{"_id":"6aa6fde2bd8ed84e2c047423","slug":"crops-submerged-and-transportation-disrupted-due-to-the-overflowing-sai-river-raebareli-news-c-101-1-slko1031-167402-2026-09-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raebareli News: सई नदी के उफनाने से फसलें डूबीं, आवागमन बाधित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raebareli News: सई नदी के उफनाने से फसलें डूबीं, आवागमन बाधित
Mon, 14 Sep 2026 01:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Mon, 14 Sep 2026 01:17 AM IST
विज्ञापन
बछरावां क्षेत्र में सई का जलस्तार बढ़ने से गांव के पास जलभराव से निकलते ग्रामीण।
बछरावां। सई नदी के उफनाने से कई गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। धान समेत अन्य फसलें डूब गई हैं। रास्ते पर पानी भरने से ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बछरावां ब्लॉक क्षेत्र के दैजुआ खेड़ा, मदाखेड़ा, उदरहरा, सिकंदरखेड़ा, बरचंदा और मुसाही खेड़ा समेत कई गांवों के पास सई नदी का पानी पहुंच गया है। नीवां के ग्राम प्रधान कनक ने बताया कि नदी का जलस्तर लगभग चार दिन पूर्व अचानक बढ़ गया था। इससे बरचंदा गांव को जाने वाला कूटी खेड़ा और सिंघम खेड़ा का रास्ता बंद हो गया है।
ग्रामीणों को अब उन्नाव जनपद के लउवा तथा जमुनिया खेड़ा होते हुए भोले खेड़ा से अपने गांव पहुंचने के लिए आठ किमी का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ रहा है। ग्रामीण चंद्रकिशोर, अंजनी, भीमशंकर, रामभारत और जमुना प्रसाद ने फसलों के नष्ट होने का खतरा बताया। एसडीएम महाराजगंज आयुष अग्रवाल ने बताया कि बरचंदा गांव में पानी भरने की पुष्टि की। उन्होंने राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजने और ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण कराने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बछरावां ब्लॉक क्षेत्र के दैजुआ खेड़ा, मदाखेड़ा, उदरहरा, सिकंदरखेड़ा, बरचंदा और मुसाही खेड़ा समेत कई गांवों के पास सई नदी का पानी पहुंच गया है। नीवां के ग्राम प्रधान कनक ने बताया कि नदी का जलस्तर लगभग चार दिन पूर्व अचानक बढ़ गया था। इससे बरचंदा गांव को जाने वाला कूटी खेड़ा और सिंघम खेड़ा का रास्ता बंद हो गया है।
विज्ञापन
ग्रामीणों को अब उन्नाव जनपद के लउवा तथा जमुनिया खेड़ा होते हुए भोले खेड़ा से अपने गांव पहुंचने के लिए आठ किमी का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ रहा है। ग्रामीण चंद्रकिशोर, अंजनी, भीमशंकर, रामभारत और जमुना प्रसाद ने फसलों के नष्ट होने का खतरा बताया। एसडीएम महाराजगंज आयुष अग्रवाल ने बताया कि बरचंदा गांव में पानी भरने की पुष्टि की। उन्होंने राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजने और ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण कराने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन