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आधे क्रय केंद्रों पर नहीं झन्ना और बोरों का इंतजाम
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रायबरेली। जिले में शुरुआती दौर में ही गेहूं खरीद व्यवस्था मजाक बनकर रह गई है। हाल ये है कि आधे क्रय केंद्रों पर झन्ना और बोरों का इंतजाम अब तक नहीं कराया गया है। इस वजह से गेहूं तौल प्रभावित है।
अधिकारियों की ओर से किए जा रहे निरीक्षण में भी क्रय केंद्रों में झन्ना और बोरे की व्यवस्था न होने की पोल खुल रही है। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। यही हाल रहा है तो इस बार गेहूं खरीद का लक्ष्य पाना किसी चुनौती से कम न होगा।
जिले में इस बार डेढ़ लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर गेहूं की फसल की बोआई की गई थी। बोआई का लक्ष्य अधिक होने पर इस बार गेहूं खरीदने के लिए 78 क्रय केंद्र खोले गए हैं।
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इन केंद्रों पर 82 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। आधे क्रय केंद्रों पर गेहूूं तौल के लिए झन्ना का इंतजाम नहीं है। गेहूं रखने के लिए बोरे भी नहीं हैं।
ऐसे में इन केंद्रों पर गेहूं तौल नहीं हो पा रही है। किसानों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। डीएम के निर्देश पर अधिकारी केंद्रों का निरीक्षण करके गेहूं खरीद की पड़ताल कर रहे हैं।
इस दौरान केंद्रों पर झन्ना और बोरों के न होने की शिकायतें मिल रही हैैं। गेहूं खरीद का सरकारी रेट 2015 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि खुले बाजार में 2000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है।
इससे कुछ ही किसान केंद्रों पर गेहूं बिक्री करने पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां पर बेदइंतजामी होने के कारण किसानों को बैरंग लौटना पड़ रहा है।
शहर स्थित मंडी समिति में खुले क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। बोरों के इंतजाम नहीं कराए गए हैं। ऊंचाहार प्रतिनिधि के मुताबिक तहसील क्षेत्र की साधन सहकारी समिति रामसांडा, खुर्रुमपुर, ऊंचाहार, रोहनियां, भीख, सिद्धौर में खुले क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है।
बैरंग लौट रहे किसान
गदागंज। दीनशाहगौरा ब्लॉक क्षेत्र में साधन सहकारी समिति साई, जलालपुर धई, सुटठा पश्चिम को सरकारी गेहूं क्रय केंद्र बनाया गया है। इन केंद्रों पर अव्यवस्था व्याप्त है।
साधन सहकारी समिति सुटठा पश्चिम केंद्र के सचिव नीरज शुक्ला कहते हैं कि गेहूं तौल के लिए बोरा और झन्ना का इंतजाम नहीं कराया गया है। इससे तौल प्रभावित है।
उधर, किसान दिनेश यादव, रमेश साहू, अमरेंद्र तिवारी कहते हैं कि हम लोग केंद्र जाते हैं, लेकिन झन्ना, बोरा न होने पर गेहूूं तौल न होने की बात कहकर वापस कर दिया जाता है।
जिले के सभी 78 गेहूं क्रय केंद्रों पर झन्ना और बोरों की व्यवस्था करा दी गई है। यदि किसी केंद्र पर बोरा और झन्ना नहीं पहुंचे हैं तो वहां पर भी जल्द इंतजाम करा दिया जाएगा। क्रय केंद्रों पर गेहूं की तौल शुरू हो गई है। कहीं पर कोई दिक्कत नहीं आ रही है।
रामानंद जायसवाल, डिप्टी आरएमओ
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अधिकारियों की ओर से किए जा रहे निरीक्षण में भी क्रय केंद्रों में झन्ना और बोरे की व्यवस्था न होने की पोल खुल रही है। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। यही हाल रहा है तो इस बार गेहूं खरीद का लक्ष्य पाना किसी चुनौती से कम न होगा।
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जिले में इस बार डेढ़ लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर गेहूं की फसल की बोआई की गई थी। बोआई का लक्ष्य अधिक होने पर इस बार गेहूं खरीदने के लिए 78 क्रय केंद्र खोले गए हैं।
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इन केंद्रों पर 82 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। आधे क्रय केंद्रों पर गेहूूं तौल के लिए झन्ना का इंतजाम नहीं है। गेहूं रखने के लिए बोरे भी नहीं हैं।
ऐसे में इन केंद्रों पर गेहूं तौल नहीं हो पा रही है। किसानों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। डीएम के निर्देश पर अधिकारी केंद्रों का निरीक्षण करके गेहूं खरीद की पड़ताल कर रहे हैं।
इस दौरान केंद्रों पर झन्ना और बोरों के न होने की शिकायतें मिल रही हैैं। गेहूं खरीद का सरकारी रेट 2015 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि खुले बाजार में 2000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है।
इससे कुछ ही किसान केंद्रों पर गेहूं बिक्री करने पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां पर बेदइंतजामी होने के कारण किसानों को बैरंग लौटना पड़ रहा है।
शहर स्थित मंडी समिति में खुले क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। बोरों के इंतजाम नहीं कराए गए हैं। ऊंचाहार प्रतिनिधि के मुताबिक तहसील क्षेत्र की साधन सहकारी समिति रामसांडा, खुर्रुमपुर, ऊंचाहार, रोहनियां, भीख, सिद्धौर में खुले क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है।
बैरंग लौट रहे किसान
गदागंज। दीनशाहगौरा ब्लॉक क्षेत्र में साधन सहकारी समिति साई, जलालपुर धई, सुटठा पश्चिम को सरकारी गेहूं क्रय केंद्र बनाया गया है। इन केंद्रों पर अव्यवस्था व्याप्त है।
साधन सहकारी समिति सुटठा पश्चिम केंद्र के सचिव नीरज शुक्ला कहते हैं कि गेहूं तौल के लिए बोरा और झन्ना का इंतजाम नहीं कराया गया है। इससे तौल प्रभावित है।
उधर, किसान दिनेश यादव, रमेश साहू, अमरेंद्र तिवारी कहते हैं कि हम लोग केंद्र जाते हैं, लेकिन झन्ना, बोरा न होने पर गेहूूं तौल न होने की बात कहकर वापस कर दिया जाता है।
जिले के सभी 78 गेहूं क्रय केंद्रों पर झन्ना और बोरों की व्यवस्था करा दी गई है। यदि किसी केंद्र पर बोरा और झन्ना नहीं पहुंचे हैं तो वहां पर भी जल्द इंतजाम करा दिया जाएगा। क्रय केंद्रों पर गेहूं की तौल शुरू हो गई है। कहीं पर कोई दिक्कत नहीं आ रही है।
रामानंद जायसवाल, डिप्टी आरएमओ