ने पूरे प्रकरण की शिकायत प्रबंध निदेशक से की है। प्रबंध निदेशक से हुई शिकायत के बाद प्रमुख सचिव नगर विकास ने कार्यदायी संस्था को तीन माह के अंदर कार्य में सुधार लाने के लिए कहा है। कार्यदायी संस्था पर साढ़े सात करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
फेज-1 और फेज-2 का काम पूरा
शहर क्षेत्र में अमृत योजना के तहत फेज-एक और फेज-2 में सीवर लाइन बिछाने का कार्य पूरा हो गया है। इन दोनों फेज में सीवर लाइन बिछाने का कार्य तोमर कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से कराया गया है। इसमें कृष्णा नगर (आंशिक), सम्राट नगर, किशन का पुरवा, गजोधर का पुरवा, ओम नगर, महावीर नगर, शिवपुरम कॉलोनी, मलिकमऊ रोड, गांधी नगर और नारायणपुर में सीवर लाइन बिछाने के साथ-साथ सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
शहरवासियों को सीवर से राहत दिलाने के लिए अमृत योजना के तहत फेज-तीन में भी सीवर लाइन बिछाने का काम शुरू कराया गया है। यह कार्य फरीदाबाद की केके स्पन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी कर रही है। कार्य ठीक तरीके से न किए जाने पर कंपनी के खिलाफ प्रबंध निदेशक से शिकायत करने के साथ ही जुर्माना लगाया गया है। मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
देवेंद्र कुमार, एक्सईएन, जलनिगम
विज्ञापन
इससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। सड़क की खोदाई करने के बाद मरम्मत न कराने से डेढ़ लाख लोगों को कठिनाइयां झेलनी पड़ रही हैं।
शहर की ढाई लाख आबादी के लिए अमृत योजना शुरू की गई है। मौजूदा समय में फेज-तीन के 20 मोहल्लों में सीवर लाइन बिछाने का काम फरीदाबाद की केके स्पन प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है।
विज्ञापन
इन मोहल्लों में सड़कें खोद दी गईं, लेकिन उनकी मरम्मत नहीं कराई गई। जरा सी बारिश से मोहल्लों में जलभराव हो जाता है। कीचड़ के कारण निकलना मुश्किल हो जाता है।
विज्ञापन
इंटरलॉकिंग लगाने के काम से भी लोग नाराज हैं। मनमानी के चलते लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
फेज-3 में इन मोहल्लों में बिछेगी सीवर लाइन
कृष्णा नगर, तिलक नगर, यदुवंश नगर, बस्तेपुर, रामजीपुरम, जवाहर विहार कॉलोनी, तिलक नगर, पटेल नगर, बालापुर, शिवाजी नगर, शक्ति नगर, तुलसी नगर, मलिकमऊ कॉलोनी, अंबेडकर नगर समेत 20 मोहल्ले शामिल हैं, जहां पर सीवर लाइन बिछाने का कामफेज-3 में कराया जाना है और कार्य शुरू करा दिया गया है। इन मोहल्लों में रहने वाले लोग कीचड़ और जलभराव से जूझ रहे हैं।
फेज-3 में खर्च होने हैं 142 करोड़
अमृत योजना के तहत फेज-तीन में सीवर लाइन बिछाने में 142 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। जलनिगम के अफसरों के मुताबिक अब तक कार्यदायी संस्था को 30 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैैं। बजट मिलने के बाद भी सड़कों की मरम्मत के नाम पर कार्यदायी संस्था पर मनमानी का आरोप है।
प्रबंध निदेशक से शिकायत, साढ़े सात करोड़ का जुुर्माना
फरीदाबाद कंपनी की ओर से सीवर लाइन बिछाने में हो रही मनमानी और सड़कों की मरम्मत न कराए जाने का मामला लखनऊ तक पहुंच गया है। जलनिगम के अधिकारियों ने पूरे प्रकरण की शिकायत प्रबंध निदेशक से की है। प्रबंध निदेशक से हुई शिकायत के बाद प्रमुख सचिव नगर विकास ने कार्यदायी संस्था को तीन माह के अंदर कार्य में सुधार लाने के लिए कहा है। कार्यदायी संस्था पर साढ़े सात करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
फेज-1 और फेज-2 का काम पूरा
शहर क्षेत्र में अमृत योजना के तहत फेज-एक और फेज-2 में सीवर लाइन बिछाने का कार्य पूरा हो गया है। इन दोनों फेज में सीवर लाइन बिछाने का कार्य तोमर कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से कराया गया है। इसमें कृष्णा नगर (आंशिक), सम्राट नगर, किशन का पुरवा, गजोधर का पुरवा, ओम नगर, महावीर नगर, शिवपुरम कॉलोनी, मलिकमऊ रोड, गांधी नगर और नारायणपुर में सीवर लाइन बिछाने के साथ-साथ सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
शहरवासियों को सीवर से राहत दिलाने के लिए अमृत योजना के तहत फेज-तीन में भी सीवर लाइन बिछाने का काम शुरू कराया गया है। यह कार्य फरीदाबाद की केके स्पन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी कर रही है। कार्य ठीक तरीके से न किए जाने पर कंपनी के खिलाफ प्रबंध निदेशक से शिकायत करने के साथ ही जुर्माना लगाया गया है। मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
देवेंद्र कुमार, एक्सईएन, जलनिगम