फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   child going to school in Jalopy vehicle, violation of rules

नियमों का उल्लंघन कर खटारा वाहन से स्कूल जा रहे बच्चे

Sat, 21 Jan 2017 12:02 AM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे Updated Sat, 21 Jan 2017 12:02 AM IST
विज्ञापन
child going to school in Jalopy vehicle, violation of rules
रायबरेली में शुक्रवार को स्कूल में छुट्टी होने के बाद ऑटो पर बैठकर जाते छात्र। - फोटो : अमर उजाला
अधिक कमाई की चाहत में स्कूल संचालकों ने नियम-कानून को ताक पर रख दिया है। मनमाने तरीके से स्कूली बसों व टेम्पो से बच्चे ढोए जा रहे हैं। स्कूल जाने वाले लाडलों पर हर दिन खतरा मंडराता है, लेकिन मनमाने तरीके से चलाई जा रही बसों पर शिकंजा नहीं कसा जा रहा है।
विज्ञापन


खास बात ये है कि एटा में हुए हादसे के बाद भी इससे कोई सबक नहीं लिया गया। नतीजतन शुक्रवार को भी मनमाने तरीके से बच्चे ढोए गए। एआरटीओ कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक यहां पर 155 स्कूली बसें और 52 मैजिक संचालित हैं।
विज्ञापन


स्कूल में टेम्पो नहीं लगाए गए हैं। बावजूद कई ऐसे स्कूल हैं, जहां पर टेम्पो से बच्चे ढोए जा रहे हैं। कुछ ऐसी बसें हैं, जो जर्जर हैं। फिर भी उनकी रंगाई-पुताई कर सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है। एलपीजी किट लगे वाहन भी दौड़ाए जा रहे हैं। जो कोर्ट के निर्देश हैं, उनका अनुपालन नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


परिवहन विभाग के अफसरों के मुताबिक जिले में अलग-अलग बसें होती हैं। इसमें 42, 52, 32 और 22 सीटर बसें होती हैं। यदि बडे़ छात्र हैं तो जितने सीटें हैं, उतने छात्र-छात्राएं बैठाए जाने का नियम है। यदि छोटे बच्चे यानि कक्षा चार, पांच के बच्चे हैं तो इनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है।

पर ऐसा नहीं हो रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि एटा की घटना बहुत दुखद है। स्कूल संचालकों को नियम के तहत गाड़ियों का संचालन करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर कार्रवाई की जाएगी।

इन मानकों को पूरा करना होता जरूरी - बस पर स्कूल का व मोबाइल नंबर दर्ज हो। - चालक का नाम व मोबाइल नंबर बस में लिखा हो। - चालक का कार्मिशियल लाइसेंस पांच साल पुराना हो। - बस पर चालक के लाइसेंस की वैधता लिखी हो। - बस में अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था हो।

कोई हादसा होने पर दवाइयों की व्यवस्था हो।- बच्चों के लिए बस पर नेक रेस्ट की व्यवस्था हो।- बच्चों के ब्लड ग्रुप की जानकारी भी दर्ज हो।- ड्राइवर व क्लीनर में वर्दी में होना चाहिए।- चालकों के पास बच्चोें के नाम और फोन नंबर लिखा रजिस्टर हो।


एआरटीओ प्रवर्तन अजय यादव का कहना है कि  एटा में हुए हादसे के बाद सख्ती बरती जा रही है। शुक्रवार को चेकिंग चलाकर आठ स्कूली बसों का चालान किया गया। सभी स्कूल संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि जो नियम हैं, उसी के तहत गाड़ियों का संचालन किया जाए। ऐसा न करने पर कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed