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शांति इन होटल में तैयार ग्रेवी में सेहत के लिए खतरनाक तत्व
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रायबरेली। शहर के प्रभू टाउन स्थित शांति इन होटल में प्याज, टमाटर, पोस्ता दाना, मगज, सोयाबीन रिफाइंड से तैयार ग्रेवी में सेहत के लिए खतरनाक तत्व पाए गए हैं। इसके अलावा गणेश स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट की रसमलाई भी मिस्ब्रांड मिली। सुपर मार्केट स्थित अग्रवाल स्वीट्स में खोवा का नमूना भी फेल मिला है।
खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला मेरठ की जांच में 18 खाद्य पदार्थों के नमूने फेल पाए जाने के बाद गुरुवार को खाद्य पदार्थों के निर्माताओं सहित 20 प्रतिष्ठानों के संचालकों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। साथ ही मुकदमे की प्रक्रिया भी एफएसडीए ने शुरू कर दी है।
अभिहित अधिकारी एफएसडीए इंद्र बहादुर यादव ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमाशंकर पटेल ने 13 जनवरी को शहर के शांति इन प्रभू टाउन में प्याज, टमाटर, पोस्ता दाना, मगज, सोयाबीन रिफाइंड से तैयार ग्रेवी का नमूना लेकर जांच के लिए खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला मेरठ भेजा था।
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ग्रेवी में ऐसे तत्व पाए गए हैं, जिससे वह सेहत के लिए खतरनाक है। इसलिए ग्रेवी के नमूने को असुरक्षित घोषित कर दिया गया। नमूना असुरक्षित मिलने के बाद मैनेजर परितोष कुमार श्रीवास्तव, तेजगांव लालगंज निवासी मालिक राजवर्धन सिंह को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
इसके अलावा प्रभूटाउन में ही गणेश स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट में भरा गया रसमलाई का नमूना मिस्ब्रांड मिलने पर मालिक सौरभ गुप्ता को और सुपर मार्केट स्थित अग्रवाल स्वीट्स के खोवे का नमूना फेल मिलने पर संचालक राजेश अग्रवाल को नोटिस दिया गया है।
इसके अलावा खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला मेरठ की जांच में सेमरा निवासी ललित कुमार यादव के दूध, कैथवल ऊंचाहार निवासी राजू अग्रहरि के हल्दी साबूत, दीप डेयरी में खोवा का नमूना फेल आया। मालिक भरतलाल को नोटिस दिया गया है।
शंकरनगर मुराईबाग निवासी मुकेश कुमार की दुकान से लिया गया खोवा का नमूना, गांधी चौराहा लालगंज निवासी ओम बाबू गुप्ता की दुकान से लिया गया पनीर, शहर के चकभीखमपुर में अनुज गुप्ता की दुकान से बेसन, एसजेएस स्कूल के सामने जगतपुर रोड स्थित हैप्पी होम से लिया गया खारी बटर का नमूना फेल आया है।
फिरोज गांधी कॉलोनी में लिए गए जीरा बिस्कुट का नमूना फेल आने पर लार्ड बेकरी डिपार्टमेंट स्टोर के संचालक मनमीत सिंह व निर्माता नेहा बेकरी दर्शन पुरवा कानपुर को नोटिस दिया गया है।
ऊंचाहार के ईश्वदासपुर निवासी मुरलीधन की दुकान से लिए गए बेसन का नमूना, शहर के बड़ा खतराना के राजू गुप्ता की दुकान, रघुनाथपुर खजूरगांव निवासी राधाकृष्णा की दुकान व दरीबा निवासी अमृत लाल से लिए गए खोवे के नमूने, ईश्वरदासपुर निवासी रमेश कुमार की दुकान से सरसों का तेल और राघवपुर बछरावां निवासी राम नारायण की दुकान से लिया गया चौधरी ब्रांड पापड़ का नमूना फेल आया है।
अभिहित अधिकारी एफएसडीए इंद्र बहादुर यादव ने बताया कि शांती इन होटल से भरा गया ग्रेवी का नमूना असुरक्षित मिला है। इसके अलावा 17 और प्रतिष्ठानों के नमूने भी जांच में फेल मिले हैं। कारोबारियों को नोटिस देने के साथ ही मुकदमे की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है।
आरबीएसके सहायक नोडल अधिकारी डॉ. मनीष सिंह राजपूत का कहना है कि किसी भी प्रकार के दूषित खाद्य पदार्थों का सेवन करने से सेहत को नुकसान होता है। दूषित खाद्य पदार्थ लिवर को प्रभावित करता है। इससे पेट की बीमारियां बढ़ जाती हैं।
