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Raebareli News: गर्मी के साथ बिजली की मांग बढ़ी, ट्रिपिंग और कटौती ने छीना चैन
Sat, 31 May 2025 01:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sat, 31 May 2025 01:11 AM IST
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रायबरेली में ट्रांसमिशन त्रिपुला का यार्ड
रायबरेली। जिले में गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली ने लोगों को झटका देना शुरू कर दिया है। शहर में जहां ट्रिपिंग की समस्या बढ़ गई है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में कभी तार टूटने तो कहीं जंफर कटने से आए दिन बिजली गुल रहती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। यह हाल तब है, जब पूरे साल बिजली व्यवस्था के नाम पर करोड़ों खर्च किए जाते हैं। इसके बावजूद व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है।
गर्मी में पारा दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है। गर्मी से बचने के लिए घरों में कूलर, पंखे और एसी चलने लगे हैं। यही वजह है कि पिछले माह की अपेक्षा मई महीने में बिजली की मांग 300 मेगावाट पहुंच गई है। विद्युत उपकेंद्रों पर लगे उपकरण ओवरलोड हैं। ऐसे में लोगों को लोवोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
शहर के इंदिरा नगर, गोराबाजार, तेलियाकोट, आईटीआई, प्रगतिपुरम, शहीद स्मारक उपकेंद्र से जुड़े मोहल्लों के लोग ट्रिपिंग की समस्या से जूझ रहे हैं। उपभोक्ता शरद मेहरोत्रा, आशीष कुमार बाजपेयी, पंकज कुमार ने बताया कि हर घंटे ट्रिपिंग होती रहती है। इससे परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल है, लेकिन महज 10 से 12 घंटे बिजली मिल रही है। विद्युत उपकेंद्र कठगर, अटौरा, सूची उपकेंद्र से निकले फीडरों की लंबाई अधिक होने के कारण अक्सर लाइनों में फॉल्ट बना रहता है। इस वजह से अक्सर बिजली गुल रहती है। किसान रामप्रकाश, शिवदुलारे, आशाराम, मंशाराम ने बताया कि नहराें में पानी नहीं आ रहा है। धान की नर्सरी डालनी है, लेकिन बिजली नहीं आने से नर्सरी डालने का समय निकला जा रहा है। वहीं उड़द, मंग और हरे चारे की फसल पानी के अभाव में सूख रही है।
खर्च के बावजूद नहीं बदले हालात
उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली मिले, इसके लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन हालात जस के तस हैं। ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, जर्जर तार बदलवाने, उपकेंद्रों ट्रांसफार्मरों की टेस्टिंग समेत अन्य कार्य कराने के लिए 31 करोड़ खर्च किए गए। इसी तरह रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के तहत 147 करोड़ रुपये से जर्जर तार, खंभे बदलने का काम कराया गया। इसके बावजूद बिजली के हालात बद से बदतर हैं।
भरपूर बिजली मिले, इसके हो रहे प्रयास
गर्मी बढ़ने से बिजली की मांग बढ़ी है। लोकल स्तर पर कोई कटौती नहीं हो रही है। लाइनों में आने वाले फॉल्ट को समय से ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को भरपूर बिजली मिल सके।
-नेकी राम वर्मा, अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण मंडल प्रथम
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गर्मी में पारा दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है। गर्मी से बचने के लिए घरों में कूलर, पंखे और एसी चलने लगे हैं। यही वजह है कि पिछले माह की अपेक्षा मई महीने में बिजली की मांग 300 मेगावाट पहुंच गई है। विद्युत उपकेंद्रों पर लगे उपकरण ओवरलोड हैं। ऐसे में लोगों को लोवोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
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शहर के इंदिरा नगर, गोराबाजार, तेलियाकोट, आईटीआई, प्रगतिपुरम, शहीद स्मारक उपकेंद्र से जुड़े मोहल्लों के लोग ट्रिपिंग की समस्या से जूझ रहे हैं। उपभोक्ता शरद मेहरोत्रा, आशीष कुमार बाजपेयी, पंकज कुमार ने बताया कि हर घंटे ट्रिपिंग होती रहती है। इससे परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल है, लेकिन महज 10 से 12 घंटे बिजली मिल रही है। विद्युत उपकेंद्र कठगर, अटौरा, सूची उपकेंद्र से निकले फीडरों की लंबाई अधिक होने के कारण अक्सर लाइनों में फॉल्ट बना रहता है। इस वजह से अक्सर बिजली गुल रहती है। किसान रामप्रकाश, शिवदुलारे, आशाराम, मंशाराम ने बताया कि नहराें में पानी नहीं आ रहा है। धान की नर्सरी डालनी है, लेकिन बिजली नहीं आने से नर्सरी डालने का समय निकला जा रहा है। वहीं उड़द, मंग और हरे चारे की फसल पानी के अभाव में सूख रही है।
खर्च के बावजूद नहीं बदले हालात
उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली मिले, इसके लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन हालात जस के तस हैं। ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, जर्जर तार बदलवाने, उपकेंद्रों ट्रांसफार्मरों की टेस्टिंग समेत अन्य कार्य कराने के लिए 31 करोड़ खर्च किए गए। इसी तरह रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के तहत 147 करोड़ रुपये से जर्जर तार, खंभे बदलने का काम कराया गया। इसके बावजूद बिजली के हालात बद से बदतर हैं।
भरपूर बिजली मिले, इसके हो रहे प्रयास
गर्मी बढ़ने से बिजली की मांग बढ़ी है। लोकल स्तर पर कोई कटौती नहीं हो रही है। लाइनों में आने वाले फॉल्ट को समय से ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को भरपूर बिजली मिल सके।
-नेकी राम वर्मा, अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण मंडल प्रथम