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सरकारी क्रय केंद्रों से कर रहे किनारा, बाजार में बेच रहे गेहूं
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सरकारी केंद्रों पर पसरा सन्नाटा
डीह। ब्लॉक क्षेत्र में किसानों का गेहूं खरीदने के लिए साधन सहकारी समिति डीह, साधन सहकारी समिति टेकारी दांदू, सुंदरगंज चौराहे के पास विपणन शाखा का खरीद केंद्र खुला है। अभी तक किसानों ने गेहूं बेचने के लिए केंद्र पर टोकन के लिए नहीं पहुंच रहे हैं, क्योंकि सरकार ने गेहूं का मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। किसान को केंद्र पर बेचने के लिए ट्रैक्टर पर लादकर केंद्र पर पहुंचाने के साथ ही 20 रुपये केंद्र का खर्च और गेहूं की सफाई का भी खर्च उठाना पड़ेगा।
वहीं बाजार में दो हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूूं व्यापारी खरीद रहे हैं। किसान रामेश्वर ने बताया कि गल्ला व्यापारी सरकारी रेट के बराबर रेट पर घर से गेहूं खरीद रहे हैं, जबकि सरकारी खरीद केंद्र पर जाने पर मूल्य वहीं मिलना है और झाम बहुत है। इसलिए गांव के आसपास के गल्ला व्यापारियों के हाथ गेहूं किसान बेच रहे हैं।
साधन सहकारी समिति डीह के केंद्र प्रभारी अशोक सिंह ने बताया कि चार दिन केंद्र खुले हों गए हैं, लेकिन किसी किसान ने गेहूं बेचने के लिए टोकन के लिए नहीं लिया है। साधन सहकारी समिति टेकारी दादू के केंद्र प्रभारी संजय तिवारी ने बताया कि किसानों को केंद्र पर गेहूं बेचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, लेकिन किसान टोकन नहीं ले रहे हैं।
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पांचवें दिन भी नहीं तौला गया गेहूं
महराजगंज। ब्लॉक क्षेत्र में भी किसानों का गेहूं खरीदने के लिए क्रय केंद्र खोले गए हैं। इसमें विपणन शाखा की ओर से महराजगंज के मंडी उपस्थल पर तीन क्रय केंद्रों को खोला गया है। यहां तैनात विपरण अधिकारी सुनीता यादव ने बताया कि यहां पर खुले तीन क्रय केंद्रों में एक का प्रभार स्वयं उनके पास है, जबकि दो अन्य केंद्रों पर अरविंद कुमार व सौरभ गुप्ता को खरीद प्रभारी बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि पांचवें दिन भी केंद्रों पर किसान गेहूं तौलाने नहीं पहुंचे हैं। सुनीता यादव ने बताया कि कुछ किसानों ने केंद्रों पर पहुंचकर गेहूं खरीद के लिए पंजीकरण कराया है। मऊ गांव के रहने वाले किसान रमाकांत अवस्थी, भंवनियापुर के रहने वाले किसान अनिल कुमार सिंह, पहरावां गांव के किसान बुधई पासी, सेनपुर के रहने वाले मनोज कुमार का कहना है कि इस समय खुले बाजार में भी गेहूं की कीमत दो हजार के आसपास प्रति क्विंटल चल रहा है। धान खरीद में किसानों को परेशानी हुई थी। इसलिए गेहूं बिक्री को लेकर किसान पहले से ही सतर्र्क हैं और बाजार में
रायबरेली। जिले में एक अप्रैल से गेहूं खरीद तो शुरू हो गई है, लेकिन किसान इस बार सरकारी क्रय केंद्रों की ओर रुख नहीं कर रहे हैं। सरकारी क्रय केंद्रों के बजाय किसान बाजार में पहुंचकर अपना गेहूूं बेच रहे हैं। वजह बाजार में ही सरकारी रेट पर ही व्यापारी गेहूं खरीद रहे हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि किसान टोकन लेने तक में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। यही हाल रहा तो इस बार अफसरों को गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा करना आसान नहीं होगा।
जिले में इस बार डेढ़ लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर गेहूं की फसल की बोवाई की गई थी। फसल की बोआई का लक्ष्य अधिक होने पर इस बार गेहूं खरीदने के लिए 78 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों पर 82 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा गया है।
दिक्कत ये आ रही है कि सरकारी रेट 2015 रुपये प्रति क्विंटल रखा है, जबकि बाजार में दो हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है। खास बात ये है कि सरकारी केंद्रों पर जाने पर किसानों को ट्रांसपोर्ट और पल्लेदारी का पैसा भी देना पड़ेगा। ऐेसे में किसानों के लिए गेहूं बेचना बाजार मुफीद स्थान बन गया है। पांच दिन बाद भी किसी क्रय केंद्र पर तौल नहीं हो सकी है।
गेहूं की कटाई भी अब शुरू हुई है। ऐसे में किसान गेहूूं लेकर केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे हैं। जैसे-जैसे गेहूूं की कटाई तेज होगी, वैसे-वैसे बाजार में गेहूं सस्ता पड़ जाएगा। किसानों को सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बिक्री करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। केंद्रों पर गेहूं खरीद के सभी संसाधन मुहैया करा दिए गए हैं।
