{"_id":"57ab750c4f1c1b0445ee5230","slug":"pregnant-burnt-alive-for-dowry-in-raibareli","type":"story","status":"publish","title_hn":"दहेज खातिर गर्भवती को जिंदा जलाया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दहेज खातिर गर्भवती को जिंदा जलाया
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Thu, 11 Aug 2016 12:10 AM IST
विज्ञापन
burnt alive
- फोटो : getty images
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेठी जिले के मोहनगंज थाना क्षेत्र में बुधवार को गर्भवती को चारपाई पर बांध केरोसिन छिड़ककर जिंदा जला दिया गया। मृतका के पिता का आरोप है कि ससुराली पक्ष दहेज की डिमांड कर रह था। डिमांड पूरी न होने पर उसकी बेटी को मार डाला गया।
उसे 10 दिनों से भूखे रखा गया था। पिता ने पति समेत चार ससुरालीपक्ष के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस जांच कर रही है। अमेठी जिले के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के कोलवा मजरे अहोरवा भवानी की रहने वाली हकीकुननिशा (30) की शादी 10 साल पहले इसी जिले के मोहनगंज क्षेत्र के कमई गांव निवासी शकील अहमद के साथ हुई थी।
इस समय हकीकुननिशा गर्भवती थी। शकील दिल्ली में कपड़ा सिलने का कार्य करता है। इस समय घर पर ही था। आरोप है कि सुबह ससुरालीपक्ष ने उसे चारपाई पर बांधकर शरीर पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी। इससे वह गंभीर रूप से झुलस गई।
विज्ञापन
जानकारी होने पर ग्रामीणों ने घटना का विरोध किया और ससुरालीपक्ष को फटकार लगाई तो वह हकीकुननिशा को गंभीर हालत में लेकर जिला अस्पताल रायबरेली पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया।
बेटी की मौत की सूचना पर पिता शाकिर मौके पर पहुंचा। पिता का आरोप है कि ससुरालीपक्ष दहेज की डिमांड कर रहा था। डिमांड पूरी न करने पर बेटी को प्रताड़ित किया जाता था। 10 दिन से उसे भूखा रखा गया था।
पिता ने थाने में मृतका के पति शकील अहमद, सास रहमुतनिशा, ससुर मो. शमी, ननद रेहानाबानो के खिलाफ बेटी को जलाकर मार डालने की तहरीर दी है। थानेदार रामराघव सिंह का कहना है कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। रिपोर्ट लिखकर जांच की जा रही है।
विज्ञापन
उसे 10 दिनों से भूखे रखा गया था। पिता ने पति समेत चार ससुरालीपक्ष के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस जांच कर रही है। अमेठी जिले के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के कोलवा मजरे अहोरवा भवानी की रहने वाली हकीकुननिशा (30) की शादी 10 साल पहले इसी जिले के मोहनगंज क्षेत्र के कमई गांव निवासी शकील अहमद के साथ हुई थी।
विज्ञापन
इस समय हकीकुननिशा गर्भवती थी। शकील दिल्ली में कपड़ा सिलने का कार्य करता है। इस समय घर पर ही था। आरोप है कि सुबह ससुरालीपक्ष ने उसे चारपाई पर बांधकर शरीर पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी। इससे वह गंभीर रूप से झुलस गई।
विज्ञापन
जानकारी होने पर ग्रामीणों ने घटना का विरोध किया और ससुरालीपक्ष को फटकार लगाई तो वह हकीकुननिशा को गंभीर हालत में लेकर जिला अस्पताल रायबरेली पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया।
बेटी की मौत की सूचना पर पिता शाकिर मौके पर पहुंचा। पिता का आरोप है कि ससुरालीपक्ष दहेज की डिमांड कर रहा था। डिमांड पूरी न करने पर बेटी को प्रताड़ित किया जाता था। 10 दिन से उसे भूखा रखा गया था।
पिता ने थाने में मृतका के पति शकील अहमद, सास रहमुतनिशा, ससुर मो. शमी, ननद रेहानाबानो के खिलाफ बेटी को जलाकर मार डालने की तहरीर दी है। थानेदार रामराघव सिंह का कहना है कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। रिपोर्ट लिखकर जांच की जा रही है।