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वन विभाग के अफसरों की बेरुखी में सूख पेड़

Sun, 10 Apr 2022 11:00 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 10 Apr 2022 11:00 PM IST
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Cut trees
रायबरेली। पेड़ों को नया दर रास नहीं आ रहा है। शिफ्टिंग के समय हुई बेरुखी से 2500 पेड़ सूख गए। इनमें पत्तियां नहीं निकली हैं। ये सभी पेड़ लखनऊ-प्रयागराज हाईवे के किनारे लगे थे।
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हाईवे को चौड़ा करने के चक्कर में हरियाली पर प्रहार कर दिया गया। दूसरी जगह शिफ्ट किए गए पेड़ सूख गए हैं। इन पेड़ों को शिफ्ट करने के बाद कभी-कभार पानी दिया गया। देखरेख के नाम पर खानापूर्ति की गई। इन पेड़ों को लगाने के दौरान जमकर मनमानी की गई। उखाड़ते समय जड़ें टूट गईं।
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रायबरेली-प्रयागराज हाईवे के चौड़ीकरण के अलावा जगतपुर, बाबूगंज और ऊंचाहार में बनने वाले बाईपास को लेकर वन विभाग ने 2500 पेड़ों को हटवाकर दूसरी जगह लगाया।
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इन पेड़ों को एम्स, शारदा सहायक के किनारे वन विभाग के जंगल, जगतपुर क्षेत्र में हाईवे के किनारे पेड़ हटाकर चडरई-जमुनापुर मार्ग के किनारे इन पेड़ों को लगाया गया।
शहर में सई मामा चौराहे से सई नदी के बीच के पेड़ हटाकर मामा चौराहे के निकट ओवरब्रिज के पास लगाए। इन पेड़ों में ज्यादा पेड़ सूख गए है।
जमुनापुर-चडरई मार्ग के किनारे लगाए गए पेड़ों में अधिकांश सूख गए हैं। देखरेख के नाम पर खानापूरी हो रही है। भीषण गर्मी में इन पेड़ों को पानी तक नसीब नहीं हो रहा है।
इसी तरह वन विभाग दफ्तर से चंद कदम की दूरी पर ओवरब्रिज के किनारे लगाए पेड़ बेरुखी का शिकार हो गए हैं। इसमें ज्यादातर पेड़ सूख गए है।
धन का बंदरबांट, उखाड़ने की गई मनमानी
हाईवे के किनारे और बनने वाले बाईपास की जगह से करीब 3300 पेड़ हटाए जाने हैं। एनएचएआई की ओर से पेड़ हटाने और काटने के लिए वन विभाग और वन निगम को एक करोड़ नौ लाख रुपये दे दिए गए हैं।
अभी पेड़ तो नहीं काटे गए, लेकिन वन विभाग की ओर नवंबर और दिसंबर में पेड़ हटा लिए गए हैं। इन पेड़ों को हटाने में जमकर मनमानी की गई।
जेसीबी से खोदाई के दौरान ही काफी जड़ें कट गईं थीं, उसके बाद हाइड्रा से ऊपर उठाने के दौरान ज्यादातर पेड़ों की मुख्य जड़ टूट गईं थीं।
जिस तरह पेड़ों को उखाड़ा गया, उससे पहले ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि इसमें ज्यादातर पेड़ सूख जाएंगे। आखिरकार वही हुआ। चार महीने बाद भी बड़ी संख्या में पेड़ों से नई पत्तियां नहीं निकली।

90 फीसदी पेड़ों में आ गईं हैं पत्तियां
जो भी पेड़ हाईवे से हटाकर लगाए हैं, उसमें से 90 फीसदी पेड़ों में पत्तियां आ गईं हैं। पेड़ों में बराबर पानी डालने के साथ ही देखरेख हो रही है। कोई पेड़ सूखा नहीं है। बरसात बाद सभी पेड़ हरे-भरे हो जाएंगे।
-सुरेश कुमार पांडेय, डीएफओ
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