{"_id":"5ced9750bdec220752496ac9","slug":"15590746881110-raibaraily-news83","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में दस्त से 10 फीसदी बच्चों की मौत: सीएमओ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
जिले में दस्त से 10 फीसदी बच्चों की मौत: सीएमओ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में दस्त से 10 फीसदी बच्चों की मौत : सीएमओ
रायबरेेली। जिले में मंगलवार को दस्त नियंत्रण पखवारा शुरू हो गया। सीडीओ राकेश कुमार व सीएमओ डॉ. डीके सिंह ने जिला अस्पताल में बच्चों को ओआरएस का घोल पिलाकर अभियान को शुरू कराया।
सीएमओ ने कहा कि शून्य से पांच वर्ष तक बच्चों में मृत्यु के प्रमुख कारणों में 10 प्रतिशत उल्टी व दस्त होता है। पीड़ित बच्चों को जिंक की गोली व ओरआरएस घोल पिलाकर इससे बचाया जा सकता है।
सीएमओ ने कहा कि 28 मई से 09 जून दस्त नियंत्रण पखवाड़ा चलेगा। जिला अस्पताल के साथ ही सभी सीएचसी व पीएचसी में कार्यक्रम के माध्यम से पखवारा शुरू किया गया।
विज्ञापन
उन्होंने अभियान में आशा बहुएं व एएनएम गांवों में घर-घर लाकर बच्चों को सेहत जांचेंगी और उन्हें ओआरएस व जिंक कह टैबलेट देंगी। साथ ही गांवों में जागरूकता कार्यक्रम संचालित करके लोगों को बच्चों को दस्त से बचाने के लिए टिप्स दिए जाएंगे।
सरकारी अस्पतालों में आने वाले लोगों को भी दस्त के संबंध में जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दस्त से बच्चों के बढ़ते मृत्युदर को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
सीएमएस डॉ. एनके ने बताया कि जागरूकता के अभाव में बच्चों की मृत्यु की संभावना बढ़ जाती है। सही समय पर इलाज न मिलने के कारण मृत्यु हो जाती है, जबकि जागरूकता के माध्यम से असमय होने वाले मृत्यु के उन कारणों में बचाव किया जा सकता है। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
रायबरेेली। जिले में मंगलवार को दस्त नियंत्रण पखवारा शुरू हो गया। सीडीओ राकेश कुमार व सीएमओ डॉ. डीके सिंह ने जिला अस्पताल में बच्चों को ओआरएस का घोल पिलाकर अभियान को शुरू कराया।
सीएमओ ने कहा कि शून्य से पांच वर्ष तक बच्चों में मृत्यु के प्रमुख कारणों में 10 प्रतिशत उल्टी व दस्त होता है। पीड़ित बच्चों को जिंक की गोली व ओरआरएस घोल पिलाकर इससे बचाया जा सकता है।
विज्ञापन
सीएमओ ने कहा कि 28 मई से 09 जून दस्त नियंत्रण पखवाड़ा चलेगा। जिला अस्पताल के साथ ही सभी सीएचसी व पीएचसी में कार्यक्रम के माध्यम से पखवारा शुरू किया गया।
विज्ञापन
उन्होंने अभियान में आशा बहुएं व एएनएम गांवों में घर-घर लाकर बच्चों को सेहत जांचेंगी और उन्हें ओआरएस व जिंक कह टैबलेट देंगी। साथ ही गांवों में जागरूकता कार्यक्रम संचालित करके लोगों को बच्चों को दस्त से बचाने के लिए टिप्स दिए जाएंगे।
सरकारी अस्पतालों में आने वाले लोगों को भी दस्त के संबंध में जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दस्त से बच्चों के बढ़ते मृत्युदर को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
सीएमएस डॉ. एनके ने बताया कि जागरूकता के अभाव में बच्चों की मृत्यु की संभावना बढ़ जाती है। सही समय पर इलाज न मिलने के कारण मृत्यु हो जाती है, जबकि जागरूकता के माध्यम से असमय होने वाले मृत्यु के उन कारणों में बचाव किया जा सकता है। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।