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डेंगू : शहर के 16 मोहल्लों में 106 हॉट-स्पॉट चिह्नित
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रायबरेली। बारिश के मौसम में डेंगू के पांव पसारने की आशंका बढ़ गई है। शहर के 16 मोहल्लों को हाईरिस्क घोषित करने के साथ ही जिले में डेंगू को लेकर 106 हॉट-स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। जिले के 92 गांवों को भी गंभीर श्रेणी में शामिल किया गया है। हॉट-स्पॉट चिह्नित करके सूची संबंधित विभागों को भेजी गई है। डेंगू के नियंत्रण के लिए संबंधित हाईरिस्क वाले मोहल्लों व गांवों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सीएचसी अधीक्षकों को भी अलर्ट किया गया है।
डेंगू पर नियंत्रण के लिए शासन से सख्त निर्देश मिले हैं। वर्ष 2023 और 2024 में दो या दो से अधिक डेंंगू मरीज वाले गांवों व मोहल्लों को इस साल हॉट-स्पॉट घोषित करके प्रभावी नियंत्रण के आदेश दिए गए हैं। शहर के तिलियाकोट, खालीसहाट, कहारों का अड्डा, छोटीबाजार, आचार्य द्विवेदी नगर, सत्य नगर, बहराना, विकास नगर, तुलसीनगर सहित 16 मोहल्लों को डेंगू को लेकर हॉट-स्पॉट चिह्नित किया गया है।
इसके अलावा अमावां, नसीराबाद, बछरावां, ऊंचाहार, डलमऊ, राही, शिवगढ़ ब्लॉकों के 92 गांवों को भी हॉट-स्पॉट चिह्नित किया है। जिले में चिह्नित 106 हॉट-स्पॉट की सूची विभागोंं को देकर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सफाई, दवा छिडक़ाव के साथ आशा बहुओं ने घर-घर जाकर जागरूकता शुरू कर दी है। गांवों में प्रधानों को सचेत करने के साथ ही सीएचसी अधीक्षकों को अलर्ट किया गया है।
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डेंगू के लक्षण और बचाव
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सलीम का कहना है कि डेंगू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी होना, आंखों में दर्द, कान की ग्रंथियों में सूजन व त्वचा पर लाल चकत्ते होना आदि हैं। डेंगू से बचाव के लिए घर के आसपास पानी एकत्र न होने दें क्योंकि ठहरे पानी में मच्छरों के लार्वा बढ़ते हैं।
डायरिया व जुकाम-खांसी से भी डेंगू का खतरा
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. गौरव त्रिवेदी का कहना है कि इस साल सर्दी-जुकाम, डायरिया और उल्टी-दस्त वाले मरीजों की भी डेंगू हो सकता है। लिवर में संक्रमण भी बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में लक्षण प्रतीत होने पर नजदीक के अस्पताल में पहुंचकर जांच जरूर कराएं।
पिछले साल की तुलना में डेंगू सुस्त
जिला मलेरिया अधिकारी रमेशचंद्र यादव ने बताया कि जिले में पिछले साल की तुलना में डेंगू काफी कम हैं। पिछले साल अब तक 42 मरीज मिल चुके थे। इस साल मात्र सात डेंगू के मरीज मिले हैं। पिछले साल एईएस के 37 मरीज मिले थे, लेकिन इस साल 12 मरीज अब तक मिले हैं। जिले भर में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
डेंगू पर नियंत्रण रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। 106 हॉट-स्पॉट चिह्नित करके सतर्कता बढ़ा दी गई है। जागरूकता और डेंगू के लार्वा समय से खत्म होने से समस्या से बचा जा सकता है। डेंगू को लेकर अधीक्षकों को चेताया गया है।
डॉ. नवीनचंद्रा, सीएमओ रायबरेली
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डेंगू पर नियंत्रण के लिए शासन से सख्त निर्देश मिले हैं। वर्ष 2023 और 2024 में दो या दो से अधिक डेंंगू मरीज वाले गांवों व मोहल्लों को इस साल हॉट-स्पॉट घोषित करके प्रभावी नियंत्रण के आदेश दिए गए हैं। शहर के तिलियाकोट, खालीसहाट, कहारों का अड्डा, छोटीबाजार, आचार्य द्विवेदी नगर, सत्य नगर, बहराना, विकास नगर, तुलसीनगर सहित 16 मोहल्लों को डेंगू को लेकर हॉट-स्पॉट चिह्नित किया गया है।
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इसके अलावा अमावां, नसीराबाद, बछरावां, ऊंचाहार, डलमऊ, राही, शिवगढ़ ब्लॉकों के 92 गांवों को भी हॉट-स्पॉट चिह्नित किया है। जिले में चिह्नित 106 हॉट-स्पॉट की सूची विभागोंं को देकर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सफाई, दवा छिडक़ाव के साथ आशा बहुओं ने घर-घर जाकर जागरूकता शुरू कर दी है। गांवों में प्रधानों को सचेत करने के साथ ही सीएचसी अधीक्षकों को अलर्ट किया गया है।
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डेंगू के लक्षण और बचाव
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सलीम का कहना है कि डेंगू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी होना, आंखों में दर्द, कान की ग्रंथियों में सूजन व त्वचा पर लाल चकत्ते होना आदि हैं। डेंगू से बचाव के लिए घर के आसपास पानी एकत्र न होने दें क्योंकि ठहरे पानी में मच्छरों के लार्वा बढ़ते हैं।
डायरिया व जुकाम-खांसी से भी डेंगू का खतरा
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. गौरव त्रिवेदी का कहना है कि इस साल सर्दी-जुकाम, डायरिया और उल्टी-दस्त वाले मरीजों की भी डेंगू हो सकता है। लिवर में संक्रमण भी बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में लक्षण प्रतीत होने पर नजदीक के अस्पताल में पहुंचकर जांच जरूर कराएं।
पिछले साल की तुलना में डेंगू सुस्त
जिला मलेरिया अधिकारी रमेशचंद्र यादव ने बताया कि जिले में पिछले साल की तुलना में डेंगू काफी कम हैं। पिछले साल अब तक 42 मरीज मिल चुके थे। इस साल मात्र सात डेंगू के मरीज मिले हैं। पिछले साल एईएस के 37 मरीज मिले थे, लेकिन इस साल 12 मरीज अब तक मिले हैं। जिले भर में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
डेंगू पर नियंत्रण रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। 106 हॉट-स्पॉट चिह्नित करके सतर्कता बढ़ा दी गई है। जागरूकता और डेंगू के लार्वा समय से खत्म होने से समस्या से बचा जा सकता है। डेंगू को लेकर अधीक्षकों को चेताया गया है।
डॉ. नवीनचंद्रा, सीएमओ रायबरेली