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निर्माणाधीन एम्स में संदिग्ध हालात में दिल्ली के रहने वाले श्रमिक की मौत
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रायबरेली। थाना क्षेत्र भदोखर में शनिवार को निर्माणाधीन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एक श्रमिक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। हद तो तब हो गई जब रामा कंस्ट्रक्शन कंपनी के अधिकारियों ने आननफानन में शव को दिल्ली ले जाने के लिए सहमति दे दी। मृतक की कोरोना जांच और शव का पोस्टमार्टम कराना उचित नहीं समझा। चौकी इंचार्ज एम्स ने पूछा तो यह कहते हुए उन्हें गुमराह किया कि मृतक की कोरोना जांच पहले ही करा ली गई थी। रिपोर्ट भी निगेटिव आई थी।
मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम वैभव श्रीवास्तव ने एसडीएम सदर को जांच के लिए मौके पर भेजा। एसडीएम ने दिल्ली जा रहे श्रमिक के शव को वापस रायबरेली लाने के निर्देश दिए। एंबुलेंस से शव को निगोहा-बछरावां के बीच कोविड-19 सेंटर में कोरोना की जांच के लिए लाया गया। मामले में लापरवाही उजागर होने पर एसडीएम ने जांच रिपोर्ट डीएम को भेज दी है। लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई हो सकती है।
एम्स का निर्माण रामा कंस्ट्रक्शन कंपनी करा रही है। दिल्ली के ई-3-78 चाणक्य प्लेस डीके मोहन गार्डेन पश्चिमी निवासी किशोर झा (60) पुत्र विद्याधर झा मजदूरी करता था। बताते हैं कि वह शनिवार सुबह प्रसाधन के लिए गया था। इसी दौरान उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई। जानकारी होने पर कंपनी के अधिकारियों ने इस मामले से एम्स चौकी प्रभारी को अवगत कराया।
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एम्स चौकी प्रभारी ने कोरोना जांच कराने की बात कही तो कंपनी के एक अधिकारी ने यह कहते हुए मामला दबाने की कोशिश करी कि इसकी कोरोना जांच हो गई। जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी। परिवारीजनों की चौकी प्रभारी से बात कराकर शव को आननफानन एंबुलेंस से दिल्ली के लिए रवाना करा दिया।
मामला डीएम के संज्ञान में आया तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। डीएम के आदेश पर एसडीएम सदर शालिनी प्रभाकर जांच के लिए एम्स पहुंचीं। एसडीएम ने कंपनी के अधिकारियों से शव को वापस रायबरेली लाने के लिए कहा। इसके साथ ही आननफानन में शव को दिल्ली भिजवाने पर नाराजगी जताई।
एसडीएम सदर ने बताया कि निर्माणाधीन एम्स में काम करने वाले श्रमिक की बीमारी के चलते मौत होना बताया जा रहा है। श्रमिक के शव को बिना कोविड-19 जांच और पोस्टमार्टम कराए दिल्ली भेजना लापरवाही को दर्शाता है। कंपनी के अधिकारियों को नोटिस देकर जवाब मांगा जाएगा। इसके साथ ही मामले की पूरी रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है।
रामा कंस्ट्रक्शन कंपनी के जीएम राजीव कुमार बग्गा ने बताया कि श्रमिक किशोर झा को तेज बुखार आ रहा था। वह सुबह शौच के लिए गया था जहां उसकी मौत हो गई। उसकी कोरोना जांच पहले ही करा ली गई थी। मामले से एम्स चौकी प्रभारी को अवगत करा दिया गया था। परिवारीजन शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। बाद में शव को वापस लखनऊ से रायबरेली लाया गया। निगोहा और बछरावां थाना क्षेत्र के बीच एक सेंटर में शव की कोरोना जांच कराई जा रही है। मामले में कोई लापरवाही नहीं बरती गई।
