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Raebareli News: झाड़ियों से पटी नहरें, कैसे हो सिंचाई
Mon, 16 Jun 2025 01:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Mon, 16 Jun 2025 01:07 AM IST
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परशदेपुर क्षेत्र में झाड़ियों से पटा डीह रजबहा।
रायबरेली। जिले की नहरों में झाड़ियां और सिल्ट जमा होने के चलते किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। यह हाल तब है, जब इस बार नहरों की सफाई में करीब सात करोड़ रुपये खर्च किए गए। सफाई के नाम पर केवल औपचारिकता हुई। यही वजह है कि जब कभी नहरों में पानी छोड़ा जाता है तो टेल तक पहुंचने से पहले ही पटरी कट जाती है। इस समय धान की बेड़न डालने के लिए किसानों को पानी का इंतजार है, लेकिन नहरों में धूल उड़ रही है।
जिले में करीब 435 नहरें हैं। इनसे करीब चार लाख किसान अपने खेतों की सिंचाई करते हैं। नहरों की सफाई साल भर में एक बार कराई जाती है। इस बार सभी माइनराें और जरूरत के हिसाब से रजबाहों की सफाई कराई गई। सफाई के नाम पर करीब सात करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। डीह ब्लॉक क्षेत्र में डीह रजबहा से 72 नहरों में पानी पहुंचता है। रजबहे में बड़ी-बड़ी झड़ियां उगी हैं।
इसके चलते रजबहे से जुड़ी माइनरों में पानी नहीं पहुंच रहा है। इसी तरह सलोन, खीरों, बछरावां, डलमऊ, दीनशाह गौरा, ऊंचाहार, राही ब्लॉक क्षेत्र में बड़ी संख्या में नहरों की सफाई के नाम पर खानापूर्ति की गई। इसके चलते किसानों को सिंचाई की समस्या से जूझना पड़ रहा है। सतांव ब्लाॅक में मौरावां रजबहा, नरी चक माइनर झाड़ियों से पटी है। दोनों माइनरों में बड़ी-बड़ी घास उगी है। सिल्ट की सफाई नहीं कराई गई।
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नहरों में पानी न आने के कारण किसानों को धान की नर्सरी डालने की चिंता सता रही है। रंजीत कुमार ने बताया कि उन्हें धान की नर्सरी करनी है, लेकिन नहर में पानी न आने के कारण धान की रोपाई विलंब से करनी पड़ेगी। बंडे गांव के ललऊ ने बताया कि नरी चक माइनर में अभी तक पानी नहीं आया हुआ है। जब कभी पानी छोड़ा जाता है, तो टेल तक पानी नहीं पहुंचता। इसके चलते निजी नलकूपों के सहारे खेती करनी पड़ रही है।
400 बीघा फसल हुई जलमग्न
नहरों में झाड़ियां उगी हैं। टेल तक पानी पहुंचाने के चक्कर में इस बार करीब 15 नहरों की पटरियों में कटान हुई। इसके चलते करीब 400 बीघा गेहूं की फसल जलमग्न हुई। ऊंचाहार, डलमऊ, दीनशाह गौरा और सदर तहसील क्षेत्र में सबसे ज्यादा नहर की पटरियों में कटान हुई। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा। खास बात यह है कि कटान से होने वाली फसलों के नुकसान का मुआवजा भी सिंचाई विभाग की ओर से नहीं दिया जाता।
नहीं बरती गई सिल्ट सफाई में लापरवाही
बजट के हिसाब से माइनरों और रजबाहों की सफाई कराई गई। काम में कोई लापरवाही नहीं बरती गई। इस समय ऊपर से पानी नहीं आ रहा है। इसके चलते नहरों में पानी नहीं पहुंच रहा है। जल्द ही नहरों में पानी छोड़ा जाएगा।
- रामविलाश सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड दक्षिणी
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जिले में करीब 435 नहरें हैं। इनसे करीब चार लाख किसान अपने खेतों की सिंचाई करते हैं। नहरों की सफाई साल भर में एक बार कराई जाती है। इस बार सभी माइनराें और जरूरत के हिसाब से रजबाहों की सफाई कराई गई। सफाई के नाम पर करीब सात करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। डीह ब्लॉक क्षेत्र में डीह रजबहा से 72 नहरों में पानी पहुंचता है। रजबहे में बड़ी-बड़ी झड़ियां उगी हैं।
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इसके चलते रजबहे से जुड़ी माइनरों में पानी नहीं पहुंच रहा है। इसी तरह सलोन, खीरों, बछरावां, डलमऊ, दीनशाह गौरा, ऊंचाहार, राही ब्लॉक क्षेत्र में बड़ी संख्या में नहरों की सफाई के नाम पर खानापूर्ति की गई। इसके चलते किसानों को सिंचाई की समस्या से जूझना पड़ रहा है। सतांव ब्लाॅक में मौरावां रजबहा, नरी चक माइनर झाड़ियों से पटी है। दोनों माइनरों में बड़ी-बड़ी घास उगी है। सिल्ट की सफाई नहीं कराई गई।
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नहरों में पानी न आने के कारण किसानों को धान की नर्सरी डालने की चिंता सता रही है। रंजीत कुमार ने बताया कि उन्हें धान की नर्सरी करनी है, लेकिन नहर में पानी न आने के कारण धान की रोपाई विलंब से करनी पड़ेगी। बंडे गांव के ललऊ ने बताया कि नरी चक माइनर में अभी तक पानी नहीं आया हुआ है। जब कभी पानी छोड़ा जाता है, तो टेल तक पानी नहीं पहुंचता। इसके चलते निजी नलकूपों के सहारे खेती करनी पड़ रही है।
400 बीघा फसल हुई जलमग्न
नहरों में झाड़ियां उगी हैं। टेल तक पानी पहुंचाने के चक्कर में इस बार करीब 15 नहरों की पटरियों में कटान हुई। इसके चलते करीब 400 बीघा गेहूं की फसल जलमग्न हुई। ऊंचाहार, डलमऊ, दीनशाह गौरा और सदर तहसील क्षेत्र में सबसे ज्यादा नहर की पटरियों में कटान हुई। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा। खास बात यह है कि कटान से होने वाली फसलों के नुकसान का मुआवजा भी सिंचाई विभाग की ओर से नहीं दिया जाता।
नहीं बरती गई सिल्ट सफाई में लापरवाही
बजट के हिसाब से माइनरों और रजबाहों की सफाई कराई गई। काम में कोई लापरवाही नहीं बरती गई। इस समय ऊपर से पानी नहीं आ रहा है। इसके चलते नहरों में पानी नहीं पहुंच रहा है। जल्द ही नहरों में पानी छोड़ा जाएगा।
- रामविलाश सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड दक्षिणी