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हड़ताल पर भट्ठा मालिक, 290 भट्ठों की चिमनी हुई बंद
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रायबरेली। जिले के भट्ठा मालिक हड़ताल पर चले गए हैं। भट्ठा मालिकों की हड़ताल से जिले के 290 भट्ठों की चिमनी बंद हो गई है। सभी का कहना है कि जीएसटी लगने और अब कोयला महंगा होने से ईंट और महंगी हो रही है।
लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित सेंट पीटर्स स्कूल के पास सोमवार को ईंट निर्माता संघ की बैठक में सभी भट्ठा मालिकों ने एलान किया कि जब तक उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जाता, तब तक हम लोग अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। मांगों के न माने जाने तक ईंट उत्पादन कार्य नहीं किया जाएगा। प्रत्येक भट्ठा स्वामी न कोयला, लकड़ी खरीदेगा और न ही श्रमिकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा।
प्रदेश उपाध्यक्ष चरनजीत तलवार ने कहा कि यदि ईंट बिक्री पर जीएसटी नहीं घटाई जाएगी तो ईंट महंगी हो जाएगी। बाराबंकी के जिलाध्यक्ष शेषमणि तिवारी ने कहा कि कोयले की कीमतें जो आठ हजार से नौ हजार प्रति टन रहती थी, इस सीजन में 18 हजार और 20 हजार प्रति टन तक पहुंच गई हैं।
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इससे ईट उत्पादन की लागत बहुत बढ़ गई है। जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह त्यागी एवं जिला महामंत्री विमल तलरेजा ने कहा कि सरकार गुहार नहीं सुन रही है, मजबूर होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की गई है। बैठक में जीएसटी एक फीसदी फिर से किए जाने, कोयला उचित मूल्य पर दिलाए जाने, पुलिस का उत्पीड़न बंद किए जाने, लाल ईंट की खपत सरकारी योजनाओं में बढ़ाए जाने समेत कई मांगें की गई।
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लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित सेंट पीटर्स स्कूल के पास सोमवार को ईंट निर्माता संघ की बैठक में सभी भट्ठा मालिकों ने एलान किया कि जब तक उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जाता, तब तक हम लोग अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। मांगों के न माने जाने तक ईंट उत्पादन कार्य नहीं किया जाएगा। प्रत्येक भट्ठा स्वामी न कोयला, लकड़ी खरीदेगा और न ही श्रमिकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा।
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प्रदेश उपाध्यक्ष चरनजीत तलवार ने कहा कि यदि ईंट बिक्री पर जीएसटी नहीं घटाई जाएगी तो ईंट महंगी हो जाएगी। बाराबंकी के जिलाध्यक्ष शेषमणि तिवारी ने कहा कि कोयले की कीमतें जो आठ हजार से नौ हजार प्रति टन रहती थी, इस सीजन में 18 हजार और 20 हजार प्रति टन तक पहुंच गई हैं।
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इससे ईट उत्पादन की लागत बहुत बढ़ गई है। जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह त्यागी एवं जिला महामंत्री विमल तलरेजा ने कहा कि सरकार गुहार नहीं सुन रही है, मजबूर होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की गई है। बैठक में जीएसटी एक फीसदी फिर से किए जाने, कोयला उचित मूल्य पर दिलाए जाने, पुलिस का उत्पीड़न बंद किए जाने, लाल ईंट की खपत सरकारी योजनाओं में बढ़ाए जाने समेत कई मांगें की गई।