फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   Indiscriminate firing in eye hospital

नेत्र चिकित्सालय में अंधाधुंध फायरिंग

Fri, 24 Mar 2017 11:22 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे Updated Fri, 24 Mar 2017 11:22 PM IST
विज्ञापन
Indiscriminate firing in eye hospital
रायबरेली में शुक्रवार को चिकित्सालय में फायरिंग पर पूछताछ करते चौकी इंचार्ज। - फोटो : अमर उजाला
मोहन सिंह नेत्र चिकित्सालय में घुसकर आधा दर्जन बदमाशों ने शुक्रवार को दोपहर अंधाधुंध फायरिंग की। इससे वार्डों में भर्ती रोगियोें में अफरातफरी मच गई। शीशे टूट गए और दहशत फैल गई। गनीमत रही कि बदमाशों की ओर से की गई फायरिंग से किसी रोगी को गोली नहीं लगी।
विज्ञापन


एक युवक को जान से मारने की नियत से बदमाशों ने दौड़ाया तो वह अस्पताल में घुस गया था। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तहकीकात की। जांच-पड़ताल के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से खोखे बरामद किए हैं। फायरिंग इस कदर की गई कि अस्पताल के शीशे टूट गए। साथ ही दीवारों पर गोली के निशान बन गए। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।
विज्ञापन


शहर के हाथी पार्क से चंद कदम की दूरी पर मोहन सिंह नेत्र चिकित्सालय है। शुक्रवार को दोपहर बाद करीब दो बजे छह बदमाश एक युवक को जान से मारने की नियत से दौड़ाए हुए थे। जान बचाने की नियत से युवक अस्पताल के अंदर घुस गया। इस पर पीछा कर रहे बदमाश अंदर घुस गए, लेकिन युवक रोगियों के बीच जाकर छिप गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे बदमाश उसे नहीं पकड़ पाए। जिससे बौखलाए बदमाशों ने अस्पताल में असलहों से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस पर अस्पताल के कर्मचारी भाग खड़े हुए। गनीमत रही कि जिस समय फायरिंग की गई, उस समय अस्पताल की ओपीडी बंद हो चुकी थी।

वारदात की सूचना पर जहानाबाद चौकी इंचार्ज धीरेंद्र यादव, त्रिपुला चौकी इंचार्ज रावेेेंद्र सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने अस्पताल के कर्मचारियों व डॉक्टरों से घटना के बाबत पूछताछ की, लेकिन इस बारे में कोई कुछ नहीं बता पाया। मौके पर पुलिस को न तो पीड़ित युवक मिला और न ही बदमाश।

जांच के दौरान घटनास्थल से पुलिस को कारतूस के खोखे मिले। इस संबंध में कोतवाल सुधीरचंद्र पांडेय का कहना है कि युवक और हमलावरों के बाबत कोई जानकारी नहीं है। वहीं, अस्पताल का स्टाफ और भर्ती रोगी भी कुछ ज्यादा नहीं बता पा रहे हैं। तहरीर भी नहीं मिली है। हमलावरों के बारे में पता लगाया जा रहा है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।

फिल्मी अंदाज में जिस तरह मोहन सिंह नेत्र चिकित्सालय में बदमाशों की ओर से अंधाधुंध फायरिंग की गई, उसने पुलिसिया सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वह अब अस्पताल में दिनदहाड़े घुसकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।


घटना के बाद से आसपास के लोग दहशत में नजर आए। रमेश कुमार, दिनेश सिंह, सतेंद्र का कहना था कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं वार्डों में भर्ती रोगी इस कदर दहशत में दिखे कि कुछ भी बताने से इंकार करते रहे। अस्पताल के डॉक्टर भी घटना की बाबत कुछ नहीं बताए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed