{"_id":"57bde8354f1c1b487ed4eef2","slug":"closet-collapse-farmer-s-death-wife-critically","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोठरी ढहने से किसान की मौत, पत्नी गंभीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोठरी ढहने से किसान की मौत, पत्नी गंभीर
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Thu, 25 Aug 2016 12:02 AM IST
विज्ञापन
house collapse
- फोटो : getty images
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डलमऊ कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार रात कच्ची कोठरी ढहने से एक किसान की मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी घायल हो गई। उसको सीएचसी डलमऊ में भर्ती कराया गया है। यह हादसा उस समय हुआ, जब दोनों छप्पर के नीचे सो रहे थे।
इसी दौरान बारिश के चलते सीलन की वजह से कोठरी ढह गई। पुलिस और तहसील प्रशासन के अधिकारी पहुंचे। पुलिस ने लिखापढ़ी के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिलाने की बात कही है।
डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के हरबतियापुर मजरे भगवानपुर टपे तेरुखा गांव निवासी सुक्खन रैदास (58) किसानी करता था। रात में सुक्खन कोठरी पर रखे छप्पर के नीचे पत्नी परागा (55) के साथ सो रहा था। बारिश के चलते आई सीलन से कोठरी देर रात अचानक भरभराकर छप्पर समेत ढह गई।
विज्ञापन
इससे छप्पर के नीचे सो रहे दंपती मलबे में दब गए। कोठरी गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला। आनन-फानन दोनों को सीएचसी डलमऊ पहुंचाया। जहां डॉक्टर ने सुक्खन को मृत घोषित कर दिया।
किसान की मौत से परिवारीजनों में कोहराम मच गया। हादसे की सूचना पर एसडीएम क्षत्रपाल और कोतवाल ओपी यादव फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। एसडीएम ने बताया कि दैवीय आपदा के तहत पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की मदद दी जाएगी।
डलमऊ कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार रात दीवार गिरने से दंपती घायल हो गए। बनपुरवा मजरे कुंडवल गांव निवासी जागेश्वर (32), उसकी पत्नी अनीता (28) छप्पर के नीचे सो रहे थे। इसी दौरान कच्ची दीवार भरभराकर ढह गई।
दोनों मलबे में दबकर घायल हो गए। ग्रामीणों ने दोनों को बाहर निकाला और सीएचसी डलमऊ पहुंचाया। कोतवाल ओपी यादव का कहना है कि दीवार गिरने से हादसा हुआ।
विज्ञापन
इसी दौरान बारिश के चलते सीलन की वजह से कोठरी ढह गई। पुलिस और तहसील प्रशासन के अधिकारी पहुंचे। पुलिस ने लिखापढ़ी के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिलाने की बात कही है।
विज्ञापन
डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के हरबतियापुर मजरे भगवानपुर टपे तेरुखा गांव निवासी सुक्खन रैदास (58) किसानी करता था। रात में सुक्खन कोठरी पर रखे छप्पर के नीचे पत्नी परागा (55) के साथ सो रहा था। बारिश के चलते आई सीलन से कोठरी देर रात अचानक भरभराकर छप्पर समेत ढह गई।
विज्ञापन
इससे छप्पर के नीचे सो रहे दंपती मलबे में दब गए। कोठरी गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला। आनन-फानन दोनों को सीएचसी डलमऊ पहुंचाया। जहां डॉक्टर ने सुक्खन को मृत घोषित कर दिया।
किसान की मौत से परिवारीजनों में कोहराम मच गया। हादसे की सूचना पर एसडीएम क्षत्रपाल और कोतवाल ओपी यादव फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। एसडीएम ने बताया कि दैवीय आपदा के तहत पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की मदद दी जाएगी।
डलमऊ कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार रात दीवार गिरने से दंपती घायल हो गए। बनपुरवा मजरे कुंडवल गांव निवासी जागेश्वर (32), उसकी पत्नी अनीता (28) छप्पर के नीचे सो रहे थे। इसी दौरान कच्ची दीवार भरभराकर ढह गई।
दोनों मलबे में दबकर घायल हो गए। ग्रामीणों ने दोनों को बाहर निकाला और सीएचसी डलमऊ पहुंचाया। कोतवाल ओपी यादव का कहना है कि दीवार गिरने से हादसा हुआ।