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समरई नाले पर बने पुल की रेलिंग टूटी, हादसे का अंदेशा
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समरई नाले पर बने पुल की टूटी रेलिंग।
- फोटो : RAIBARAILY
सरेनी (रायबरेली)। सरेनी-सेमरी मार्ग पर लदाखेड़ा गांव के निकट समरई नाले पर बने पुल की रेलिंग टूटी हुई है। इससे हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। पुल से होकर गुजरने वाले वाले लोग कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं। इस समस्या से कई बार अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन रेलिंग नहीं बनवाई जा रही है।
सरेनी से सेमरी की दूरी 13 किलोमीटर है। सरेनी से सेमरी की ओर जाने पर दो किलोमीटर की दूरी पर लदाखेड़ा के पास समरई नाला है, जिस पर पुल बना हुआ है। इस पुल की दोनों तरफ की रेलिंग टूट चुकी है। यह सड़क सरेनी को रायबरेली-कानपुर मार्ग से जोड़ती है।
इसीलिए इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन अधिक रहता है, जो समरई नाले पर बने पुल से होकर गुजरते हैं। आसपास के गांवों के लोग भी इसी पुल से होकर सरेनी बाजार आते हैं। पुल की रेलिंग टूटी होने से वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का अंदेशा बना रहता है।
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धूरेमऊ निवासी मुन्नू तिवारी का कहना है कि कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर पुल की टूटी रेलिंग के बारे में अवगत कराया गया, ताकि रेलिंग बनवाई जा सके। इसके बावजूद अब तक किसी अफसर ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया है।
विजय कुमार, अमित कुमार, भीम सिंह, मनीष यादव ने बताया कि पुल से गुजरना खतरनाक हो चुका है। कई विद्यालयों के बच्चे भी इसी पुल से होकर आते-जाते हैं। दिनभर वाहनों का आना-जाना रहता है। हादसों का खतरा हर समय बना रहता है। उन्होंने समरई नाले पर बने पुल की टूटी रेलिंग बनवाने की मांग की है।
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सरेनी से सेमरी की दूरी 13 किलोमीटर है। सरेनी से सेमरी की ओर जाने पर दो किलोमीटर की दूरी पर लदाखेड़ा के पास समरई नाला है, जिस पर पुल बना हुआ है। इस पुल की दोनों तरफ की रेलिंग टूट चुकी है। यह सड़क सरेनी को रायबरेली-कानपुर मार्ग से जोड़ती है।
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इसीलिए इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन अधिक रहता है, जो समरई नाले पर बने पुल से होकर गुजरते हैं। आसपास के गांवों के लोग भी इसी पुल से होकर सरेनी बाजार आते हैं। पुल की रेलिंग टूटी होने से वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का अंदेशा बना रहता है।
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धूरेमऊ निवासी मुन्नू तिवारी का कहना है कि कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर पुल की टूटी रेलिंग के बारे में अवगत कराया गया, ताकि रेलिंग बनवाई जा सके। इसके बावजूद अब तक किसी अफसर ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया है।
विजय कुमार, अमित कुमार, भीम सिंह, मनीष यादव ने बताया कि पुल से गुजरना खतरनाक हो चुका है। कई विद्यालयों के बच्चे भी इसी पुल से होकर आते-जाते हैं। दिनभर वाहनों का आना-जाना रहता है। हादसों का खतरा हर समय बना रहता है। उन्होंने समरई नाले पर बने पुल की टूटी रेलिंग बनवाने की मांग की है।