{"_id":"5707f0754f1c1b1c70c810cb","slug":"young-man-suicide","type":"story","status":"publish","title_hn":"युवक ने किया सुसाइड ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
युवक ने किया सुसाइड
अमर उजाला ब्यूरो/रायबरेली
Updated Fri, 08 Apr 2016 11:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भदोखर क्षेत्र में आर्थिक तंगी के चलते एक भूमिहीन युवक ने गुरुवार रात विषाक्त पदार्थ खाकर जान दे दी। गांव के एक नाले में युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। उसके मुंह से झाग निकल रहा था।
परिवारीजनों का आरोप है कि आर्थिक तंगी के चलते विषाक्त पदार्थ खाकर युवक ने मौत को गले लगाया। सूचना पर पहुंची पुलिस छानबीन कर रही है।
सेमरा गांव निवासी विजय सिंह (35) वैवाहिक कार्यक्रमों में मिठाई बनाने का कार्य करता था। वह गुरुवार रात घर के बाहर सोया था। शुक्रवार सुबह गांव स्थित एक नाले में विजय का शव मिला।
उसके मुंह से झाग निकल रहा था। घटना की सूचना पर थानेदार एसएन यादव गांव पहुंचे। पत्नी सीता का आरोप है कि विजय के नाम कोई जमीन नहीं थी। वैवाहिक कार्यक्रम में मिठाई बनाने का कार्य करते थे।
विज्ञापन
इससे होने वाली कमाई से रोजी-रोटी चलती थी। आर्थिक तंगी के चलते विजय ने विषाक्त पदार्थ खाकर जान दे दी। ग्राम प्रधान सतेंद्र सिंह का कहना है कि विजय ने स्वयं सहायता समूह से 50 हजार रुपये का ऋण भी लिया था।
आर्थिक तंगी के चलते विषाक्त पदार्थ खाकर जान दी है। थानेदार एसएन यादव का कहना है कि विजय के मुंह से झाग निकल रहा था। इससे आशंका है कि उसने विषाक्त पदार्थ खाकर जान दी है। घटना की छानबीन की जा रही है।
विज्ञापन
परिवारीजनों का आरोप है कि आर्थिक तंगी के चलते विषाक्त पदार्थ खाकर युवक ने मौत को गले लगाया। सूचना पर पहुंची पुलिस छानबीन कर रही है।
सेमरा गांव निवासी विजय सिंह (35) वैवाहिक कार्यक्रमों में मिठाई बनाने का कार्य करता था। वह गुरुवार रात घर के बाहर सोया था। शुक्रवार सुबह गांव स्थित एक नाले में विजय का शव मिला।
विज्ञापन
उसके मुंह से झाग निकल रहा था। घटना की सूचना पर थानेदार एसएन यादव गांव पहुंचे। पत्नी सीता का आरोप है कि विजय के नाम कोई जमीन नहीं थी। वैवाहिक कार्यक्रम में मिठाई बनाने का कार्य करते थे।
विज्ञापन
इससे होने वाली कमाई से रोजी-रोटी चलती थी। आर्थिक तंगी के चलते विजय ने विषाक्त पदार्थ खाकर जान दे दी। ग्राम प्रधान सतेंद्र सिंह का कहना है कि विजय ने स्वयं सहायता समूह से 50 हजार रुपये का ऋण भी लिया था।
आर्थिक तंगी के चलते विषाक्त पदार्थ खाकर जान दी है। थानेदार एसएन यादव का कहना है कि विजय के मुंह से झाग निकल रहा था। इससे आशंका है कि उसने विषाक्त पदार्थ खाकर जान दी है। घटना की छानबीन की जा रही है।