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शव दफनाने को लेकर दो पक्षों में टकराव
रायबरेली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jun 2015 12:06 AM IST
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सदर कोतवाली क्षेत्र में सोमवार को शव दफनाने को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़ गए। नौबत मारपीट तक पहुंच गई। जिस स्थान पर शव दफनाया जा रहा था, उस जमीन को दोनों पक्ष अपनी बता रहे थे।
एक पक्ष शव दफनाना चाहता था, जबकि दूसरा विरोध कर रहा था। सूचना पर पहुंची नायब तहसीलदार श्रद्धा सिंह और कोतवाल शैलेंद्र त्रिपाठी ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद शव को दूसरे स्थान पर दफनाया गया।
रायपुर निवासी सईद की मौत हो गई। परिवारीजन अलीमियां कॉलोनी स्थित कब्रिस्तान के पास उसका शव दफनाने को लेकर पहुंचे।
इसी बीच शरीफ कुरैशी, हरीश पहुंचे और यह कहते हुए शव दफनाने से रोक दिया कि यह उनका कब्रिस्तान है। मृतक पक्ष की तरफ से लाडले, अशरफ कब्रिस्तान में ही शव दफनाने को अड़े थे।
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इसी को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी। इससे पहले कि नौबत मारपीट तक पहुंचे, तहसील के अधिकारी और पुलिस पहुंच गई। दूसरे स्थान पर शव दफनाकर मामला शांत कराया गया।
कोतवाल का कहना है कि शव दफनाने को लेकर विवाद हो गया था, लेकिन बाद में मामला शांत करा दिया गया।
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एक पक्ष शव दफनाना चाहता था, जबकि दूसरा विरोध कर रहा था। सूचना पर पहुंची नायब तहसीलदार श्रद्धा सिंह और कोतवाल शैलेंद्र त्रिपाठी ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद शव को दूसरे स्थान पर दफनाया गया।
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रायपुर निवासी सईद की मौत हो गई। परिवारीजन अलीमियां कॉलोनी स्थित कब्रिस्तान के पास उसका शव दफनाने को लेकर पहुंचे।
इसी बीच शरीफ कुरैशी, हरीश पहुंचे और यह कहते हुए शव दफनाने से रोक दिया कि यह उनका कब्रिस्तान है। मृतक पक्ष की तरफ से लाडले, अशरफ कब्रिस्तान में ही शव दफनाने को अड़े थे।
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इसी को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी। इससे पहले कि नौबत मारपीट तक पहुंचे, तहसील के अधिकारी और पुलिस पहुंच गई। दूसरे स्थान पर शव दफनाकर मामला शांत कराया गया।
कोतवाल का कहना है कि शव दफनाने को लेकर विवाद हो गया था, लेकिन बाद में मामला शांत करा दिया गया।