एम्स चौकी प्रभारी त्रियुगी नारायण मिश्रा ने बताया कि रामा कंस्ट्रक्शन कंपनी के जीएम ने बीमारी के चलते श्रमिक की मौत बताई थी। जीएम से मृतक की कोरोना जांच कराने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने यह कहते हुए गुमराह किया कि कोरोना जांच पहले ही करा ली गई थी। जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। लिखित रूप से श्रमिक की मौत की जानकारी भी नहीं दी। शव का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया।
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मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम वैभव श्रीवास्तव ने एसडीएम सदर को जांच के लिए मौके पर भेजा। एसडीएम ने दिल्ली जा रहे श्रमिक के शव को वापस रायबरेली लाने के निर्देश दिए। एंबुलेंस से शव को निगोहा-बछरावां के बीच कोविड-19 सेंटर में कोरोना की जांच के लिए लाया गया। मामले में लापरवाही उजागर होने पर एसडीएम ने जांच रिपोर्ट डीएम को भेज दी है। लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई हो सकती है।
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एम्स का निर्माण रामा कंस्ट्रक्शन कंपनी करा रही है। दिल्ली के ई-3-78 चाणक्य प्लेस डीके मोहन गार्डेन पश्चिमी निवासी किशोर झा (60) पुत्र विद्याधर झा मजदूरी करता था। बताते हैं कि वह शनिवार सुबह प्रसाधन के लिए गया था। इसी दौरान उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई। जानकारी होने पर कंपनी के अधिकारियों ने इस मामले से एम्स चौकी प्रभारी को अवगत कराया।
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एम्स चौकी प्रभारी ने कोरोना जांच कराने की बात कही तो कंपनी के एक अधिकारी ने यह कहते हुए मामला दबाने की कोशिश करी कि इसकी कोरोना जांच हो गई। जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी। परिवारीजनों की चौकी प्रभारी से बात कराकर शव को आननफानन एंबुलेंस से दिल्ली के लिए रवाना करा दिया।
मामला डीएम के संज्ञान में आया तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। डीएम के आदेश पर एसडीएम सदर शालिनी प्रभाकर जांच के लिए एम्स पहुंचीं। एसडीएम ने कंपनी के अधिकारियों से शव को वापस रायबरेली लाने के लिए कहा। इसके साथ ही आननफानन में शव को दिल्ली भिजवाने पर नाराजगी जताई।
एसडीएम सदर ने बताया कि निर्माणाधीन एम्स में काम करने वाले श्रमिक की बीमारी के चलते मौत होना बताया जा रहा है। श्रमिक के शव को बिना कोविड-19 जांच और पोस्टमार्टम कराए दिल्ली भेजना लापरवाही को दर्शाता है। कंपनी के अधिकारियों को नोटिस देकर जवाब मांगा जाएगा। इसके साथ ही मामले की पूरी रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है।
रामा कंस्ट्रक्शन कंपनी के जीएम राजीव कुमार बग्गा ने बताया कि श्रमिक किशोर झा को तेज बुखार आ रहा था। वह सुबह शौच के लिए गया था जहां उसकी मौत हो गई। उसकी कोरोना जांच पहले ही करा ली गई थी। मामले से एम्स चौकी प्रभारी को अवगत करा दिया गया था। परिवारीजन शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। बाद में शव को वापस लखनऊ से रायबरेली लाया गया। निगोहा और बछरावां थाना क्षेत्र के बीच एक सेंटर में शव की कोरोना जांच कराई जा रही है। मामले में कोई लापरवाही नहीं बरती गई।
एम्स चौकी प्रभारी त्रियुगी नारायण मिश्रा ने बताया कि रामा कंस्ट्रक्शन कंपनी के जीएम ने बीमारी के चलते श्रमिक की मौत बताई थी। जीएम से मृतक की कोरोना जांच कराने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने यह कहते हुए गुमराह किया कि कोरोना जांच पहले ही करा ली गई थी। जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। लिखित रूप से श्रमिक की मौत की जानकारी भी नहीं दी। शव का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया।