{"_id":"5ad39b724f1c1b58098b4ba5","slug":"31523817330-raebareli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिस्चार्ज के नाम पर मांगे 600 रुपये, परिवारीजनों का हंगामा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
डिस्चार्ज के नाम पर मांगे 600 रुपये, परिवारीजनों का हंगामा
Updated Mon, 16 Apr 2018 12:16 AM IST
विज्ञापन
डिस्चार्ज के नाम पर मांगे 600 रुपये, परिवारीजनों का हंगामा
अमावां (रायबरेली)। सीएचसी अमावां में प्रसूता को डिस्चार्ज करने के नाम पर दो स्टाफ नर्सों ने 600 रुपये मांग लिए। इससे गुस्साए परिवारीजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा करते हुए कार्रवाई की मांग की। जानकारी होने पर अधीक्षक ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन देकर सभी को शांत कराया।
बरेंदा निवासी रामनंद की पत्नी आशा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर शनिवार सुबह सीएचसी अमावां में भर्ती कराया गया था। आशा ने एक बच्चे को जन्म दिया।
रविवार को जब परिवारीजन मरीज को डिस्चार्ज कराने गए तो दो नर्सों ने 600 रुपये की मांग की। पैसे कम होने के कारण 400 दिए जा रहे थे।
इस पर नर्सों ने रुपये को मरीज के मुंह पर फेंक दिया और डिस्चार्ज करने से मना कर दिया। इससे परिवारीजन खफा हो गए और हंगामा शुरू कर दिया।
सभी स्टाफ नर्सों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। उधर, सीएचसी में हंगामे की खबर पाकर अधीक्षक भी मौके पर पहुंच गए और नाराज लोगों को किसी तरह शांत कराया।
स्टाफ नर्स प्रीती व अनीता का कहना है कि रुपये मांगने की बात झूठी है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. दिलीप का कहना है कि मामला जानकारी में आया है। जांच कराई जा रही है। कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमावां (रायबरेली)। सीएचसी अमावां में प्रसूता को डिस्चार्ज करने के नाम पर दो स्टाफ नर्सों ने 600 रुपये मांग लिए। इससे गुस्साए परिवारीजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा करते हुए कार्रवाई की मांग की। जानकारी होने पर अधीक्षक ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन देकर सभी को शांत कराया।
बरेंदा निवासी रामनंद की पत्नी आशा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर शनिवार सुबह सीएचसी अमावां में भर्ती कराया गया था। आशा ने एक बच्चे को जन्म दिया।
रविवार को जब परिवारीजन मरीज को डिस्चार्ज कराने गए तो दो नर्सों ने 600 रुपये की मांग की। पैसे कम होने के कारण 400 दिए जा रहे थे।
इस पर नर्सों ने रुपये को मरीज के मुंह पर फेंक दिया और डिस्चार्ज करने से मना कर दिया। इससे परिवारीजन खफा हो गए और हंगामा शुरू कर दिया।
सभी स्टाफ नर्सों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। उधर, सीएचसी में हंगामे की खबर पाकर अधीक्षक भी मौके पर पहुंच गए और नाराज लोगों को किसी तरह शांत कराया।
विज्ञापन
स्टाफ नर्स प्रीती व अनीता का कहना है कि रुपये मांगने की बात झूठी है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. दिलीप का कहना है कि मामला जानकारी में आया है। जांच कराई जा रही है। कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन