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गैर इरादतन हत्या में पिता व पुत्र को चार साल कैद
रायबरेली
Updated Fri, 15 Jul 2016 11:23 PM IST
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अदालत का फैसला
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कोर्ट ने एक मामूली सी घटना में बच्चे की गैर इरादतन हत्या करने वाले पिता व पुत्र को दोषी सिद्ध कर सजा सुनाई। दोनों को चार-चार वर्ष के सश्रम कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गई है। यह फैसला शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश आशीष गर्ग ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) अजय मौर्य के अनुसार मामले की एनसीआर कोतवाली महराजगंज में दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक वादी रामबक्स निवासी टीसाखानापुर थाना महराजगंज का आठ वर्षीय बेटा विजय कुमार 17 जनवरी 2009 की शाम पांच बजे अपने दरवाजे खेल रहा था।
खेलते समय विजय से एक मिट्टी का ढेला चरही में चला गया। इस पर पड़ोसी रामेश्वर व उसके बेटे बलगर उर्फ रामकेश ने बच्चे को दौड़ाकर पकड़ लिया और जमकर पीटा। इससे विजय के सिर व शरीर में गंभीर चोर्टें आइं। इलाज के दौरान जिला अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
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पुलिस ने विवेचना के बाद दोनों अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर पिता, पुत्र को दोष सिद्ध कर सजा सुनाई।
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अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) अजय मौर्य के अनुसार मामले की एनसीआर कोतवाली महराजगंज में दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक वादी रामबक्स निवासी टीसाखानापुर थाना महराजगंज का आठ वर्षीय बेटा विजय कुमार 17 जनवरी 2009 की शाम पांच बजे अपने दरवाजे खेल रहा था।
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खेलते समय विजय से एक मिट्टी का ढेला चरही में चला गया। इस पर पड़ोसी रामेश्वर व उसके बेटे बलगर उर्फ रामकेश ने बच्चे को दौड़ाकर पकड़ लिया और जमकर पीटा। इससे विजय के सिर व शरीर में गंभीर चोर्टें आइं। इलाज के दौरान जिला अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
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पुलिस ने विवेचना के बाद दोनों अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर पिता, पुत्र को दोष सिद्ध कर सजा सुनाई।