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बाउंड्रीवाल न होने से स्कूल में लगता छुट्टा मवेशियों का डेरा
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बाउंड्रीवाल न होने से स्कूल में लगता छुट्टा मवेशियों का डेरा
क्रासर
बच्चों की सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं अधिकारी
फोटो - 30
माई सिटी रिपोर्टर
जगतपुर (रायबरेली)। विकास क्षेत्र के रोझइया भीखमशाह में संचालित बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों के बच्चों की सुरक्षा के प्रति अफसर कतई गंभीर नहीं हैं। यही वजह है कि विद्यालयों में अब तक बाउंड्रीवाल नहीं बन सकी है। इससे विद्यालय परिसर में छुट्टा मवेशियों का डेरा लगा रहता है। बच्चे कमरों में दुबके रहते हैं। बाहर निकलने पर छुट्टा मवेशी धावा बोल देते हैं। कई बार अफसरों से गुहार लगाई गई लेकिन बाउंड्रीवाल नहीं बन सकी।
रोझइया भीखमशाह में परिषदीय विद्यालय व राजकीय हाईस्कूल एक परिसर में चलते हैं। प्राथमिक विद्यालय में 83 बालक, 75 बालिकाएं, उच्च प्राथमिक विद्यालय में 87 बालक, 95 बालिकाएं और राजकीय हाईस्कूल में 31 बालक व 41 बालिकाएं नामांकित हैं। विद्यालय के मुख्य द्वार से एक तरफ का भाग रामगढ़ टिकरिया संपर्क मार्ग पर पड़ता है। यह मार्ग सलोन रोड से जुड़ता है। इस मार्ग पर हमेशा आवागमन होता रहता है। इस हिस्से की तरफ वर्ष 2006 में बाउंड्रीवाल बनवाई गई थी लेकिन यह चारदीवारी कुछ समय बाद टूट गई।
विद्यालय के पिछले भाग की तरफ बड़ा तालाब है जिससे हर समय बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। सड़क की तरफ भी बाउंड्रीवाल टूट जाने से खतरे का अंदेशा रहता है। बाउंड्रीवाल न होने से हर तरफ से विद्यालय खुला है जिससे विद्यालय परिसर में छुट्टा मवेशियों का डेरा लगा रहता है। इससे विद्यालय में पढ़ाई का माहौल नहीं बन पाता है। अक्सर मवेशी कक्षाओं में घुस आते हैं जिससे अफरातफरी मच जाती है। विद्यालयों के स्टाफ ने कई बार अधिकारियों को पत्र भेजे लेकिन कोई हल नहीं निकला।
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वर्जन:
बाउंड्रीवाल को लेकर कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इससे अभिभावकों में नाराजगी है।
-मो. कयूम, ग्राम प्रधान
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क्रासर
बच्चों की सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं अधिकारी
फोटो - 30
माई सिटी रिपोर्टर
जगतपुर (रायबरेली)। विकास क्षेत्र के रोझइया भीखमशाह में संचालित बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों के बच्चों की सुरक्षा के प्रति अफसर कतई गंभीर नहीं हैं। यही वजह है कि विद्यालयों में अब तक बाउंड्रीवाल नहीं बन सकी है। इससे विद्यालय परिसर में छुट्टा मवेशियों का डेरा लगा रहता है। बच्चे कमरों में दुबके रहते हैं। बाहर निकलने पर छुट्टा मवेशी धावा बोल देते हैं। कई बार अफसरों से गुहार लगाई गई लेकिन बाउंड्रीवाल नहीं बन सकी।
रोझइया भीखमशाह में परिषदीय विद्यालय व राजकीय हाईस्कूल एक परिसर में चलते हैं। प्राथमिक विद्यालय में 83 बालक, 75 बालिकाएं, उच्च प्राथमिक विद्यालय में 87 बालक, 95 बालिकाएं और राजकीय हाईस्कूल में 31 बालक व 41 बालिकाएं नामांकित हैं। विद्यालय के मुख्य द्वार से एक तरफ का भाग रामगढ़ टिकरिया संपर्क मार्ग पर पड़ता है। यह मार्ग सलोन रोड से जुड़ता है। इस मार्ग पर हमेशा आवागमन होता रहता है। इस हिस्से की तरफ वर्ष 2006 में बाउंड्रीवाल बनवाई गई थी लेकिन यह चारदीवारी कुछ समय बाद टूट गई।
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विद्यालय के पिछले भाग की तरफ बड़ा तालाब है जिससे हर समय बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। सड़क की तरफ भी बाउंड्रीवाल टूट जाने से खतरे का अंदेशा रहता है। बाउंड्रीवाल न होने से हर तरफ से विद्यालय खुला है जिससे विद्यालय परिसर में छुट्टा मवेशियों का डेरा लगा रहता है। इससे विद्यालय में पढ़ाई का माहौल नहीं बन पाता है। अक्सर मवेशी कक्षाओं में घुस आते हैं जिससे अफरातफरी मच जाती है। विद्यालयों के स्टाफ ने कई बार अधिकारियों को पत्र भेजे लेकिन कोई हल नहीं निकला।
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वर्जन:
बाउंड्रीवाल को लेकर कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इससे अभिभावकों में नाराजगी है।
-मो. कयूम, ग्राम प्रधान