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टॉर्च व मोबाइल की रोशनी में कराया प्रसव
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Fri, 16 Sep 2016 01:01 AM IST
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प्रसव
- फोटो : अमर उजाला
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महिलाओं के प्रसव कराने के लिए सरकार जहां विशेष ध्यान दे रही है। वहीं बछरावां सीएचसी में मनमानी का एक मामला सामने आया है। यहां टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में एक प्रसूता का प्रसव करा दिया गया।
गनीमत रही कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। वरना ये लापरवाही जानलेवा हो सकती थी। इसका वीडियो वायरल हुआ तो हड़कंप मच गया। खास बात ये है कि जनरेटर की सुविधा होने के बावजूद उसे नहीं चलाया जा सका। इससे क्षेत्रीय लोगों और पीड़ित परिवार में नाराजगी है।
वहीं सीएचसी अधीक्षक का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। बछरावां थाना क्षेत्र के महेरी गांव निवासी गंगा सागर हैदराबाद में मजदूरी करता है। प्रसव पीड़ा होने पर उसकी पत्नी गीता को सीएचसी बछरावां में भर्ती कराया गया था। मंगलवार को गीता का प्रसव टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में कराया गया।
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इसके बाद जच्चा-बच्चा घर चले गए। गुरुवार को टॉर्च व मोबाइल की रोशनी में प्रसव कराने का वीडियो वायरल हुआ तो हड़कंप मच गया। प्रसूता के ससुर रामसजीवन का कहना है कि अस्पताल में मौजूद महिला कर्मियों ने जनरेटर नहीं चलाया।
मोबाइल और टॉर्च की रोशनी में उसकी बहू का प्रसव कराया गया। अंधेरे में प्रसव करने से जच्चा-बच्चा दोनों का खतरा था। ऊपर वाले का शुक्र रहा कि सब कुछ ठीकठाक निपट गया। उसका कहना है कि उसने इस मामले की शिकायत अस्पताल के अधिकारियों से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जनरेटर उपलब्ध पर है, नहीं चलाया गया। अस्पताल में हुई इस मनमानी से क्षेत्रीय लोगों में नाराजगी है। वहीं सीएचसी अधीक्षक डॉ. एके जैशल का कहना है कि सीएचसी में टॉर्च व मोबाइल की रोशनी में महिला के प्रसव कराने का मामला जानकारी में नहीं है। इसकी यदि शिकायत मिलेगी तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
सीएमअाे डाॉ. राकेश कुमार का कहना है कि बछरावां सीएचसी में जनरेटर और इन्वर्टर दोनों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ऐसे में उजाले में प्रसव कराए जाते हैं। मोबाइल और टॉर्च की रोशनी में प्रसव कराने के मामले की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो इसकी जांच कराकर मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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गनीमत रही कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। वरना ये लापरवाही जानलेवा हो सकती थी। इसका वीडियो वायरल हुआ तो हड़कंप मच गया। खास बात ये है कि जनरेटर की सुविधा होने के बावजूद उसे नहीं चलाया जा सका। इससे क्षेत्रीय लोगों और पीड़ित परिवार में नाराजगी है।
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वहीं सीएचसी अधीक्षक का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। बछरावां थाना क्षेत्र के महेरी गांव निवासी गंगा सागर हैदराबाद में मजदूरी करता है। प्रसव पीड़ा होने पर उसकी पत्नी गीता को सीएचसी बछरावां में भर्ती कराया गया था। मंगलवार को गीता का प्रसव टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में कराया गया।
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इसके बाद जच्चा-बच्चा घर चले गए। गुरुवार को टॉर्च व मोबाइल की रोशनी में प्रसव कराने का वीडियो वायरल हुआ तो हड़कंप मच गया। प्रसूता के ससुर रामसजीवन का कहना है कि अस्पताल में मौजूद महिला कर्मियों ने जनरेटर नहीं चलाया।
मोबाइल और टॉर्च की रोशनी में उसकी बहू का प्रसव कराया गया। अंधेरे में प्रसव करने से जच्चा-बच्चा दोनों का खतरा था। ऊपर वाले का शुक्र रहा कि सब कुछ ठीकठाक निपट गया। उसका कहना है कि उसने इस मामले की शिकायत अस्पताल के अधिकारियों से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जनरेटर उपलब्ध पर है, नहीं चलाया गया। अस्पताल में हुई इस मनमानी से क्षेत्रीय लोगों में नाराजगी है। वहीं सीएचसी अधीक्षक डॉ. एके जैशल का कहना है कि सीएचसी में टॉर्च व मोबाइल की रोशनी में महिला के प्रसव कराने का मामला जानकारी में नहीं है। इसकी यदि शिकायत मिलेगी तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
सीएमअाे डाॉ. राकेश कुमार का कहना है कि बछरावां सीएचसी में जनरेटर और इन्वर्टर दोनों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ऐसे में उजाले में प्रसव कराए जाते हैं। मोबाइल और टॉर्च की रोशनी में प्रसव कराने के मामले की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो इसकी जांच कराकर मामले में कार्रवाई की जाएगी।