रामानंद जायसवाल, डिप्टी आरएमओ
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डीह। ब्लॉक क्षेत्र में किसानों का गेहूं खरीदने के लिए साधन सहकारी समिति डीह, साधन सहकारी समिति टेकारी दांदू, सुंदरगंज चौराहे के पास विपणन शाखा का खरीद केंद्र खुला है। अभी तक किसानों ने गेहूं बेचने के लिए केंद्र पर टोकन के लिए नहीं पहुंच रहे हैं, क्योंकि सरकार ने गेहूं का मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। किसान को केंद्र पर बेचने के लिए ट्रैक्टर पर लादकर केंद्र पर पहुंचाने के साथ ही 20 रुपये केंद्र का खर्च और गेहूं की सफाई का भी खर्च उठाना पड़ेगा।
वहीं बाजार में दो हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूूं व्यापारी खरीद रहे हैं। किसान रामेश्वर ने बताया कि गल्ला व्यापारी सरकारी रेट के बराबर रेट पर घर से गेहूं खरीद रहे हैं, जबकि सरकारी खरीद केंद्र पर जाने पर मूल्य वहीं मिलना है और झाम बहुत है। इसलिए गांव के आसपास के गल्ला व्यापारियों के हाथ गेहूं किसान बेच रहे हैं।
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साधन सहकारी समिति डीह के केंद्र प्रभारी अशोक सिंह ने बताया कि चार दिन केंद्र खुले हों गए हैं, लेकिन किसी किसान ने गेहूं बेचने के लिए टोकन के लिए नहीं लिया है। साधन सहकारी समिति टेकारी दादू के केंद्र प्रभारी संजय तिवारी ने बताया कि किसानों को केंद्र पर गेहूं बेचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, लेकिन किसान टोकन नहीं ले रहे हैं।
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पांचवें दिन भी नहीं तौला गया गेहूं
महराजगंज। ब्लॉक क्षेत्र में भी किसानों का गेहूं खरीदने के लिए क्रय केंद्र खोले गए हैं। इसमें विपणन शाखा की ओर से महराजगंज के मंडी उपस्थल पर तीन क्रय केंद्रों को खोला गया है। यहां तैनात विपरण अधिकारी सुनीता यादव ने बताया कि यहां पर खुले तीन क्रय केंद्रों में एक का प्रभार स्वयं उनके पास है, जबकि दो अन्य केंद्रों पर अरविंद कुमार व सौरभ गुप्ता को खरीद प्रभारी बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि पांचवें दिन भी केंद्रों पर किसान गेहूं तौलाने नहीं पहुंचे हैं। सुनीता यादव ने बताया कि कुछ किसानों ने केंद्रों पर पहुंचकर गेहूं खरीद के लिए पंजीकरण कराया है। मऊ गांव के रहने वाले किसान रमाकांत अवस्थी, भंवनियापुर के रहने वाले किसान अनिल कुमार सिंह, पहरावां गांव के किसान बुधई पासी, सेनपुर के रहने वाले मनोज कुमार का कहना है कि इस समय खुले बाजार में भी गेहूं की कीमत दो हजार के आसपास प्रति क्विंटल चल रहा है। धान खरीद में किसानों को परेशानी हुई थी। इसलिए गेहूं बिक्री को लेकर किसान पहले से ही सतर्र्क हैं और बाजार में
रायबरेली। जिले में एक अप्रैल से गेहूं खरीद तो शुरू हो गई है, लेकिन किसान इस बार सरकारी क्रय केंद्रों की ओर रुख नहीं कर रहे हैं। सरकारी क्रय केंद्रों के बजाय किसान बाजार में पहुंचकर अपना गेहूूं बेच रहे हैं। वजह बाजार में ही सरकारी रेट पर ही व्यापारी गेहूं खरीद रहे हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि किसान टोकन लेने तक में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। यही हाल रहा तो इस बार अफसरों को गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा करना आसान नहीं होगा।
जिले में इस बार डेढ़ लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर गेहूं की फसल की बोवाई की गई थी। फसल की बोआई का लक्ष्य अधिक होने पर इस बार गेहूं खरीदने के लिए 78 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों पर 82 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा गया है।
दिक्कत ये आ रही है कि सरकारी रेट 2015 रुपये प्रति क्विंटल रखा है, जबकि बाजार में दो हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है। खास बात ये है कि सरकारी केंद्रों पर जाने पर किसानों को ट्रांसपोर्ट और पल्लेदारी का पैसा भी देना पड़ेगा। ऐेसे में किसानों के लिए गेहूं बेचना बाजार मुफीद स्थान बन गया है। पांच दिन बाद भी किसी क्रय केंद्र पर तौल नहीं हो सकी है।
गेहूं की कटाई भी अब शुरू हुई है। ऐसे में किसान गेहूूं लेकर केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे हैं। जैसे-जैसे गेहूूं की कटाई तेज होगी, वैसे-वैसे बाजार में गेहूं सस्ता पड़ जाएगा। किसानों को सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बिक्री करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। केंद्रों पर गेहूं खरीद के सभी संसाधन मुहैया करा दिए गए हैं।
रामानंद जायसवाल, डिप्टी आरएमओ