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अनुशासन व संस्कार से होता श्रेष्ठ नागरिक का निर्माण
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Sat, 22 Apr 2017 11:59 PM IST
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प्रधानाचार्य कार्ययाेजना की बैठक में पुस्तक का विमाेचन करते पदाधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
गोपाल सरस्वती विद्या मंदिर में प्रांतीय प्रधानाचार्य सम्मेलन में शनिवार को कार्ययोजना पर चर्चा की गई। मुख्य अतिथि क्षेत्रीय संगठन मंत्री डोमेश्वर साहू ने कहा कि अनुशासन और संस्कार से ही श्रेष्ठ नागरिक का निर्माण होता है। विद्या भारती के विद्यालयों में बच्चों को अनुशासन और संस्कार पहली प्राथमिकता होती है।
इसके अलावा तकनीकी शिक्षा भी दी जाती है। उन्होंने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास के लिए राष्ट्रीय और सामाजिक कार्यक्रम में बच्चों की सक्रिय भूमिका होती है। इसके अलावा सभी विद्यालयों में संगीत, योग और नैतिक शिक्षा भी दी जाती है। इसका उद्देश्य सर्वांगीण विकास कराना होता है।
इसमें सभी प्रधानाचार्यों की अहम भूमिका होती है। इसके अलावा खेलकूद गतिविधियां भी काफी बढ़ गई हैं। एथलेटिक्स में चार खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चमक बिखेर चुके हैं। विद्यालय प्रबंधक जामवंत राय ने कहा कि बच्चों को सीबीएसई बोर्ड से अच्छी शिक्षा दिलाई जा रही है।
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क्षेत्रीय बालिका शिक्षा प्रमुख उमाशंकर मिश्र ने कहा कि गरीब बस्तियों में रहने वाले बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जाती है। इसके लिए इन बस्तियों में संस्कार केंद्र खोले गए हैं। विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र लक्ष्मीकांत ने कहा कि संस्कृत ज्ञान परीक्षा कराई जाती है।
इसमें शासकीय और अशासकीय विद्यालयों को भी जोड़े जाने की तैयारी है। इस दौरान अतिथियों ने वार्षिक पत्रिका क्षितिज तथा गीतमाला सत्र 2017-18 का विमोचन भी किया। अतिथियों का स्वागत डॉ. लालता प्रसाद पांडेय और बाबुलनाथ दुबे ने किया।
इस दौरान 13 जिले से करीब 260 प्रधानाचार्य शामिल हुए। संचालन शिप्रा बाजपेई ने किया । इस मौके पर विभाग संघ चालक अमरेश बहादुर सिंह, अंजनी वर्मा, राजेंद्र बाबू, राजकुमार सिंह, उमाशंकर मिश्रा, बाबूलाल शर्मा, शिवभूषण त्रिपाठी, शैलेश मिश्रा, कमलेश सिंह, मिथिलेश आदि मौजूद रहे।
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इसके अलावा तकनीकी शिक्षा भी दी जाती है। उन्होंने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास के लिए राष्ट्रीय और सामाजिक कार्यक्रम में बच्चों की सक्रिय भूमिका होती है। इसके अलावा सभी विद्यालयों में संगीत, योग और नैतिक शिक्षा भी दी जाती है। इसका उद्देश्य सर्वांगीण विकास कराना होता है।
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इसमें सभी प्रधानाचार्यों की अहम भूमिका होती है। इसके अलावा खेलकूद गतिविधियां भी काफी बढ़ गई हैं। एथलेटिक्स में चार खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चमक बिखेर चुके हैं। विद्यालय प्रबंधक जामवंत राय ने कहा कि बच्चों को सीबीएसई बोर्ड से अच्छी शिक्षा दिलाई जा रही है।
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क्षेत्रीय बालिका शिक्षा प्रमुख उमाशंकर मिश्र ने कहा कि गरीब बस्तियों में रहने वाले बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जाती है। इसके लिए इन बस्तियों में संस्कार केंद्र खोले गए हैं। विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र लक्ष्मीकांत ने कहा कि संस्कृत ज्ञान परीक्षा कराई जाती है।
इसमें शासकीय और अशासकीय विद्यालयों को भी जोड़े जाने की तैयारी है। इस दौरान अतिथियों ने वार्षिक पत्रिका क्षितिज तथा गीतमाला सत्र 2017-18 का विमोचन भी किया। अतिथियों का स्वागत डॉ. लालता प्रसाद पांडेय और बाबुलनाथ दुबे ने किया।
इस दौरान 13 जिले से करीब 260 प्रधानाचार्य शामिल हुए। संचालन शिप्रा बाजपेई ने किया । इस मौके पर विभाग संघ चालक अमरेश बहादुर सिंह, अंजनी वर्मा, राजेंद्र बाबू, राजकुमार सिंह, उमाशंकर मिश्रा, बाबूलाल शर्मा, शिवभूषण त्रिपाठी, शैलेश मिश्रा, कमलेश सिंह, मिथिलेश आदि मौजूद रहे।