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450 क्लीनिको, हॉस्पिटलों व लैब संचालक नहीं दे रहे डेंगू की रिपोर्ट
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रायबरेली। शासन ने सभी क्लीनिकों, हॉस्पिटलों और पैथोलॉजी संचालकों को रोजाना डेंगू की रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं, लेकिन जिले में 450 संचालक मनमानी पर उतारू हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की सुस्ती के कारण संचालक डेंगू की रिपोर्ट नहीं दे रहे हैं। चार महीने में 30-40 डेंगू मरीजों की ही रिपोर्ट सीएमओ को उपलब्ध कराई जा सकी है। ऐसे में डेंगू पर नियंत्रण रामभरोसे संचालित है। दवाओं का छिड़काव ठप है।
हर रोज निजी पैथोलॉजी में होने वाली जांच में डेंगू के मरीज मिल रहे हैं, लेकिन विभाग इन सूचनाओं से बहुत दूर हैं। लापरवाही के कारण डेंगू के मरीजों की सही रिपोर्ट सामने नहीं आ पा रही है। इसी लापरवाही के कारण डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण के लिए दवा के छिड़काव सहित अन्य काम भी नहीं हो पा रहे हैं। अफसरों ने सूचना न देने वाले निजी अस्पताल संचालकों को अब तक नोटिस तक जारी नहीं की है।
पैथोलॉजी संचालकों को डेंगू की पुष्टि कराने के आदेश
निजी लैब की डेंगू पॉजिटिव रिपोर्ट को स्वास्थ्य विभाग शत-प्रतिशत सही नहीं मानता। निजी लैब में कार्ड टेस्ट होता है। ऐसे में डेंगू की पुष्टि संदिग्ध रहती है। पुष्टि के लिए जिला अस्पताल की लैब से सैंपल का एलाइजा टेस्ट जरूरी है, लेकिन पैथोलॉजी संचालक डेंगू के संदिग्ध मरीजों का एलाइजा टेस्ट नहीं करवा रहे हैं। इसके लिए सीएमओ के स्तर से किसी भी पैथोलॉजी संचालक पर शिकंजा नहीं कसा गया है।
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डेंगू का एक और बुखार के 10 नए मरीज भर्ती
जिला अस्पताल में बुधवार को डेंगू का एक मरीज मिला। उसे जिला अस्पताल के डेंगे वार्ड में भर्ती करा दिया गया है। इसके अलावा बुखार के भी 10 नए मरीज भर्ती कराए गए हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में भी सुबह से ही मरीजों की लंबी लाइन रही। शहर के अमर नगर की प्रियंका (19) को डेंगू के लक्षण मिलने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके अलावा डंपी कराहो का अड्डा निवासी (6 माह), बीबीपुर निवासी संगम (3) सहित बुखार के चपेट में आने के बाद 10 मरीजों को भर्ती कराया गया है।
सभी क्लीनिकों, हॉस्पिटलों व पैथोलॉजी संचालकों को रोजाना डेंगू की रिपोर्ट देने के आदेश हं। कुछ जगह से रिपोर्ट नियमित आ रही हैं। रिपोर्ट न भेजने वाले संचालकों को चिह्नित किया जा रहा है। जल्द ही संबंधितों को नोटिस दी जाएगी।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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हर रोज निजी पैथोलॉजी में होने वाली जांच में डेंगू के मरीज मिल रहे हैं, लेकिन विभाग इन सूचनाओं से बहुत दूर हैं। लापरवाही के कारण डेंगू के मरीजों की सही रिपोर्ट सामने नहीं आ पा रही है। इसी लापरवाही के कारण डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण के लिए दवा के छिड़काव सहित अन्य काम भी नहीं हो पा रहे हैं। अफसरों ने सूचना न देने वाले निजी अस्पताल संचालकों को अब तक नोटिस तक जारी नहीं की है।
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पैथोलॉजी संचालकों को डेंगू की पुष्टि कराने के आदेश
निजी लैब की डेंगू पॉजिटिव रिपोर्ट को स्वास्थ्य विभाग शत-प्रतिशत सही नहीं मानता। निजी लैब में कार्ड टेस्ट होता है। ऐसे में डेंगू की पुष्टि संदिग्ध रहती है। पुष्टि के लिए जिला अस्पताल की लैब से सैंपल का एलाइजा टेस्ट जरूरी है, लेकिन पैथोलॉजी संचालक डेंगू के संदिग्ध मरीजों का एलाइजा टेस्ट नहीं करवा रहे हैं। इसके लिए सीएमओ के स्तर से किसी भी पैथोलॉजी संचालक पर शिकंजा नहीं कसा गया है।
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डेंगू का एक और बुखार के 10 नए मरीज भर्ती
जिला अस्पताल में बुधवार को डेंगू का एक मरीज मिला। उसे जिला अस्पताल के डेंगे वार्ड में भर्ती करा दिया गया है। इसके अलावा बुखार के भी 10 नए मरीज भर्ती कराए गए हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में भी सुबह से ही मरीजों की लंबी लाइन रही। शहर के अमर नगर की प्रियंका (19) को डेंगू के लक्षण मिलने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके अलावा डंपी कराहो का अड्डा निवासी (6 माह), बीबीपुर निवासी संगम (3) सहित बुखार के चपेट में आने के बाद 10 मरीजों को भर्ती कराया गया है।
सभी क्लीनिकों, हॉस्पिटलों व पैथोलॉजी संचालकों को रोजाना डेंगू की रिपोर्ट देने के आदेश हं। कुछ जगह से रिपोर्ट नियमित आ रही हैं। रिपोर्ट न भेजने वाले संचालकों को चिह्नित किया जा रहा है। जल्द ही संबंधितों को नोटिस दी जाएगी।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