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153 नई ग्राम सभाओं में खुलेंगी कोटे की दुकानें
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 04 Feb 2016 12:32 AM IST
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ग्रामीण अंचलों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली से अनाज के लिए लंबी दूरी तय करने से लोगों को जल्द ही राहत मिलने वाली है। परिसीमन के बाद 153 नई ग्राम सभाओं में कोटे की दुकानें खुलेंगी।
डीएम ने इस संबंध में सभी तहसीलों को निर्देश जारी किया है। इससे ग्रामीणों को अनाज के लिए भागदौड़ करने से राहत मिल सकेगी।
जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की 1020 दुकानें है। इनमें से कई ऐसी ग्राम सभाएं है, जिनके पुरवे काफी दूर-दूर बसे हैं। ऐसे में ग्रामीणों को अनाज के लिए पांच से छह किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है।
हाल ही में परिसीमन के दौरान 153 नई ग्राम पंचायतों का गठन हुआ है। शासन की ओर से अब इन ग्राम सभाओं में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानें खोलने के निर्देश दिए गए हैं।
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नई ग्राम पंचायतों में कोटे की दुकानें खुलने से लोगों को बेवजह की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। वहीं वितरण संबंधी जानकारी भी आसानी से हो सकेगी।
इस संबंध में डीएम की ओर से सभी तहसीलों को निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं। इससे इन ग्राम पंचायतों में दुकानें चयनित होने के आसार बढ़ गए हैं।
जिले में वर्तमान में 989 ग्राम पंचायत हो गई है। इससे पहले 836 ग्राम पंचायतें थी। परिसीमन के बाद 153 नई ग्राम पंचायत बन गई। इन सभी ग्राम पंचायतों में कोटा की दुकानों का चयन खुली बैठक में किया जाएगा।
इसके लिए संबंधित आपूर्ति निरीक्षक और एडीओ को जिम्मेदारी दी गई है। आम सहमति नहीं बनने पर मतदान प्रक्रिया कराया जाएगा।
जिला आपूर्ति अधिकारी वीआर अहिरवार ने बताया कि जिले में 153 नई ग्राम पंचायतों के साथ 22 खाली पड़ी दुकानों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
डीएम के निर्देश पर एसडीएम और खंड विकास अधिकारी के साथ आपूर्ति निरीक्षकों को पत्र भेजा गया है। एक महीने में चयन प्रक्रिया को पूरी करनी है।
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डीएम ने इस संबंध में सभी तहसीलों को निर्देश जारी किया है। इससे ग्रामीणों को अनाज के लिए भागदौड़ करने से राहत मिल सकेगी।
जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की 1020 दुकानें है। इनमें से कई ऐसी ग्राम सभाएं है, जिनके पुरवे काफी दूर-दूर बसे हैं। ऐसे में ग्रामीणों को अनाज के लिए पांच से छह किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है।
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हाल ही में परिसीमन के दौरान 153 नई ग्राम पंचायतों का गठन हुआ है। शासन की ओर से अब इन ग्राम सभाओं में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानें खोलने के निर्देश दिए गए हैं।
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नई ग्राम पंचायतों में कोटे की दुकानें खुलने से लोगों को बेवजह की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। वहीं वितरण संबंधी जानकारी भी आसानी से हो सकेगी।
इस संबंध में डीएम की ओर से सभी तहसीलों को निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं। इससे इन ग्राम पंचायतों में दुकानें चयनित होने के आसार बढ़ गए हैं।
जिले में वर्तमान में 989 ग्राम पंचायत हो गई है। इससे पहले 836 ग्राम पंचायतें थी। परिसीमन के बाद 153 नई ग्राम पंचायत बन गई। इन सभी ग्राम पंचायतों में कोटा की दुकानों का चयन खुली बैठक में किया जाएगा।
इसके लिए संबंधित आपूर्ति निरीक्षक और एडीओ को जिम्मेदारी दी गई है। आम सहमति नहीं बनने पर मतदान प्रक्रिया कराया जाएगा।
जिला आपूर्ति अधिकारी वीआर अहिरवार ने बताया कि जिले में 153 नई ग्राम पंचायतों के साथ 22 खाली पड़ी दुकानों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
डीएम के निर्देश पर एसडीएम और खंड विकास अधिकारी के साथ आपूर्ति निरीक्षकों को पत्र भेजा गया है। एक महीने में चयन प्रक्रिया को पूरी करनी है।