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बुजुर्ग किसान की धारदार हथियार से हत्या
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Tue, 30 May 2017 12:31 AM IST
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murder
- फोटो : demo
बछरावां थाना क्षेत्र के नीमटीकर गांव में रविवार रात महज रास्ते के विवाद में एक बुजुर्ग किसान को धारदार हथियार से हमला बोलकर मार डाला गया। चचेरी बहन ने ही आठ हमलावरों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।
नीमटीकर गांव निवासी राजाराम (70) किसानी करता था। उसने अपनी इकलौती बेटी सूरज रानी की शादी चंदापुर थाना शिवगढ़ निवासी शारदा प्रसाद के साथ की थी। पिता की देखभाल करने के लिए बेटी अपने परिवार के साथ मायके में ही रहती थी। वृद्ध राजाराम का रास्ते को लेकर अपनी सौतेली बहन राम जियाई से विवाद चल रहा था।
रात को भोजन करने के बाद राजाराम पड़ोस में ही रहने वाले निरंजन के घर मोबाइल का चार्जर लेने के लिए गया था। इसी दौरान आरोपियों ने उस पर धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। इससे वृद्ध के सिर पर गंभीर चोटें आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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वारदात की सूचना पर थानेदार अनिल सिंह ने घटनास्थल पर पहुंचकर परिवारीजनों से पूछताछ की। थानेदार का कहना है कि रास्ते के विवाद में किसान का मर्डर किया गया है। मृतक के नाती आशीष कुमार की तहरीर पर चचेरी बहन राम जियाई, एलआईसी एजेंट अमर सिंह चौधरी निवासी बहादुर नगर थाना शिवगढ़, उमाशंकर चौधरी निवासी गूढ़ा, कुलदीप, रविंद्र कुमार, शीला, रोमा निवासी नीमटीकर, धीरज निवासी अब्बास नगर थाना नगराम जिला लखनऊ के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है किहमलावरोें को पकड़कर जेल भेजा जाएगा।
यदि यूपी 100 पुलिस घटना को गंभीरता से लेती तो शायद किसान का कत्ल न होता। बताया जा रहा है कि रविवार सुबह दोनों पक्षों में दो बार मारपीट भी हुई और ईंट-पत्थर भी चले थे। सूचना पर यूपी 100 पुलिस मौके पर पहुंची थी।
दोनों पक्षों को पूछताछ के लिए थाने ले कर चली गई और समझौता करा कर वापस घर भेज दिया। बताया जाता है कि यूपी 100 पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके कारण विपक्षियों के हौसले और बुलंद हो गए और उन्होंने वृद्ध किसान को मौत के घाट उतार दिया। मर्डर से ग्रामीणों में नाराजगी है।
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नीमटीकर गांव निवासी राजाराम (70) किसानी करता था। उसने अपनी इकलौती बेटी सूरज रानी की शादी चंदापुर थाना शिवगढ़ निवासी शारदा प्रसाद के साथ की थी। पिता की देखभाल करने के लिए बेटी अपने परिवार के साथ मायके में ही रहती थी। वृद्ध राजाराम का रास्ते को लेकर अपनी सौतेली बहन राम जियाई से विवाद चल रहा था।
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रात को भोजन करने के बाद राजाराम पड़ोस में ही रहने वाले निरंजन के घर मोबाइल का चार्जर लेने के लिए गया था। इसी दौरान आरोपियों ने उस पर धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। इससे वृद्ध के सिर पर गंभीर चोटें आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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वारदात की सूचना पर थानेदार अनिल सिंह ने घटनास्थल पर पहुंचकर परिवारीजनों से पूछताछ की। थानेदार का कहना है कि रास्ते के विवाद में किसान का मर्डर किया गया है। मृतक के नाती आशीष कुमार की तहरीर पर चचेरी बहन राम जियाई, एलआईसी एजेंट अमर सिंह चौधरी निवासी बहादुर नगर थाना शिवगढ़, उमाशंकर चौधरी निवासी गूढ़ा, कुलदीप, रविंद्र कुमार, शीला, रोमा निवासी नीमटीकर, धीरज निवासी अब्बास नगर थाना नगराम जिला लखनऊ के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है किहमलावरोें को पकड़कर जेल भेजा जाएगा।
यदि यूपी 100 पुलिस घटना को गंभीरता से लेती तो शायद किसान का कत्ल न होता। बताया जा रहा है कि रविवार सुबह दोनों पक्षों में दो बार मारपीट भी हुई और ईंट-पत्थर भी चले थे। सूचना पर यूपी 100 पुलिस मौके पर पहुंची थी।
दोनों पक्षों को पूछताछ के लिए थाने ले कर चली गई और समझौता करा कर वापस घर भेज दिया। बताया जाता है कि यूपी 100 पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके कारण विपक्षियों के हौसले और बुलंद हो गए और उन्होंने वृद्ध किसान को मौत के घाट उतार दिया। मर्डर से ग्रामीणों में नाराजगी है।