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एनएचएम बजट खर्च न करने पर सीएमएस से जवाब तलब
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Sat, 08 Oct 2016 12:05 AM IST
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केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी एनएचएम योजना के तहत मिले बजट को आम जनता के हित के लिए खर्च करने में अफसर कोताही बरत रहे हैं। पोषण पुर्नवास केंद्र में बच्चों को कुपोषण से मुक्त कराने व अन्य खर्चों के लिए जिला अस्पताल को पिछले साल 7.80 लाख रुपये दिए गए थे, लेकिन अफसरों ने इसका प्रयोग नहीं किया।
वित्तीय वर्ष बीतने के बाद भी करीब 6.83 हजार रुपये अब भी खाते में डंप पड़ा है। डीएम की नाराजगी पर सीएमओ ने सीएमएस से जवाब तलब किया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला अस्पताल में पोषण पुर्नवास केंद्र खोला गया है।
यहां पर कुपोषित बच्चों को रखकर खानपान व इलाज के जरिए उन्हें स्वस्थ बनाया जाता है। यही नहीं कुपोषित बच्चे की मां, उसे लाने वाली आशा बहू और एएनएम को भी प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
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इन सब खर्चों और केंद्र के संचालन में मूलभूत जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार से जिला अस्पताल को वित्तीय वर्ष 2015-16 में 7.80 लाख रुपये दिए गए थे। शासन की मंसानुरूप इस धन राशि को खर्च करने में अफसरों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई।
पूरा साल बीतने के बाद भी महज 96412 रुपये ही खर्च हो सके। डीएम अनुज कुमार झा ने इस पर असंतोष जताया और सीएमओ को विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी के तहत सीएमओ ने जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. एनके श्रीवास्तव से जवाब मांगा है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि पोषण पुर्नवास केंद्र के लिए वित्तीय वर्ष 2015-16 में जो धनराशि मिली थी, उसमें से ज्यादातर धनराशि खर्च नहीं हो सकी। इस संबंध में सीएमएस से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई होगी।
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वित्तीय वर्ष बीतने के बाद भी करीब 6.83 हजार रुपये अब भी खाते में डंप पड़ा है। डीएम की नाराजगी पर सीएमओ ने सीएमएस से जवाब तलब किया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला अस्पताल में पोषण पुर्नवास केंद्र खोला गया है।
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यहां पर कुपोषित बच्चों को रखकर खानपान व इलाज के जरिए उन्हें स्वस्थ बनाया जाता है। यही नहीं कुपोषित बच्चे की मां, उसे लाने वाली आशा बहू और एएनएम को भी प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
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इन सब खर्चों और केंद्र के संचालन में मूलभूत जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार से जिला अस्पताल को वित्तीय वर्ष 2015-16 में 7.80 लाख रुपये दिए गए थे। शासन की मंसानुरूप इस धन राशि को खर्च करने में अफसरों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई।
पूरा साल बीतने के बाद भी महज 96412 रुपये ही खर्च हो सके। डीएम अनुज कुमार झा ने इस पर असंतोष जताया और सीएमओ को विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी के तहत सीएमओ ने जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. एनके श्रीवास्तव से जवाब मांगा है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि पोषण पुर्नवास केंद्र के लिए वित्तीय वर्ष 2015-16 में जो धनराशि मिली थी, उसमें से ज्यादातर धनराशि खर्च नहीं हो सकी। इस संबंध में सीएमएस से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई होगी।