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70 सरकारी अस्पतालों में बनेंगे 686 बेड के कोविड वार्ड
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रायबरेली। ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमित होने के बाद मरीजों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। जिले की सभी सीएचसी व पीएचसी में कोविड वार्ड बनाने का काम शुरू हो गया है।
70 अस्पतालों में 686 बेड क्षमता के वार्ड बनाए जाएंगे। पहले चरण में जिले की सात सीएचसी व दो पीएचसी में कोविड वार्ड के भवनों के निर्माण का काम शुरू हो गया है।
अन्य अस्पतालों में भूमि चिह्नित की जा रही है। इन्हीं वार्डों में संक्रमित मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाएगा। हालात नाजुक होने की दशा में ही उन्हें कोविड के एल-2 या एल-3 अस्पतालों को रेफर किया जाएगा।
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कोरोना के खतरे को देखते हुए शासन ने ग्रामीण क्षेत्र के सभी अस्पतालों में कोविड वार्ड बनाने के आदेश दिए हैं। सीएचसी स्तर पर 20 बेड और पीएचसी में छह-छह बेड का कोविड वार्ड होगा।
अस्पताल परिसर या बगल में जमीन चिह्नित करके यह वार्ड बनने हैं, जिससे सीएचसी या पीएचसी का स्टाफ मरीजों की सेहत पर नजर रख सकेगा।
शासन की मंशा पर जमीन चिह्नित होने के बाद सीएचसी महराजगंज, दीनशाह गौरा, ऊंचाहार, शिवगढ़, रोहनियां, लालगंज, सरेनी में 20-20 बेड के कोविड वार्ड के भवन के निर्माण का काम शुरू हो गया है।
पीएचसी कटघर, अंबारा पश्चिम में भी छह-छह बेड का भवन बनना शुरू हो गया है। अन्य अस्पतालों में जमीन तलाशी जा रही है। जल्द ही भवनों के निर्माण का काम शुरू होगा। जमीन मिलते ही जिले की 19 सीएचसी और 51 पीएचसी में कोविड वार्ड स्थापित हो जाएंगे।
वार्ड में भर्ती कर संक्रमितों का तुरंत होगा इलाज
कोविड वार्ड के संचालन के बाद संक्रमितों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। संक्रमित होते ही वार्ड में उसे भर्ती करके इलाज शुरू कर दिया जाएगा।
अब तक संक्रमित होने की सूचना के बाद मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने में लंबा समय लग जाता था। अब गंभीर मरीजों को ही एल-2 या एल-3 अस्पतालों में शिफ्ट कराया जाएगा। दवा व मेडिकल सुविधा संबंधित अस्पतालों से वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों को उपलब्ध कराई जाएगी।
32.27 लाख में 20 बेड और 9.68 लाख में छह बेड का निर्माण
स्वास्थ्य विभाग के अवर अभियंता सुनील कुमार सिंह का कहना है कि शासन स्तर से ही निर्माण एजेंसी नामित हुई है। 32.27 लाख की लागत से 20 बेड के कोविड वार्ड और 9.68 लाख की लागत से छह बेड के कोविड वार्ड का निर्माण होना है। नौ अस्पतालों में जमीन चिह्नित होने के बाद निर्माण शुरू करा दिया गया है। निर्माण की गुणवत्ता पर नजर रखी जा रही है। अन्य अस्पतालों में भी काम शुरू कराने के लिए प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्र के सभी अस्पतालों में कोविड वार्ड बनने हैं। इसके लिए भवनों के निर्माण का काम भी कुछ अस्पतालों में शुरू करा दिया गया है। अन्य सीएचसी व पीएचसी में भी प्रक्रिया चल रही है। वार्डों के बनने के बाद कोरोना संक्रमितों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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70 अस्पतालों में 686 बेड क्षमता के वार्ड बनाए जाएंगे। पहले चरण में जिले की सात सीएचसी व दो पीएचसी में कोविड वार्ड के भवनों के निर्माण का काम शुरू हो गया है।
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अन्य अस्पतालों में भूमि चिह्नित की जा रही है। इन्हीं वार्डों में संक्रमित मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाएगा। हालात नाजुक होने की दशा में ही उन्हें कोविड के एल-2 या एल-3 अस्पतालों को रेफर किया जाएगा।
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कोरोना के खतरे को देखते हुए शासन ने ग्रामीण क्षेत्र के सभी अस्पतालों में कोविड वार्ड बनाने के आदेश दिए हैं। सीएचसी स्तर पर 20 बेड और पीएचसी में छह-छह बेड का कोविड वार्ड होगा।
अस्पताल परिसर या बगल में जमीन चिह्नित करके यह वार्ड बनने हैं, जिससे सीएचसी या पीएचसी का स्टाफ मरीजों की सेहत पर नजर रख सकेगा।
शासन की मंशा पर जमीन चिह्नित होने के बाद सीएचसी महराजगंज, दीनशाह गौरा, ऊंचाहार, शिवगढ़, रोहनियां, लालगंज, सरेनी में 20-20 बेड के कोविड वार्ड के भवन के निर्माण का काम शुरू हो गया है।
पीएचसी कटघर, अंबारा पश्चिम में भी छह-छह बेड का भवन बनना शुरू हो गया है। अन्य अस्पतालों में जमीन तलाशी जा रही है। जल्द ही भवनों के निर्माण का काम शुरू होगा। जमीन मिलते ही जिले की 19 सीएचसी और 51 पीएचसी में कोविड वार्ड स्थापित हो जाएंगे।
वार्ड में भर्ती कर संक्रमितों का तुरंत होगा इलाज
कोविड वार्ड के संचालन के बाद संक्रमितों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। संक्रमित होते ही वार्ड में उसे भर्ती करके इलाज शुरू कर दिया जाएगा।
अब तक संक्रमित होने की सूचना के बाद मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने में लंबा समय लग जाता था। अब गंभीर मरीजों को ही एल-2 या एल-3 अस्पतालों में शिफ्ट कराया जाएगा। दवा व मेडिकल सुविधा संबंधित अस्पतालों से वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों को उपलब्ध कराई जाएगी।
32.27 लाख में 20 बेड और 9.68 लाख में छह बेड का निर्माण
स्वास्थ्य विभाग के अवर अभियंता सुनील कुमार सिंह का कहना है कि शासन स्तर से ही निर्माण एजेंसी नामित हुई है। 32.27 लाख की लागत से 20 बेड के कोविड वार्ड और 9.68 लाख की लागत से छह बेड के कोविड वार्ड का निर्माण होना है। नौ अस्पतालों में जमीन चिह्नित होने के बाद निर्माण शुरू करा दिया गया है। निर्माण की गुणवत्ता पर नजर रखी जा रही है। अन्य अस्पतालों में भी काम शुरू कराने के लिए प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्र के सभी अस्पतालों में कोविड वार्ड बनने हैं। इसके लिए भवनों के निर्माण का काम भी कुछ अस्पतालों में शुरू करा दिया गया है। अन्य सीएचसी व पीएचसी में भी प्रक्रिया चल रही है। वार्डों के बनने के बाद कोरोना संक्रमितों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