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गैर इरादतन हत्या में बेटे को 10 व पिता को चार वर्ष की सजा
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रायबरेली। सेशन कोर्ट ने खीरों थाना क्षेत्र से जुड़े करीब 10 साल पुराने गैर इरादतन हत्या के एक मामले में बेटे को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। 26 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में गैर इरादतन हत्या के आरोपी पिता को बरी कर दिया, लेकिन धमकाने के आरोप में चार वर्ष के कैद समेत 16 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश अब्दुल शाहिद ने शुक्रवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले प्रभारी डीजीसी (क्रिमिनल) अजय मौर्य के मुताबिक मामले की रिपोर्ट खीरों थाना क्षेत्र के बखरी निवासी राजाराम ने दर्ज कराई थी।
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रिपोर्ट के अनुसार 13 अगस्त 2011 को रात करीब दस बजे वादी अपने दरवाजे पर बैठा था। गांव के गुल्ले व शेरा वादी के दरवाजे आकर उसे गालियां देने लगे। मना करने पर वादी को लाठी डंडे व लात-घूंसों से मारा।
राजाराम को गंभीर चोटें आईं। मामला एनसीआर में दर्ज हुआ। राजाराम की मौत होने पर मुकदमा गैर इरादतन हत्या में तरमीम हुआ।
पुलिस ने विवेचना के बाद गुल्ले व उसके बेटे शेरा के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
कोर्ट ने साक्ष्य के आधार पर दोषसिद्ध होने पर गैर इरादतन हत्या के आरोप में बेटे को दस साल व धमकाने के आरोप में पिता को चार वर्ष के कारावास समेत अर्थदंड की सजा सुनाई।
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पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में गैर इरादतन हत्या के आरोपी पिता को बरी कर दिया, लेकिन धमकाने के आरोप में चार वर्ष के कैद समेत 16 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश अब्दुल शाहिद ने शुक्रवार को सुनाया।
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अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले प्रभारी डीजीसी (क्रिमिनल) अजय मौर्य के मुताबिक मामले की रिपोर्ट खीरों थाना क्षेत्र के बखरी निवासी राजाराम ने दर्ज कराई थी।
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रिपोर्ट के अनुसार 13 अगस्त 2011 को रात करीब दस बजे वादी अपने दरवाजे पर बैठा था। गांव के गुल्ले व शेरा वादी के दरवाजे आकर उसे गालियां देने लगे। मना करने पर वादी को लाठी डंडे व लात-घूंसों से मारा।
राजाराम को गंभीर चोटें आईं। मामला एनसीआर में दर्ज हुआ। राजाराम की मौत होने पर मुकदमा गैर इरादतन हत्या में तरमीम हुआ।
पुलिस ने विवेचना के बाद गुल्ले व उसके बेटे शेरा के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
कोर्ट ने साक्ष्य के आधार पर दोषसिद्ध होने पर गैर इरादतन हत्या के आरोप में बेटे को दस साल व धमकाने के आरोप में पिता को चार वर्ष के कारावास समेत अर्थदंड की सजा सुनाई।