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कोहरे के कारण नाले में गिरा अधेड़, मौत
Updated Sun, 28 Jan 2018 12:17 AM IST
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कोहरे के कारण नाले में गिरा अधेड़, मौत
डलमऊ (रायबरेली)। कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार रात कोहरे के कारण एक ग्रामीण नाले में गिर गया। मोबाइल की घंटी बजने से उसके नाले में गिरे होने की जानकारी हुई।
आसपास के लोगों ने उसे नाले से निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। लोगों की मानें तो हाल में ही नाले का निर्माण कराया गया था, लेकिन उसे ढकवाया नहीं गया। घटना को लेकर लोगों में जबरदस्त नाराजगी है।
मियांटोला निवासी अश्वनी जायसवाल (50) देर रात मुराईबाग से पैदल घर आ रहा था। काफी कोहरा होने के कारण वह नहर की पटरी के किनारे बने नाले को नहीं देख सका और उसमें गिर गया।
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बताते हैं कि सिर में गंभीर चोट लगने वह अचेत हो गया। उधर, काफी देर बाद जब उसके मोबाइल की घंटी बजी तो आसपास से गुजर रहे लोगों ने नाले में झांका।
नाले में ग्रामीण को पड़ा देख लोग सन्न रह गए। परिवारीजन और आसपास के लोगों ने उसे सीएचसी डलमऊ पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया।
नागरिकों का कहना है कि यदि नाले के पत्थर से ढक दिया जाता तो यह हादसा नहीं होता। कस्बे के सुधीर जायसवाल, राजेश दिनेश त्रिपाठी, विनीत, दिनेश ने बताया कि पत्थर डलवाकर नाले को बंद कराने के लिए कई बार मांग की थी, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष डलमऊ बृजेश दत्त गौड़ ने बताया कि जल्द ही खुले नाले को पत्थर से ढकवाया जाएगा।
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डलमऊ (रायबरेली)। कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार रात कोहरे के कारण एक ग्रामीण नाले में गिर गया। मोबाइल की घंटी बजने से उसके नाले में गिरे होने की जानकारी हुई।
आसपास के लोगों ने उसे नाले से निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। लोगों की मानें तो हाल में ही नाले का निर्माण कराया गया था, लेकिन उसे ढकवाया नहीं गया। घटना को लेकर लोगों में जबरदस्त नाराजगी है।
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मियांटोला निवासी अश्वनी जायसवाल (50) देर रात मुराईबाग से पैदल घर आ रहा था। काफी कोहरा होने के कारण वह नहर की पटरी के किनारे बने नाले को नहीं देख सका और उसमें गिर गया।
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बताते हैं कि सिर में गंभीर चोट लगने वह अचेत हो गया। उधर, काफी देर बाद जब उसके मोबाइल की घंटी बजी तो आसपास से गुजर रहे लोगों ने नाले में झांका।
नाले में ग्रामीण को पड़ा देख लोग सन्न रह गए। परिवारीजन और आसपास के लोगों ने उसे सीएचसी डलमऊ पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया।
नागरिकों का कहना है कि यदि नाले के पत्थर से ढक दिया जाता तो यह हादसा नहीं होता। कस्बे के सुधीर जायसवाल, राजेश दिनेश त्रिपाठी, विनीत, दिनेश ने बताया कि पत्थर डलवाकर नाले को बंद कराने के लिए कई बार मांग की थी, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष डलमऊ बृजेश दत्त गौड़ ने बताया कि जल्द ही खुले नाले को पत्थर से ढकवाया जाएगा।