पेट की समस्या के कारण अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए दूषित खाद्य पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए। जांच में असुरक्षित मिलने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन तो कतई न किया जाए। इसमें सेहत के लिए खतरनाक तत्व होते हैं।
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खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला मेरठ की जांच में 18 खाद्य पदार्थों के नमूने फेल पाए जाने के बाद गुरुवार को खाद्य पदार्थों के निर्माताओं सहित 20 प्रतिष्ठानों के संचालकों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। साथ ही मुकदमे की प्रक्रिया भी एफएसडीए ने शुरू कर दी है।
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अभिहित अधिकारी एफएसडीए इंद्र बहादुर यादव ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमाशंकर पटेल ने 13 जनवरी को शहर के शांति इन प्रभू टाउन में प्याज, टमाटर, पोस्ता दाना, मगज, सोयाबीन रिफाइंड से तैयार ग्रेवी का नमूना लेकर जांच के लिए खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला मेरठ भेजा था।
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ग्रेवी में ऐसे तत्व पाए गए हैं, जिससे वह सेहत के लिए खतरनाक है। इसलिए ग्रेवी के नमूने को असुरक्षित घोषित कर दिया गया। नमूना असुरक्षित मिलने के बाद मैनेजर परितोष कुमार श्रीवास्तव, तेजगांव लालगंज निवासी मालिक राजवर्धन सिंह को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
इसके अलावा प्रभूटाउन में ही गणेश स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट में भरा गया रसमलाई का नमूना मिस्ब्रांड मिलने पर मालिक सौरभ गुप्ता को और सुपर मार्केट स्थित अग्रवाल स्वीट्स के खोवे का नमूना फेल मिलने पर संचालक राजेश अग्रवाल को नोटिस दिया गया है।
इसके अलावा खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला मेरठ की जांच में सेमरा निवासी ललित कुमार यादव के दूध, कैथवल ऊंचाहार निवासी राजू अग्रहरि के हल्दी साबूत, दीप डेयरी में खोवा का नमूना फेल आया। मालिक भरतलाल को नोटिस दिया गया है।
शंकरनगर मुराईबाग निवासी मुकेश कुमार की दुकान से लिया गया खोवा का नमूना, गांधी चौराहा लालगंज निवासी ओम बाबू गुप्ता की दुकान से लिया गया पनीर, शहर के चकभीखमपुर में अनुज गुप्ता की दुकान से बेसन, एसजेएस स्कूल के सामने जगतपुर रोड स्थित हैप्पी होम से लिया गया खारी बटर का नमूना फेल आया है।
फिरोज गांधी कॉलोनी में लिए गए जीरा बिस्कुट का नमूना फेल आने पर लार्ड बेकरी डिपार्टमेंट स्टोर के संचालक मनमीत सिंह व निर्माता नेहा बेकरी दर्शन पुरवा कानपुर को नोटिस दिया गया है।
ऊंचाहार के ईश्वदासपुर निवासी मुरलीधन की दुकान से लिए गए बेसन का नमूना, शहर के बड़ा खतराना के राजू गुप्ता की दुकान, रघुनाथपुर खजूरगांव निवासी राधाकृष्णा की दुकान व दरीबा निवासी अमृत लाल से लिए गए खोवे के नमूने, ईश्वरदासपुर निवासी रमेश कुमार की दुकान से सरसों का तेल और राघवपुर बछरावां निवासी राम नारायण की दुकान से लिया गया चौधरी ब्रांड पापड़ का नमूना फेल आया है।
अभिहित अधिकारी एफएसडीए इंद्र बहादुर यादव ने बताया कि शांती इन होटल से भरा गया ग्रेवी का नमूना असुरक्षित मिला है। इसके अलावा 17 और प्रतिष्ठानों के नमूने भी जांच में फेल मिले हैं। कारोबारियों को नोटिस देने के साथ ही मुकदमे की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है।
आरबीएसके सहायक नोडल अधिकारी डॉ. मनीष सिंह राजपूत का कहना है कि किसी भी प्रकार के दूषित खाद्य पदार्थों का सेवन करने से सेहत को नुकसान होता है। दूषित खाद्य पदार्थ लिवर को प्रभावित करता है। इससे पेट की बीमारियां बढ़ जाती हैं।
पेट की समस्या के कारण अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए दूषित खाद्य पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए। जांच में असुरक्षित मिलने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन तो कतई न किया जाए। इसमें सेहत के लिए खतरनाक तत्व होते हैं।