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Raebareli News: ओपीडी में भीड़, 1900 रोगियों ने कराया इलाज
Fri, 20 Jun 2025 12:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Fri, 20 Jun 2025 12:49 AM IST
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जिला अस्पताल के पैथालॉजी में लगी रोगियों की भीड़।
रायबरेली। मौसम में बदलाव के कारण जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को मरीजों की भीड़ उमड़ी। लगभग 1900 मरीज आउट पेशेंट डिपार्टमेंट (ओपीडी) में पहुंचे। कोरोना की आशंका को देखते हुए सावधानी नहीं बरती। मरीजों के चेहरे पर न मास्क दिखा और न ही दो गज की दूरी का ही पालन किया गया।
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की भीड़ लग गई। परचा बनवाने के बाद ओपीडी कक्षों के बाहर मरीजों की भीड़ रही। दवा लेने के लिए लंबी लाइनों में लोग दिखे। पैथोलॉजी में जांच कराने के लिए मरीजों को पसीना बहाना पड़ा। गर्मी अधिक होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
ओपीडी कक्षों के बाहर गर्मी में मरीजों ने अपनी बारी आने का इंतजार किया। खासकर मेडिसिन विभाग में सबसे अधिक भीड़ रही। सीएमएस डॉ. पुष्पेंद्र कुमार का कहना है कि गर्मी में मरीज बढ़े हैं। कोरोना को देखते हुए लोग एहतियात बरतें। समस्या होने पर अस्पताल पहुंचकर इलाज कराएं।
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बाहर की दवाएं लिखने का नहीं थम रहा खेल
जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों को बाजार की दवाएं लिखने का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। रिश्तेदार का इलाज कराने के लिए आए सुधीर कुमार से चिकित्सक ने कहा, चौराहे पर सउद के यहां जाकर कहो कि सात नंबर वाले डॉक्टर से बात कर लो। दवा मिल जाएगी। मरीज ने दुकान पर पहुंचकर ऐसा ही किया और छह सौ रुपये की दवा खरीदनी पड़ी। मरीज ने सीएमएस के पास पहुंचकर शिकायत की है।
हड्डी रोग विभाग में मौजूद एक बाहरी व्यक्ति ने मरीजों को बाजार की दवा की परची लिखकर थमा दी। यह शिकायत भी सीएमएस के पास पहुंच गई। सीएमएस डॉ. पुष्पेंद्र कुमार का कहना है कि शिकायतें आई हैं। मामले में चिकित्सकों को अल्टीमेटम दिया गया है।
बुखार और डायरिया के 22 रोगी भर्ती
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे बुखार और डायरिया के 22 मरीजों को भर्ती करके इलाज शुरू किया गया। टीबी से ग्रसित एक मरीज को भर्ती कराया गया। अयांश (1), सबा बानों (22), रेखा (35), शिवबख्श (95), रमपता (60), शीतला (40), मयंक (2), गंगाबख्श (35) आदि मरीजों को भर्ती करके इलाज के लिए भर्ती कराया गया।
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बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की भीड़ लग गई। परचा बनवाने के बाद ओपीडी कक्षों के बाहर मरीजों की भीड़ रही। दवा लेने के लिए लंबी लाइनों में लोग दिखे। पैथोलॉजी में जांच कराने के लिए मरीजों को पसीना बहाना पड़ा। गर्मी अधिक होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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ओपीडी कक्षों के बाहर गर्मी में मरीजों ने अपनी बारी आने का इंतजार किया। खासकर मेडिसिन विभाग में सबसे अधिक भीड़ रही। सीएमएस डॉ. पुष्पेंद्र कुमार का कहना है कि गर्मी में मरीज बढ़े हैं। कोरोना को देखते हुए लोग एहतियात बरतें। समस्या होने पर अस्पताल पहुंचकर इलाज कराएं।
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बाहर की दवाएं लिखने का नहीं थम रहा खेल
जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों को बाजार की दवाएं लिखने का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। रिश्तेदार का इलाज कराने के लिए आए सुधीर कुमार से चिकित्सक ने कहा, चौराहे पर सउद के यहां जाकर कहो कि सात नंबर वाले डॉक्टर से बात कर लो। दवा मिल जाएगी। मरीज ने दुकान पर पहुंचकर ऐसा ही किया और छह सौ रुपये की दवा खरीदनी पड़ी। मरीज ने सीएमएस के पास पहुंचकर शिकायत की है।
हड्डी रोग विभाग में मौजूद एक बाहरी व्यक्ति ने मरीजों को बाजार की दवा की परची लिखकर थमा दी। यह शिकायत भी सीएमएस के पास पहुंच गई। सीएमएस डॉ. पुष्पेंद्र कुमार का कहना है कि शिकायतें आई हैं। मामले में चिकित्सकों को अल्टीमेटम दिया गया है।
बुखार और डायरिया के 22 रोगी भर्ती
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे बुखार और डायरिया के 22 मरीजों को भर्ती करके इलाज शुरू किया गया। टीबी से ग्रसित एक मरीज को भर्ती कराया गया। अयांश (1), सबा बानों (22), रेखा (35), शिवबख्श (95), रमपता (60), शीतला (40), मयंक (2), गंगाबख्श (35) आदि मरीजों को भर्ती करके इलाज के लिए भर्ती कराया गया।